पिछले दिनों के मुकाबले अब कम जल रही चिताएं, जानिए कितनी कम हो गई कोरोना से मौत की संख्या

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना से होने वाली मौतों का सिलसिला अब कम हो रहा है. (File)

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना से होने वाली मौतों का सिलसिला अब कम हो रहा है. (File)

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल. कुछ दिनों पहले तक यहां विश्राम घाटों और कब्रिस्तान में कोरोना से मरने वाले लोगों के ढेरों शव आ रहे थे. अब ये सिलसिला थमता हुआ दिखाई दे रहा है.

  • Last Updated: May 28, 2021, 12:31 PM IST
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भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना का कहर कम होने के साथ-साथ मौत का आंकड़ा भी कम होने लगा है. जिन विश्राम घाट और कब्रिस्तान में कोरोना प्रोटोकॉल के तहत 150 से ज्यादा शवों का अंतिम संस्कार होता था, अब वही यह आंकड़ा कई गुना कम हो गया है. शहर के मुख्य सुभाषनगर विश्राम घाट, भदभदा विश्राम घाट और झदा कब्रिस्तान की सूरत अब पूरी तरह बदल गई है.

शहर के विश्राम घाटों और कब्रिस्तान में अब कोरोना संक्रमित शवों के अंतिम संस्कार के लिए मारामारी होना बंद हो गई है. पहले यहां अंतिम संस्कार के लिए लाइन लग रही थी और जगह कम पड़ी रही थी. लेकिन, अब हालात सुधरने लगे हैं. एक समय ऐसा था जब 150 से ज्यादा शवों का अंतिम संस्कार कोरोना प्रोटोकॉल के तहत किया जाता था, लेकिन अब ये आंकड़ा 30 से भी कम हो गया है.  गुरुवार को 25 शवों का कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार किया गया.

सरकार बता रही कम संख्या

जानकारी के मुताबिक, सुभाषनगर विश्राम घाट में 8, भदभदा विश्राम घाट में 16 शवों का कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार किया गया. इसके अलावा झदा कब्रिस्तान में एक शव को दफनाया गया. हालांकि सरकारी आंकड़ों में कोरोना से मौत चार लोगों की बताई गई है.
प्रदेश में 61 दिनों में  हुई थी 11467 मौत

गौरतलब है कि, प्रदेश के भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर समेत 26 जिलों के प्रमुख मुक्तिधामों, कब्रिस्तानों से मिले मौत के आंकड़ों पर नज़र डालें तो अप्रैल में 21601 और मार्च में 4798 लोगों की मौत हुई. दोनों महीनों का कुल मौत आंकड़ा 26399 है. जबकि इनमें से कोविड प्रोटोकॉल से 11467 शवों का अंतिम संस्कार किया गया. 26 जिलों में अप्रैल में सबसे ज्यादा 10599, मार्च में 868 शवों का कोविड प्रोटोकॉल से अंतिम संस्कार हुआ.

भोपाल, इंदौर में सबसे ज्यादा मौत



सबसे ज्यादा भोपाल में अप्रैल में 2675 और इंदौर में 2259 शवों का कोविड प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार किया गया. वहीं, मार्च में भोपाल में 165, इंदौर में 306 शवों का कोविड प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार किया गया. अप्रैल में सबसे ज्यादा मौत के मामले सामने आए. यह मामले इसलिए सामने आए क्योंकि अप्रैल के महीने में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैला था. हालांकि, मई के आंकड़े को यदि मार्च और अप्रैल में जोड़ दिया जाए तो मौत का आंकड़ा कई गुना बढ़ जाएगा.

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