मंदिरों में सैनेटाइजर के इस्तेमाल पर आपत्ति, पुजारी बोले- अल्कोहल से हाथ धुलकर नहीं आने दे सकते
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मंदिरों में सैनेटाइजर के इस्तेमाल पर आपत्ति, पुजारी बोले- अल्कोहल से हाथ धुलकर नहीं आने दे सकते
मंच ने गाइडलाइन पर आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा है कि मंदिर में सेनेटाइजर का इस्तेमाल कर प्रवेश करने पर रोक होनी चाहिए. (सांकेतिक तस्वीर)

संस्कृति बचाओ मंच ने गाइडलाइन पर आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा है कि मंदिर में सेनेटाइजर का इस्तेमाल कर प्रवेश करने पर रोक होनी चाहिए. सेनेटाइजर में अल्कोहल का इस्तेमाल होता है, जबकि मंदिर परिसर के अंदर अल्कोहल प्रतिबंधित किया गया है.

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भोपाल. अनलॉक-1 (Unlock) की शुरूआत के बाद अब प्रदेश में धार्मिक स्थलों के खोलने की तैयारियां हैं. लंबे समय बाद धार्मिक स्थलों पर पूजा अर्चना, नमाज अता करने से लेकर गुरुद्वारे में मत्था टेकने और चर्च में प्रार्थना करने की आजादी मिल सकेगी. लेकिन इस दौरान गृह मंत्रालय (Ministry of mome affairs) की ओर से जारी गाइडलाइन (Guideline) का पालन हर किसी को करना होगा. धार्मिक स्थलों को खोले जाने को लेकर जारी गाइडलाइन में कई तरह के निर्देश दिए गए हैं. लेकिन उन निर्देशों पर अब विवाद शुरू हो गया है.

संस्कृति बचाओ मंच ने गाइडलाइन पर जताई आपत्ति
संस्कृति बचाओ मंच ने गाइडलाइन पर आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा है कि मंदिर में सेनेटाइजर का इस्तेमाल कर प्रवेश करने पर रोक होनी चाहिए. सेनेटाइजर में अल्कोहल का इस्तेमाल होता है, जबकि मंदिर परिसर के अंदर अल्कोहल प्रतिबंधित किया गया है. मंच के प्रमुख चंद्रशेखर तिवारी ने कहा है कि वे इस संबंध में राज्य सरकार को ज्ञापन भी दे रहे हैं. उसमें इस बात की मांग रखी जाएगी कि मंदिरों के बाहर पानी की टंकियों को रखा जाए ताकि उनसे हाथ धोकर ही श्रद्धालु मंदिर परिसर के अंदर दाखिल हो सकें.

भोग और जल देने की पुरानी व्यवस्था की अनुमति दी जाये



मंच ने गाइडलाइन में इस बात पर भी आपत्ति जताई जिसमें मंदिर परिसर में हाथों से प्रसाद और जल देने पर रोक लगाने की बात कही गई है. मंच का कहना है की भगवान को लगने वाला भोग और जल देने की पुरानी व्यवस्था को अमल में लाने की अनुमति दी जानी चाहिए. भोग और जल देने की व्यवस्था चम्मच के जरिए होती है और उसी का इस्तेमाल कर मंदिरों में आने वाले भक्तों को प्रसाद दिया जाता है.



यह है गृह मंत्रालय की गाइडलाइन
दरअसल 8 जून से धार्मिक स्थलों को खोला जाना है. गृह मंत्रालय ने जो गाइडलाइन जारी किए उसके तहत मंदिरों में केवल उन्हें ही प्रवेश मिलेगा जिनमें कोविड-19 के लक्षण नहीं होंगे. धार्मिक स्थलों के परिसर में प्रवेश से पहले हाथ और पैर को सेनेटाइजर या साबुन से धोना जरूरी होगा. प्रवेश द्वार पर ही तापमान चेक किया जाएगा. घंटी बजाने और मूर्ति छूने की मनाही रहेगी. मास्क के बिना प्रवेश वर्जित रहेगा. मंदिर में लाइन लगाने के लिए उचित दूरी बरकरार रखनी होगी. हाथों से प्रसाद या जल देने पर रोक रहेगी. एहतियात व नियमों के साथ सामुदायिक रसोई, लंगर और अन्नदान का कामकाज होगा. मंदिर में लाइन लगाने के लिए पर्याप्त दूरी के हिसाब से लगे निशानों में खड़ा होना होगा.

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