कोरोना से गांवों में बिगड़ सकते हैं हालात, ग्राम सचिवों ने कहा- हमें भी मानो योद्धा, सरकार को दी ये धमकी

कोरोना योद्धा की मांग को लेकर ग्राम सचिवों ने सरकार को हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है.

कोरोना योद्धा की मांग को लेकर ग्राम सचिवों ने सरकार को हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है.

ग्राम सचिवों ने सरकार को हड़ताल पर जाने की धमकी दी है. सचिवों के संगठनों का कहना है कि सरकार उन्हें कोरोना योद्धा माने. कई कर्मचारी ड्यूटी के दौरान ही अपनी जान गंवा चुके हैं.

  • Last Updated: May 9, 2021, 10:19 AM IST
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भोपाल. प्रदेश में अब कोरोना शहर से निकलकर गांव की ओर फैलने लगा है. ऐसी स्थिति में गांवों पर अब ज्यादा खतरा मंडरा रहा है. ये खतरा और भी गहरा सकता है क्योंकि ग्राम सचिवों ने सरकार को 10 मई से हड़ताल पर जाने की धमकी दी है. पंचायत सचिव और सहायक सचिव संगठन ‘कोरोना योद्धा नहीं, तो काम नहीं’ का नारा दिया है.

पंचायत सचिव और सहायक सचिव संगठन ने जनपद पंचायत के सीईओ देवेश मिश्रा को कलेक्टर भोपाल के नाम ज्ञापन सौंपा है. संगठन ने कहा है कि प्रदेश के गांवों में सचिव और सहायक सचिव की अहम भूमिका होती है. ग्राम पंचायत में सचिव और सहायक सचिव के समन्वय से ही स्वास्थ्य विभाग काम करता है. ऐसे में सचिव और सहायक सचिव संगठन ने सरकार के सामने अपनी मांग रख दी है. सरकार को 9 मई तक मांग पूरी करने की बात कही है. मांग पूरी न होने पर 10 मई से काम बंद कर दिया जाएगा.

50 से अधिक कर्मचारियों की हो गई मौत

पंचायत सचिव और सहायक सचिव संगठन का कहना है कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने 26 अप्रैल  को जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए थे. निर्देश के मुताबिक, पंचायत सचिव और सहायक सचिव सहित ग्रामीण विकास के अमले को कोरोना योद्धा घोषित किया जाना था. लेकिन, इस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. इससे संगठन नाराज है. सचिवों और सहायक सचिव व संगठनों का कहना है कि इस आपदा में 50 से अधिक पंचायत सचिव, सहायक सचिवों की मृत्यु हो चुकी है. इसके बावजूद अधिकारी सचिवों एवं सहायक सचिवों के साथ कोरोना योद्धा के नाम पर आंख-मिचौली खेल रहे हैं. हम लोगों से सुबह से शाम तक बिना सक्षम अधिकारी के लिखित ड्यूटी आदेश जारी किए व्हाट्सएप मैसेज के माध्यम से काम कराया जा रहा है.
संगठन की ये हैं 3 मांगें

पंचायत सचिव और सहायक सचिव संगठन ने शासन के सामने अपनी तीन मुख्य मांगें रखी हैं.  पहली उन्हें कोरोना योद्धा माना जाए. दूसरी सचिव और सहायक सचिवों से एसएमएस के जरिए ड्यूटी कराई जा रही है. SDM स्तर के अधिकारियों से ड्यूटी आदेश जारी करवाए जाएं. तीसरी, कोरोना संक्रमण काल में दिवंगत हुए सचिव और सहायक सचिवों के परिवारों को 50 -50 लाख की राशि दी जाए.

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