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अमन की बात : फिल्म इंडस्ट्री में कुछ भी निश्चित नहीं, स्टारडम अपने पर हावी न होने दें, Video

Bhopal. टीवी जगत के लोकप्रिय कलाकार अमन वर्मा भोपाल आए हुए हैं.

Bhopal. टीवी जगत के लोकप्रिय कलाकार अमन वर्मा भोपाल आए हुए हैं.

Talk with Aman Verma : अमन वर्मा अपने सफलता के इस सफर के बारे में बताते हैं कि कई बार लगा मैं गलत रास्ते पर निकल गया हू ...अधिक पढ़ें

अमन वर्मा की आवाज भी पहचान है. वो कहते हैं बचपन में जब लगा कि मैं एक्टिंग करना चाहता हूं तो उससे जुड़ी हर चीज करने लगा जब मैं बड़ा हो रहा था तब मेरी आवाज़ पतली थी. जैसे-जैसे आप बड़े होते हैं आपकी आवाज़ में मेच्योरिटी आती है. I’m Happy कि अब लोग मुझे मेरी आवाज़ से भी पहचानते हैं.

वो शुरुआती दिन..
अपने करियर की शुरुआत याद करते हुए अमन वर्मा बताते हैं कि बचपन से उन्हें एक्टर बनने का शौक था. बॉम्बे में संघर्ष बहुत है ये बात सुन रखी थी. तो वही बात दिमाग में घूम रही थी. लेकिन 22-23 साल की उम्र में मैंने फैसला किया कि मैं अगर अभी नहीं जाऊंगा तो कभी नहीं जा पाऊंगा. वो कहते हैं अगर आपको रिस्क लेना है तो सही समय पर लेना चाहिए. बतौर अभिनेता बॉम्बे सही समय पर पहुंचना, सही समय पर सफलता के साथ पहचान मिलना और पैसा… सब एकसाथ होता है तब आपका व्यक्तित्व निखरता है.

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5 साल संघर्ष
अमन वर्मा बताते हैं कि 1996 में मैं बॉम्बे पहुंचा था. वहां 5 साल संघर्ष करना पड़ा. 2001 में 2-3 प्रोजेक्ट को सफलता के साथ पहचान मिली. सफलता अगर आसानी से मिल जाती तो शायद मैं उसका महत्व ठीक तरह से समझ नहीं पाता. मैं खुश हूं कि लोगों का प्यार मुझे मिला और मिल रहा है.

सफलता को पचा पाना मुश्किल
अमन वर्मा अपने सफलता के इस सफर के बारे में बताते हैं कि कई बार लगा मैं गलत रास्ते पर निकल गया हूं. आदमी का दिमाग एक हद तक ही सफलता को पचा पाता है. मेरे साथ भी यही हुआ. 2000 से सफलता पाते पाते शायद 2004-5 तक बहुत सारे फैसले जो मैंने लिए थे वो गलत थे. कई जगहों पर लगा कि ये रास्ता नहीं चुनना था. लेकिन वो ही हुआ. 2006-07 तक मैं उस बात को समझ गया कि मैंने बहुत सारी गलतियां की हैं. 2008-09 से मैंने गलतियों को सुधारना शुरू कर दिया था. लेकिन आज शायद मेरा करियर ग्राफ किसी और लेवल पर होता अगर मुझे इंडस्ट्री के बारे में कोई इंसान समझाने वाला होता कि कैसे काम करते हैं. अकेले आया था. स्ट्रगल किया… मेहनत की… पैसा कमाया… नाम आ गया… दिमाग में बात आ जाती है कि सब कुछ किया तो अकेले. वो याद करते हैं कि कभी किसी ने उनका साथ नहीं दिया. बस यही सब चीज़ें दिमाग में घूमने लगती हैं. तो अहंकार आ गया. कभी किसी से थोड़ी सी बदतमीज़ी भी हो गई. कई बार शूटिंग छोड़कर चला गया. किसी सीनियर आदमी को बुरा भला कह दिया. कहीं पर गाली-गलौच हो गई. वो एक दौर सबके साथ आता है. आपके ऊपर है कि आप अपनी सफलता को कैसे कंट्रोल करते हो

Tags: Bhopal news update, Madhya pradesh latest news

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