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प्रदेश में वैक्सीनेशन का दूसरा चरण कल से, जानिए कौन, कैसे और कहां लगवा सकेगा टीका

कोरोना वायरस और होली को लेकर एक बार फिर अफवाहें उड़ रही हैं. (फाइल फोटो)

कोरोना वायरस और होली को लेकर एक बार फिर अफवाहें उड़ रही हैं. (फाइल फोटो)

राज्य में वैक्सीनेशन का दूसरा चरण कल से शुरू होगा. मंत्री प्रभुराम चौधरी ने इसके संबंध में कई जानकारियां दीं. उन्होंने बताया कि कौन, कहां और कैसे वैक्सीन ले सकेगा.

  • Last Updated: February 28, 2021, 4:30 PM IST
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भोपाल. मध्य प्रदेश में 1 मार्च से कोरोना वैक्सीनेशन का दूसरा चरण शुरू होगा. सरकारी अस्पतालों में वैक्सीन फ्री लगेगी, जबकि  सरकार द्वारा चयनित निजी अस्पतालों में इसकी कीमत 250 रुपए निर्धारित की गई है. स्वास्थ्य मंत्री प्रभु राम चौधरी ने रविवार को मीडिया को बताया कि हेल्थ केयर वर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स के पहले डोज के वैक्सीनेशन में मप्र देश में दूसरे स्थान पर रहा.

मंत्री चौधरी ने बताया कि वैक्सीनेशन के लिए कोविन 2.0 पोर्टल पर एडवांस रजिस्ट्रेशन किया जा सकेगा. रजिस्ट्रेशन के लिए लोगों के आइडेंटिटी कार्ड की जरूरत होगी. इसीके आधार पर तय समय पर वैक्सीन सेंटर पर टीका लगेगा. चौधरी ने कहा कि जो हेल्थ वर्कर और फ्रंटलाइन वर्कर रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए हैं वे भी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराकर टीका लगवा सकते हैं. मार्च के पहले सप्ताह में 3, 4 और 6 तारीख को सरकारी और निजी संस्थाओं में टीकाकरण की सुविधा होगी.

186 संस्थाओं में होगा टीकाकरण



स्वास्थ्य मंत्री प्रभु राम चौधरी ने कहा कि एक मार्च को 186 संस्थाओं में वैक्सीनेशन की सुविधा उपलब्ध होगी. इसमें 51 जिला अस्पताल, 84 सिविल अस्पताल, 13 शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, तीन निजी चिकित्सा महाविद्यालय, 30 निजी चिकित्सालयों को शामिल किया गया है. 200 लोगों को टीकाकरण के बाद दिक्कत हुई थी लेकिन अब सब नॉर्मल है. उन्होंने बताया कि पत्रकारों के टीकाकरण पर भी विचार किया जा रहा है.
इन लोगों को लगेगा दूसरे चरण में टीका

60 वर्ष से ऊपर और चिन्हित कोमोर्बिडिटी के 45 से 59 वर्ष की आयु वर्ग के लाभार्थियों को कोरोनावायरस से बचाव का टीका लगाया जाएगा. सभी लाभार्थियों को उम्र के प्रमाण के लिए फोटो पहचान पत्र और कोमोर्बिडिटी का प्रमाण पत्र (यदि आवश्यक हो) दिखाना होगा.

ये आइडेंटिटी कार्ड्स होंगे मान्य

लाभार्थियों को भारत सरकार द्वारा अनुमोदित आईडी कार्ड में से एक के माध्यम से सत्यापित किया जाएगा. स्वीकृत आईडी में आधार संख्या, ड्राइविंग लाइसेंस, स्वास्थ्य योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, सांसदों विधायकों एमएलसी को जारी किए गए आधिकारिक पहचान पत्र, पैन कार्ड, बैंक द्वारा जारी पासबुक, डाकघर, पासपोर्ट, पेंशन दस्तावेज, केंद्रीय राज्य सरकार सार्वजनिक उपक्रम सार्वजनिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को जारी किया गया पहचान पत्र और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के तहत भारत के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी किया गया स्मार्ट कार्ड को शामिल किया गया है. 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए किसी अतिरिक्त दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी. उन्हें आधार कार्ड के माध्यम से अपनी पहचान को मान्य करना होगा. 45-59 वर्ष के बीच के लोगों के लिए चिकित्सक से कोमोर्बिडिटी प्रमाण पत्र आवश्यक है.

इस कैटेगरी के लिए 20 कोमोर्बिडिटी की पहचान की गई

कोविड वैक्सीनेशन के लिए 45 से 59 वर्ष के व्यक्तियों में चिन्हित बीमारियों में इन्हें शामिल किया गया है. 1. हृदस संबंधी रोग जिसके लिए विगत 1 वर्ष में हास्पिटल मे भर्ती रहना पड़ा हो. 2. ह्दय प्रत्यारोपण या पेस मेकर लगाया गया हो. 3. हृदय संकुचन संबंधी गंभीर विकार. 4. हृदय बाल्व संबंधी गंभीर या मध्यम विकार. 5. जन्मजात हृदय रोग के साथ गंभीर पल्मोनरी आटरी उच्च रक्तचाप. 6. दिल की नसों की बीमारी, बॉयपास, दिल का दौरा एवं उच्च रक्तचाप, शुगर की बीमारी के लिए दवाएं ले रहे व्यक्ति. 7. एंजायना के साथ हायपरटेंशन, शुगर रोगी. 8. सी.टी., एम.आर.आई परीक्षण में ब्रेन स्ट्रोक ज्ञात ब्यक्ति जो उच्च रक्तचाप एवं शुगर का उपचार ले रहे हों. 9. पल्मोनरी आर्टरी हायरपरटेंशन के साथ उच्च रक्तचाप एवं शुगर. 10. 10 सालों से शुगर एवं जटिलताओं तथा उच्च रक्तचाप का उपचार ले रहे व्यक्ति. 11. किडनी, लीवर, स्टेमसेल प्रत्यारेपित अथवा प्रतीक्षरत व्यक्ति. 12. डायलिसिस एवं किडनी के गंभीर रोगी. 13. लंबे समय से ओरल कॉर्टिको स्टेरायड, रोग प्रतिरोधक क्षमता कम करने वाली दवाई ले रहे व्यक्ति. 14. गंभीर लिवर सिरोसिस रोगी. 15. गंभीर श्वासन तंत्र रोगी जिन्हे विगत 2 वर्षों मे भती किया गया हो. 16. लिम्फोमा, ल्यूकीमियाध्मायलोमा के रोगी. 17. कैंसर की गठान अथवा 1 जुलाई 2020 के बाद से कैंसर का उपचार ले रहे रोगी. 18. सिकलसेल, बोन मेरो फेल्योर, एप्लास्टिक एनीमिया, थैलेसीमिया मेजर रोगी. 19. प्रारंभिक अवस्था के रोगी जिनको रोग प्रतिरोधक क्षमता की कमी, एच.आई.वी संक्रमित हो. 20. दिव्यांग व्यक्ति जिन्हे सहायता की जरूरत हो, मांसपेशियों की अशक्तता, मुक बधिर, एसिड अटेक पीडित जिनमें श्वसन तंत्र प्रभावित हो.
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