Bhopal: कोरोना वैक्सीन का ड्राय रन सफल, जानिए आखिर कैसे लगेगा इस वायरस का टीका

देहरादून में प्रशासन की देख-रेख में वैक्सीन का ड्राय रन शुरू हुआ. (प्रतिकात्मक फोटो).

देहरादून में प्रशासन की देख-रेख में वैक्सीन का ड्राय रन शुरू हुआ. (प्रतिकात्मक फोटो).

शहर के तीनों सेंटर्स पर कोरोना वैक्सीन (corona vaccine) का ड्राय रन सफल रहा. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जैसे ही वैक्सीन आएगी उसे लगाने के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 2, 2021, 3:41 PM IST
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भोपाल. राजधानी भोपाल में कोरोना वैक्सीन (corona vaccine) का ड्राय रन सफल रहा. शनिवार को 3 जगहों पर ड्राय रन किया गया. इस दौरान वैक्सीन के टीके को लेकर और उसकी प्रक्रिया को पूरा करने की रिहर्सल की गई. शहर के गांधीनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गोविंदपुरा और एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज को  वैक्सीन  के dry-run का सेंटर बनाया गया था.

भोपाल के सीएमएचओ डॉ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि पूरी प्रक्रिया के लिए अधिकारियों- कर्मचारियों को ट्रेंड किया गया था. उन्हें पहले ही टीकाकरण के dry-run की ट्रेनिंग दी गई थी. ड्राय रन के दौरान किसी तरीके की दिक्कत नहीं आई. यह dry-run पूरी तरीके से सफल रहा. साथ ही जिन लोगों को टीका लगाया गया उन्हें भी कोई दिक्कत या परेशानी नहीं आई. सभी लोग टीके के बाद स्वस्थ हैं. इस वैक्सीन को मंजूरी मिलते ही भोपाल उसे लगाने के लिए पूरी तरह तैयार है. इसी तैयारी के तहत वैक्सीनेशन का काम तत्काल किया जाएगा.

हैल्थ वर्कर से लगातार संपर्क में थीं मिशन संचालक

तीनों जगहों पर ड्राय रन सफल रहा. किसी तरीके की दिक्कत किसी भी हेल्थ वर्कर को नहीं आई. तीनों जगहों पर 25-25 हेल्थ वर्कर को टीका लगाने का काम किया गया. वहीं प्रक्रिया में शामिल कर्मचारियों-अधिकारियों को भी कोई दिक्कत नहीं आई. अपर मिशन संचालक डॉ. सलोनी सिडाना ने हैल्थ वर्कर से बातचीत कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया. सिडाना ने कहा कि भोपाल की तीन जगहों पर ड्राय रन सफल रहा. कहीं से कोई शिकायत नहीं मिली. स्वास्थ्य अधिकारियों-कर्मचारियों को भी प्रक्रिया में कोई दिक्कत नहीं आई. प्रक्रिया में लगे सभी स्वास्थ्य अधिकारियों-कर्मचारियों से बातचीत के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी. अभी किसी तरीके की ड्राई रन में कोई कमी नहीं है लेकिन बातचीत के बाद कुछ सामने निकल कर आता है तो उसे पूरा किया जाएगा।
ये है ड्राय रन की प्रोसेस

1- वैक्सीन के ड्राय रन के लिए हेल्थ वर्कर का सबसे पहले COVIN सॉफ्टवेयर पर रजिस्ट्रेशन किया गया था.

2- रजिस्ट्रेशन कराने वाले करीब 25-25 हेल्थ वर्कर को ड्राय रन में शामिल किया गया।



3- हेल्थ वर्कर के सबसे पहले हाथ को वॉश कराया गया. फिर उनका टेंपरेचर, ऑक्सीजन चेक कर मेडिकल ऑफिसर ने वेरिफिकेशन पूरा कर सॉफ्टवेयर में रिकॉर्ड को अपडेट किया.

4- जिन्हें वैक्सीन का टीका लगना है उन्हें वेटिंग रूम में बैठाया गया.  फिर टीकाकरण के दौरान मेडिकल ऑफिसर दोबारा उनका रिकॉर्ड सॉफ्टवेयर पर अपलोड करता है. इस दौरान टीका लगवाने वाले व्यक्ति की काउंसलिंग भी की जाती है. उन्हें टीके के बारे में बताया जाता है.

5- टीकाकरण होने के बाद फिर से टीका लगाने वाले व्यक्ति को रेस्ट रूम में बैठाया जाता है. वहां पर भी मेडिकल ऑफिसर उनसे उनके स्वास्थ्य के बारे में  टीकाकरण के बाद होने वाली प्रतिक्रिया के बारे में पूछते हैं. रेस्ट करने के बाद व्यक्ति जा सकता है.

6- वैक्सीन के लिए कोल्ड चैन की व्यवस्था की गई. इसके लिए वैक्सीन सेंटर में दो फ्रीजर रखे गए. एक फ्रिज में जरूरी तापमान के अंदर वैक्सीन को रखा गया. दूसरे फ्रिज में आइस बॉक्स को रखा गया. जब वैक्सीन फ्रिज से निकाली जाती है तो उसे टीकाकरण के लिए बनाए गए एक छोटे से बॉक्स में रखा जाता है. उस बॉक्स में आइस बॉक्स भी रखे जाते हैं जिससे वैक्सीन का जरूरी तापमान बना रहे. यह वैक्सीन इस बॉक्स में 48 घंटे तक सुरक्षित रखी जा सकती है।

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