मध्य प्रदेश: Lockdown में भी सुरक्षित नहीं रहीं बहू-बेटियां, रेप डबल हो गए, जानिए डिटेल

SCRB की रिपोर्ट कहती है कि रेप की घटनाएं कम नहीं हुईं. (सांकेतिक तस्वीर)

SCRB की रिपोर्ट कहती है कि रेप की घटनाएं कम नहीं हुईं. (सांकेतिक तस्वीर)

SCRB की रिपोर्ट कहती है कि लॉकडाउन में रेप बढ़े. ये रिपोर्ट सरकार के कान खड़े करने वाली है. आखिर किस तरह उस स्थिति में अपराध बढ़े, जब सबकुछ बंद था. ये रिपोर्ट चौंका देगी.

  • Last Updated: March 21, 2021, 4:41 PM IST
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भोपाल. मध्य प्रदेश में कोरोना को लेकर लगे लॉकडाउन और तमाम पाबंदियों के बीच महिलाओं के साथ रेप जैसी घटनाओं में कोई कमी नहीं आई है. राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (SCRB- State Crime Records Bureau) की ताजा रिपोर्ट में महिला अपराधों की स्थिति का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. अब इस मुद्दे पर सियासत भी होने लगी है.

गौरतलब है कि लॉक डाउन और तमाम पाबंदियों के बीच यह खबरें आने लगी थीं कि महिला अपराध में कमी आ रही है. माना जा रहा था कि महिलाएं घर में रहेंगी, तो सुरक्षित रहेंगी. लेकिन, जब SCRB की ताजा रिपोर्ट सामने आई, तो चौंकाने वाले खुलासे हुए. रेप के मामलों की संख्या 2019 की तुलना में साल 2020 में लगभग दोगुनी हो गई.

महामारी के बीच भी हो रही थीं ये घटनाएं

NRB (राष्ट्रीय अपराध ब्यूरो) की रिपोर्ट के अनुसार 2019 में राज्य में 2485 रेप के मामले दर्ज किए गए थे.  जबकि, 2020 में SCRB के अनुसार ये संख्या बढ़कर 4553 हो गई. यह स्थिति तब थी जब पूरी दुनिया घातक कोरोना संक्रमण से खुद को बचाने की कोशिश कर रही थी. उस वक्त भी मानसिक रूप से बीमार कुछ लोग राज्य में महिलाओं के साथ अपराध की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे.
इस तरह हुए महिला अपराध

राज्य के साथ देश में 23 मार्च से लॉकडाउन लागू किया गया था. जनवरी से मार्च के बीच हर महीने 350 से अधिक रेप हुए हैं. अप्रैल में यह संख्या घटकर 207 हो गई, लेकिन अगले महीने मई से यह संख्या अपनी पुरानी रफ्तार में आ गई. लॉकडाउन के ऐलान के बाद चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात थी. लोगों की मदद के लिए हर इंतजाम और उपाए किए गए. सड़कों और गलियों में पुलिस का पहरा था. इसके बावजूद महिला के साथ गंभीर अपराध की घटनाएं कम नहीं हुई. रेप जैसे अपराध इस दौरान तेजी से बढ़े. रेप के अलावा अपहरण जैसी घटनाओं में जरूर कमी आई. साल 2020 में 6887 लड़कियों और महिलाओं का अपहरण हुआ है. साल 2019 में 9812 महिलाओं और लड़कियों का अपहरण किया गया.

बीजेपी-कांग्रेस में आरोप-प्रत्यारोप शुरू



बीजेपी ने इन आंकड़ों को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिना दीं. बीजेपी प्रवक्ता राकेश शर्मा ने कहा कि पुलिस थानों में महिलाओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर दर्ज हो रही है. लेकिन, कांग्रेस की सरकार में महिलाओं को थाने से भगा दिया जाता था. उन्होंने कहा कि महिला अपराध को रोकने के लिए महिला डेस्क के साथ तमाम पुख्ता इंतजाम लगातार सरकार के द्वारा किए जा रहे हैं. उधर, कांग्रेस प्रवक्ता अजय यादव ने कहा कि सबसे ज्यादा महिला अपराध बीजेपी सरकार के दौरान हो रहे हैं. उनके कार्यालय में ही लड़कियों सुरक्षित नहीं हैं. उन्होंने कहा कि सरकार अपनी नाकामी छुपा रही है.
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