MP : कांग्रेस विधायक राहुल लोधी के इस्तीफे के बाद शिवराज और कमल नाथ में ठन गई ! 

राहुल लोधी के बीजेपी में जाने से कांग्रेस के अब 87 विधायक रह गए हैं.
राहुल लोधी के बीजेपी में जाने से कांग्रेस के अब 87 विधायक रह गए हैं.

पूर्व सीएम कमलनाथ (Kamalnath) ने लिखा-भाजपा को लोकतंत्र में विश्वास नहीं है.भाजपा (BJP) को जनादेश में विश्वास नहीं, भाजपा को नैतिकता में विश्वास नहीं, भाजपा को जनता के वोट में विश्वास नहीं, भाजपा का विश्वास सिर्फ़ सौदेबाज़ी में है.

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भोपाल.कांग्रेस (Congress) के एक और विधायक के इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj) और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamalnath) के बीच ठन गई है. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आरोप लगाया कि बीजेपी का विश्वास सिर्फ सौदेबाजी में है. इस पर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सलाह दी कि कांग्रेस को आत्ममंथन करने की जरूरत है.

कांग्रेस के आरोपों पर सीएम शिवराज ने कहा खरीद फरोख्त के आरोप लगाने में कांग्रेस नेताओं को क्या शर्म नहीं आती ? क्या पूरी कांग्रेस बिकाऊ है ? सीएम की मानें तो कांग्रेस में अब टिकाऊ लायक कुछ नहीं बचा. कांग्रेस को अब आत्म चिंतन की ज़रूरत है. एमपी में कमल नाथ कांग्रेस चल रही है जबकि दिल्ली में राहुल गांधी कांग्रेस. दिग्विजय और कमल नाथ ने पूरे प्रदेश को बेच दिया था. वल्लभ भवन को दलाली का अड्डा बना दिया था.

कमल नाथ ने किया पलटवार
दमोह से कांग्रेस विधायक राहुल लोधी के इस्तीफ़े पर पूर्व सीएम और पीसीसी चीफ कमल नाथ ने पलटवार किया. कमल नाथ ने ट्वीट में लिखा कि भाजपा को पता है 10 नवंबर को क्या परिणाम आने वाले हैं. अपनी संभावित करारी हार का अंदेशा उन्हें हो चला है.उनकी सत्ता की हवस,तड़प और बौखलाहट साफ़ दिखायी दे रही है.भाजपा को लोकतंत्र में विश्वास नहीं है.भाजपा को जनादेश में विश्वास नहीं, भाजपा को नैतिकता में विश्वास नहीं, भाजपा को जनता के वोट में विश्वास नहीं, भाजपा का विश्वास सिर्फ़ सौदेबाज़ी में है. इनका विश्वास अभी भी सिर्फ़ नोट में है. प्रदेश को देशभर में इतना बदनाम और कलंकित करने के बाद अभी भी बाज नहीं आ रहे हैं. अभी भी राजनीति को बिकाऊ बनाने में लगे हुए हैं. प्रदेश पर निरंतर उपचुनाव का बोझ डालते जा रहे हैं. प्रदेश को ये कहां ले जाएंगे.



करो या मरो का  सवाल
मध्यप्रदेश में विधानसभा उपचुनाव बीजेपी और कांग्रेस के लिए करो या मरो का सवाल हो गया है. उपचुनाव के नतीजों पर ही यह आधारित रहेगा कि मध्यप्रदेश में कौन सी पार्टी सत्ता पर राज करेगी. बहुमत के लिहाज से बीजेपी को बहुत कम सीटों की जरूरत है जबकि कांग्रेस को सभी 28 सीटें जीतना जरूरी है.कांग्रेस बिकाऊ और टिकाऊ का मुद्दा लेकर जनता के बीच जा रही है जबकि बीजेपी का कहना यह है कि कांग्रेस ने ना तो अपने नेताओं की सुनी और न प्रदेश की जनता की सुनी. ऐसे में अब जनता खुद यह तय करेगी कि वह किसके साथ है.
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