MP में 15 मई से कोरोना मरीजों पर आ सकता है संकट, स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मियों ने दी काम बंद की धमकी

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सरकार को काम बंद करने की धमकी दी है.(सांकेतिक तस्वीर)

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सरकार को काम बंद करने की धमकी दी है.(सांकेतिक तस्वीर)

MP Strike News: स्वास्थ्य संविदा कर्मचारियों ने शिवराज सरकार को धमकी दी है. अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे 15 मई से काम बंद कर देंगे. इन कर्मचारियों ने सरकार से 90 फीसदी वेतन देने की मांग है. ये मुद्दा वित्त विभाग में अटका है.

  • Last Updated: May 8, 2021, 3:53 PM IST
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भोपाल. कोरोना के कहर के बीच प्रदेश के कर्मचारी काम बंद करने की धमकी देने लगे हैं. पहले जूनियर डॉक्टर्स, फिर बिजली कर्मचारी और अब संविदा स्वास्थ्यकर्मी. प्रदेश के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अब जूनियर डॉक्टर्स की राह पर हैं. संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सीएम शिवराज सिंह चौहान से 90% वेतनमान देने की मांग की है. कोरोना संकट काल के दौरान संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी आधे वेतन में काम कर रहे हैं. ऐसे में अगर जल्द से जल्द मांग पूरी नहीं की जाती है, तो 15 मई से संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी काम बंद कर देंगे.

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुनील यादव का कहना है कि 19 हज़ार से ज्यादा कर्मचारी कोविड वार्ड, अस्पताल और कोविड केयर सेंटर्स में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इनमें से कई कर्मचारियों को कोरोना है. बावजूद इसके वे आधे वेतन में काम कर रहे हैं. NHM के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी भी आधे वेतन में काम कर रहे हैं.

सीएम सहित मंत्रियों को लिखे पत्र

यादव ने कहा कि सामान्य प्रशासन विभाग ने संविदा कर्मचारियों को 90% वेतनमान देने के निर्देश दिए हैं, लेकिन उतना वेतन मिल नहीं रहा. जबकि, बाकी सभी विभागों को 90% वेतनमान दिया जा रहा है. संघ ने अब सीएम शिवराज सिंह चौहान, चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग और स्वास्थ्य मंत्री प्रभु राम चौधरी को पत्र लिखकर 90% वेतनमान देने की मांग की है. मांगे पूरी करने के लिए 15 मई तक का समय तय किया गया है.

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नीति कैबिनेट में पारित, वित्त विभाग में अटकी

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि अगर 10 दिन के अंदर मांग पूरी नहीं की जाती है तो काम बंद कर दिया जाएगा . काम बंद होने से मरीजों को होने वाली असुविधा के लिए शासन-प्रशासन जिम्मेदार होगा. उन्होंने कहा 2018 में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए एक नीति बनाई थी जो कैबिनेट में पारित भी हो गई थी. सामान्य प्रशासन विभाग की मंजूरी के बाद भी एनएचएम के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का मामला वित्त विभाग में पेंडिंग है. वित्त विभाग से अब तक हरी झंडी मिलने का इंतजार है.

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