मध्य प्रदेश: ऑक्सीजन खरीदी पर उद्धव सरकार पर शिवराज सिंह चौहान का बड़ा आरोप, ये है वजह

कोरोना संकट: ऑक्सीजन खरीदी पर महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश सरकार में जुबानी वार

कोरोना संकट: ऑक्सीजन खरीदी पर महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश सरकार में जुबानी वार

सीएम शिवराज ने कहा कि कोरोना संकट में महाराष्ट्र सरकार मध्य प्रदेश को ऑक्सीजन सप्लाई देने में अड़चन पैदा कर रही है. महाराष्ट्र की निर्माता कंपनियों को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के जो आर्डर दिए थे. उन्हें महाराष्ट्र सरकार के दबाव में नहीं भेजा जा रहा है.

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  • Last Updated: April 18, 2021, 12:19 AM IST
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भोपाल. कोरोना (Corona) संकटकाल में अब राज्यों के बीच आरोपों का दौर भी तेज हो गया है. एमपी सरकार (MP government) ने महाराष्ट्र पर बड़ा आरोप लगाया है. कोरोना संक्रमण को लेकर बुलाई गई सीएम शिवराज की समीक्षा बैठक में बताया गया है कि मध्य प्रदेश ने महाराष्ट्र की निर्माता कंपनियों पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के जो आर्डर दिए थे. उन्हें महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra government) के दबाव में नहीं भेजा जा रहा है. सरकार का आरोप है कि महाराष्ट्र सरकार प्रदेश में कंसंट्रेटर भेजने पर रोक लगाने के लिए दबाव बना रही है।

प्रदेश में अभी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर 2000 आ चुके हैं, अब 650 कंसंट्रेटर और आएंगे. 1300 कंसंट्रेटर जिला स्तर पर कलेक्टर ने और खरीदे है. लेकिन सरकार महाराष्ट्र से ही ऑक्सीजन कंसंट्रेटर खरीद रही है. ऐसे में अब महाराष्ट्र से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मिलना मुश्किल होता हुआ नजर आ रहा है. इसके पीछे एक वजह महाराष्ट्र में तेजी के साथ फैला कोरोना का संक्रमण भी बताया जा रहा है.

हरिद्वार कुंभ से आने वालों को होना होगा आइसोलेशन, गृह विभाग ने जारी किए निर्देश

वहीं दूसरी तरफ हरिद्वार कुंभ से लौटने वालों में कोरोना संक्रमण मिलने की खबरों के बाद सरकार ने बड़ा फैसला किया है. गृह विभाग ने सभी जिलों का आदेश जारी किए हैं कि जो लोग कुंभ हरिद्वार से लौटे हैं उनको आईडेंटिफाई किया जाए. ऐसे लोगों की पहचान कर उनको होम आइसोलेशन क्वारंटीन किया जाए .  गृह विभाग की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि जो लोग हरिद्वार कुंभ से लौटे हैं वह जिला प्रशासन को अपनी जानकारी दें और होम आइसोलेशन में जाएं. स्थानीय लोग भी यह जानकारी जिला प्रशासन को दे सकते हैं कि उनके आसपास रहने वाले कौन हरिद्वार कुंभ से लौटे हैं. उसके बाद जिला प्रशासन स्तर पर ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें होम क्वॉरेंटाइन किया जाएगा.
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