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MP में अनकंट्रोल हुआ Crime Against Women : इंदौर में महिलाएं सबसे ज्यादा असुरक्षित!

MP में अनकंट्रोल हुआ Crime Against Women : इंदौर में महिलाएं सबसे ज्यादा असुरक्षित!

bhopal. जनवरी से अक्टूबर तक प्रदेश के 10 जिलों में 5251 महिलाएं अपराध का शिकार हुईं.

bhopal. जनवरी से अक्टूबर तक प्रदेश के 10 जिलों में 5251 महिलाएं अपराध का शिकार हुईं.

MP Crime News : मध्यप्रदेश में क्राइम अगेंस्ट वूमन (Crime Against Women) अब अनकंट्रोल होता जा रहा है. ताजा आंकड़ों के अनुसार सबसे बुरा हाल इंदौर का है. यहां महिलाओं के खिलाफ सबसे ज्यादा अपराध हो रहे हैं. दूसरा नंबर ग्वालियर का है और तीसरे नंबर पर भोपाल और चौथे पर जबलपुर है.

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भोपाल. शांति का टापू कहे जाने वाले मध्य प्रदेश में महिलाएं सुरक्षित नहीं. यहां महिलाओं के खिलाफ लगातार अपराध (Crime Against Women) बढ़ रहे हैं. प्रदेश के सबसे बड़े शहर इंदौर में महिलाएं सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं. ये हाल तब है जब महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार ने व्यापक इंतजाम किये हैं.

मध्यप्रदेश में क्राइम अगेंस्ट वूमन अब अनकंट्रोल होता जा रहा है. ताजा आंकड़ों के अनुसार सबसे बुरा हाल इंदौर का है. यहां महिलाओं के खिलाफ सबसे ज्यादा अपराध हो रहे हैं. दूसरा नंबर ग्वालियर का है और तीसरे नंबर पर भोपाल और चौथे पर जबलपुर है.

इतनी महिलाएं हुईं अपराध की शिकार
पुलिस आंकड़ों के अनुसार जनवरी से अक्टूबर तक प्रदेश के 10 जिलों में 5251 महिलाएं अपराध का शिकार हुईं. इनमें से दहेज प्रताड़ना के 3121, रेप 1984 और दहेज हत्या 146 हुईं. 10 महीने में इंदौर में सबसे ज्यादा 890 केस दर्ज हुए. इनमें 342 रेप, दहेज हत्या 19, दहेज प्रताड़ना के 529 मामले सामने आए. इसी अवधि में ग्वालियर में 848 केस दर्ज हुए. इनमें 254 रेप, दहेज हत्या 23, दहेज प्रताड़ना के 571 केस हैं. भोपाल में 804 केस दर्ज हुए. इनमें 315 रेप, दहेज हत्या 22, दहेज प्रताड़ना की 467 एफआईआर हुईं. जबलपुर में 804 केस दर्ज हुए. इनमें 192 रेप, दहेज हत्या 14, दहेज प्रताड़ना के 290 मामले सामने आए हैं. सागर में 411, धार में 389, बालाघाट में 381, मुरैना में 364, देवास में 341, राजगढ़ में 327 केस दर्ज किये गए.

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गृह मंत्री ने साधी चुप्पी
हालात चिंताजनक हैं. इस बारे में जब प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा से पूछा गया तो उन्होंने चुप्पी साध ली. महिला अपराध रोकने के लिए हाल ही में प्रदेश भर में 700 से ज्यादा ऊर्जा डेस्क शुरू की गईं. यह ऊर्जा डेस्क थानों में शुरू की गई. यहां पर महिलाओं की शिकायत, एफआईआर से लेकर उन्हें कानूनी सलाह देने का काम किया जा रहा है. प्रदेश में ऐसे अपराधों को रोकने के लिए महिला अपराध शाखा प्रदेश के साथ बड़े जिलों में काम कर रही हैं. करोड़ों का बजट इन अपराधों की रोकथाम में खर्च किया जाता है. लेकिन इसके बावजूद महिला अपराध रोकने में हर सिस्टम नाकाम साबित हुआ.

Tags: Crime against women, Madhya pradesh latest news, Narottam Mishra

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