Big News: भोपाल के 22 निजी अस्पतालों में कोरोना का इलाज शुरू, मेडिकल स्टाफ को ऑनलाइन ट्रेनिंग

राजधानी भोपाल में लगभग 22 निजी अस्पतालों में कोरोना का इलाज शुरू किया गया है. (सांकेतिक तस्वीर)
राजधानी भोपाल में लगभग 22 निजी अस्पतालों में कोरोना का इलाज शुरू किया गया है. (सांकेतिक तस्वीर)

Fight Against COVID-19: चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि जूनियर डॉक्टर्स के कोरोना संक्रमित होने पर उनके उपचार के लिये रि-इन्वेस्टमेंट मोड पर जीवन-रक्षक दवाइयां उपलब्ध कराई जायेंगी.

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भोपाल. कोरोना के बढ़ते संक्रमण से निपटने के लिए अब डॉक्टरों और अस्पतालों में काम कर रहे स्टाफ को ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जाएगी. इसमें मरीजों की पहचान से लेकर गंभीर मरीजों के उपचार के बारें में एक्सपर्ट्स, डॉक्टर्स परामर्श देंगे ताकि मरीज को उसके घर के नजदीक के अस्पताल में सही उपचार मिल सके और कोरोना से हो रहीं मौत पर रोक लग सके. ये बात चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने मंत्रालय में आयोजित बैठक में कही.

बैठक में कलेक्टर अविनाश लवानिया, डीन डॉ. जीतेन्द्र शुक्ला, सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर तिवारी, हमीदिया अधीक्षक डॉ. आई.डी. चौरसिया और टी.बी. अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरुण श्रीवास्तव उपस्थित रहे. मंत्री सारंग ने कहा कि राज्य सरकार कोविड नियंत्रण के लिये स्पेशल ट्रेनिंग प्रोग्राम चलायेगी. इसमें इंटर्न, मेडिकल स्टूडेंट, प्रायवेट प्रेक्टिसनर्स, आयुष डॉक्टर और नर्सिंग स्टूडेंट को शामिल किया जायेगा.

शहर के 22 निजी अस्पतालों में शुरू हुआ कोरोना का उपचार
मंत्री सारंग ने बताया कि राजधानी में लगभग 22 निजी अस्पतालों में कोरोना का इलाज शुरू किया गया है. जरूरत को देखते हुए अन्य निजी अस्पतालों को भी कोविड सेंटर में तब्दील किया जा रहा है. आईसीएमआर की गाइडलाइन के अनुरूप अस्पतालों में उपचार मुहैया कराने के दिशा-निर्देश दिए गए हैं. ऑक्सीजन सप्लाई की स्थिति पर नजर रखी जा रही है.
हर अस्पताल के साथ जिला प्रशासन के प्रतिनिधियों को समन्वय के लिये रखा जायेगा.
हर अस्पताल के साथ जिला प्रशासन के प्रतिनिधियों को समन्वय के लिये रखा जायेगा.




नये अस्पतालों को शामिल करते समय भी ये देखा जाये कि निर्बाध ऑक्सीजन सप्लाई व्यवस्था हो. वहीं उन्होंने बताया कि आयुष्मान योजना के तहत इनपेनल्ड 61 अस्पतालों की कुल क्षमता 5894 में से 1184 बेड कोविड के लिये आरक्षित किए गए हैं. हर अस्पताल के साथ जिला प्रशासन के प्रतिनिधियों को समन्वय के लिये रखा जायेगा.



संक्रमित जूनियर डॉक्टर को रि-इन्वेस्टमेंट मोड़ पर मिलेंगी दवाएं
मंत्री सारंग ने कहा कि जूनियर डॉक्टर्स के कोरोना संक्रमित होने पर उनके उपचार के लिये रि-इन्वेस्टमेंट मोड पर जीवन-रक्षक दवाइयां उपलब्ध कराई जायेंगी. उन्होंने गांधी मेडिकल कॉलेज में व्यवस्थित कैंटीन और रिक्रिएशन सेंटर बनाने के निर्देश दिये.

वर्तमान में कोरोना मरीजों के उपचार के लिये एम्स, जीएमसी, जे.पी. हॉस्पिटल, कस्तूरबा हॉस्पिटल और मिलेट्री हॉस्पिटल के साथ अधिग्रहित अस्पतालों में चिरायु, जे.के. अस्पताल सहित पीपुल्स, बंसल, आरकेडीएफ, भोपाल केयर हॉस्पिटल, केयर मल्टी स्पेशियलिटी, निर्मल प्रेम मूर्ति हॉस्पिटल, करोंद मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और एबीएम हॉस्पिटल उपलब्ध हैं.हमीदिया अस्पताल में जल्द ही 50 बेड शुरू कर आगामी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिये. टी.बी. अस्पताल में 10 बेड का आईसीयू प्रारंभ करने के साथ इसमें क्षमता बढ़ाने को भी कहा गया है. उन्होंने हमीदिया अस्पताल की साख बेहतर बनाने के लिये आस्था अभियान चलाने के निर्देश दिये.
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