सांची में संकट : चुनाव प्रचार की सरगर्मी के बीच शेजवार परिवार BJP मुख्यालय तलब 

मुदित शेजवार का टिकट काट कर प्रभुराम चौधरी को दिया गया है.
मुदित शेजवार का टिकट काट कर प्रभुराम चौधरी को दिया गया है.

2018 में हुए विधानसभा चुनाव (Assembly election 2020) में प्रभु राम चौधरी ने कांग्रेस (Congress) के टिकट पर चुनाव लड़ा था. जबकि बीजेपी के टिकट पर गौरीशंकर शेजवार के बेटे मुदित शेजवार ने चुनाव लड़ा था. इसमें प्रभु राम चौधरी ने मुदित शेजवार को शिकस्त दी थी.

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भोपाल.ऐसे वक्त में जब उप चुनाव (By election) का प्रचार चरम पर पहुंच गया है सांची सीट को लेकर बीजेपी (bjp) में सब कुछ ठीक नजर नहीं आ रहा है.एक तरफ जहां प्रचार के दौर में मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष को एक मिनट की फुर्सत नहीं है, वही सांची सीट से बीजेपी के कद्दावर नेता गौरीशंकर शेजवार अपने बेटे मुदित शेजवार के साथ कई घंटों तक बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में मौजूद रहे.

प्रदेश कार्यालय मंत्री के कक्ष में दोनों ने कई घंटे चर्चा की. हालांकि जिस वक्त गौरीशंकर शेजवार और मुदित शेजवार बीजेपी प्रदेश मुख्यालय पहुंचे उस वक्त कोई भी बड़ा नेता वहां मौजूद नहीं था. लेकिन गौरीशंकर शेजवार और मुदित शेजवार की चुनावी सरगर्मी के बीच प्रदेश मुख्यालय में मौजूदगी कई सवालों को जन्म दे रही है. सवाल यह खड़ा हो रहा है कि क्या पिता पुत्र अभी भी प्रभु राम चौधरी के लिए चुनाव प्रचार में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं. सूत्रों की मानें तो यह मामला केंद्रीय नेतृत्व तक भी पहुंच चुका है.

क्या है मामला ?
दरअसल सांची सीट से बीजेपी प्रत्याशी प्रभु राम चौधरी चुनाव लड़ रहे हैं. चौधरी इससे पहले कांग्रेस में थे. वो दलबदल कर के बीजेपी में शामिल हुए हैं.उनके बीजेपी में आने के बाद से ही गौरीशंकर शेजवार नाराज माने जा रहे थे. बीच में इस तरह की खबरें भी सामने आई कि गौरीशंकर शेजवार और उनके बेटे मुदित शेजवार, प्रभु राम चौधरी के चुनाव प्रचार से दूरी बनाए हुए हैं. यह मामला केंद्रीय नेतृत्व तक भी पहुंचा. यह माना जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व तक मामला पहुंचने के बाद ही पिता पुत्र को प्रदेश कार्यालय में तलब किया गया.



 नाराज़गी की वजह ?
2018 में हुए विधानसभा के चुनाव में प्रभु राम चौधरी ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था. जबकि बीजेपी के टिकट पर गौरीशंकर शेजवार के बेटे मुदित शेजवार ने चुनाव लड़ा था. इसमें प्रभु राम चौधरी ने मुदित शेजवार को शिकस्त दी थी. लेकिन 15 महीने के बाद ही ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ प्रभुराम चौधरी बीजेपी में शामिल हो गए. सांची सीट खाली हुई और अब चौधपी बीजेपी के टिकट पर उपचुनाव लड़ रहे हैं. गौरीशंकर शेजवार और मुदित शेजवार अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर चिंतित हैं यही उनकी नाराज़गी की वजह भी मानी जा रही है.
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