भोपाल: आयुष्मान भारत योजना से जुड़ेंगे सभी प्राइवेट हॉस्पिटल, अन्य गंभीर बिमारियों का भी होगा इलाज
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भोपाल: आयुष्मान भारत योजना से जुड़ेंगे सभी प्राइवेट हॉस्पिटल, अन्य गंभीर बिमारियों का भी होगा इलाज
मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना से जुड़ेंगे सभी प्राइवेट हॉस्पिटल (फाइल फोटो)

स्वास्थ्य विभाग (Health Department) ने ये निर्णय इसलिए लिया क्योंकि जो अस्पताल कोरोना के मरीजों का इलाज कर रहे हैं वहां प्रसूति और स्त्री रोग, हार्ट, कैंसर, नेत्र रोग जैसा बिमारियों के मरीजों का उपचार नहीं हो पा रहा है.

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भोपाल. कोरोना महामारी के बीच कई गरीब परिवारों को अन्य बिमारियों का इलाज कराने में कुछ अड़चनें आ रही हैं. कई प्राइवेट अस्पतालों (Private Hospitals) में गरीबों की इस मजबूरी का फायदा उठाकर उनसे ज्यादा पैसे वसूले जा रहे हैं. बता दें, कुछ प्राइवेट अस्पताल जिन में पहले से आयुष्मान भारत योजना का फायदा जनता को दिया जाता रहा है वहां से भी अब अन्य गंभीर बिमारियों के मरीजों को बिना इलाज लौटाया जा रहा है. मामले को लेकर कई लोगों ने सीएम हेल्पलाइन (CM Helpline) में शिकायत की, जिसके चलते हालात देखते हुए राज्य शासन ने सभी निजी अस्पतालों को तीन महीने के लिए आयुष्मान योजना के दायरे में लाने की तैयारी के साथ कमर कस ली है.

स्वास्थ्य आयुक्त ने सभी जिला कलेक्टर और सीएमएचओ को लिखा पत्र
प्रदेश की जनता को स्वास्थ्य संबंधी कोई असुविधा ना हो इस बात पर स्वास्थ्य विभाग की खास नजर है. शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए प्रदेश के स्वास्थ्य आयुक्त फैज अहमद किदवई ने सभी कलेक्टरों और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को पत्र लिखा है. पत्र में ऐसे निजी अस्पतालों को आयुष्मान योजना में पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए हैं जो पहले से नहीं जुड़े हैं. हॉस्पिटल मैनेजमेंट को कोई असुविधा ना हो इस पर भी गौर कर प्रक्रियाओं को सुविधाजनक बनाया गया है. लॉकडाउन की परिस्थितियों को देखते हुए राज्य शासन ने आयुष्मान योजना में नए अस्पतालों के पंजीयन की प्रक्रिया में दस्तावेजों की संख्या कम कर दी है. ऐसा करने से विभाग को उम्मीद है की पंजीयन जल्दी हो सकेंगे और कम समय में ज्यादा निजी अस्पताल योजना के तहत जरूरतमंद मरीजों को आयुष्मान योजना का लाभ पहुंचा सकेंगे. दस्तावेजों का वेरिफिकेशन स्वास्थ्य विभाग करेगा. साथ ही प्रक्रिया को तेजी से निपटाने के लिए इसकी मंजूरी स्वास्थ्य आयुक्त की स्पेशल गठित टीम देगी.

इसलिए पड़ी जरूरत



स्वास्थ्य विभाग ने ये निर्णय इसलिए लिया क्योंकि जो अस्पताल कोरोना के मरीजों का इलाज कर रहे हैं वहां प्रसूति और स्त्री रोग, हार्ट, कैंसर, नेत्र रोग जैसा बिमारियों के मरीजों का उपचार नहीं हो पा रहा है. इन नए जुड़ने वाले प्रायवेट अस्पतालों को शासन की ओर से तय सारे पैकेज उपलब्ध हो सकेंगे. ये अस्पताल कोरोना मरीजों पर ही फोकस्ड नहीं होंगे, लेकिन इस फैसले से ऐसे लोगों को लाभ मिल सकेगा जो अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं और जिन्हे ट्रीटमेंट की सख्त दरकार है. बाद में जरूर हालातों को देख परख कर इन नए आयुष्मान अस्पतालों का उपयोग कोविड मरीजों के लिए किया जा सकता है.



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First published: May 7, 2020, 3:27 PM IST
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