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साइबर क्राइम की 'टेंशन' से निपटने के लिए MP पुलिस ने उठाया बड़ा कदम, भोपाल में शुरू हुई पहली ब्रांच

Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: September 18, 2019, 9:34 PM IST
साइबर क्राइम की 'टेंशन' से निपटने के लिए MP पुलिस ने उठाया बड़ा कदम, भोपाल में शुरू हुई पहली ब्रांच
साइबर क्राइम ब्रांच की ASP स्तर के अफसर को सौंपी कमान.

मध्‍य प्रदेश (Madhya Pradesh) में साइबर क्राइम से बचने के लिए साइबर क्राइम ब्रांच (Cyber Crime branch) की शुरुआत की गई है. जबकि 1530 पेंडिंग मामलों को भी क्राइम ब्रांच से साइबर क्राइम ब्रांच में ट्रांसफर कर दिया गया है.

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भोपाल. मध्य प्रदेश पुलिस (Madhya Pradesh Police) के लिए साइबर क्राइम (Cyber Crime) सबसे बढ़ी चुनौती बन गया है. टेक्नोलॉजी के साथ हो रहे नए-नए साइबर अपराध का मुकाबला करने के लिए जिले में साइबर क्राइम ब्रांच की शुरुआत की गई है. इसे सबसे पहले राजधानी भोपाल (Capital Bhopal) में शुरू किया गया. जबकि पहले क्राइम ब्रांच साइबर अपराधों की जांच करता था, लेकिन अब नई व्यवस्था के तहत जिले में होने वाले साइबर अपराधों की जांच साइबर क्राइम ब्रांच में की जा रही है. जिलों में क्राइम ब्रांच और जहां क्राइम ब्रांच नहीं है, वहां कोतवाली थानों में साइबर से जुड़े अपराधों की जांच की जाती है. हालांकि हर रोज बढ़ रहे साइबर क्राइम के दायरे के चलते पुलिस टेंशन में है. उसे लॉ एंड ऑर्डर और सामान्य अपराधों के साथ साइबर क्राइम से भी जूझना पड़ता है.

हर तीसरे दिन में होता नया साइबर क्राइम
हर तीसरे दिन में हो रहे एक नए तरह के साइबर क्राइम को सुलझाने में पुलिस पीछे रह जाती है. जब तक एक मामले की जांच पूरी होती है, तो दूसरे तरह का साइबर अपराध पुलिस के सामने चुनौती बनकर आ जाता है. इस चुनौती से निपटने के लिए जिला स्तर पर साइबर से जुड़े अपराधों की जांच अलग से करने का फैसला लिया गया है. इसकी शुरुआत भोपाल से की गई. अब इस नई व्यवस्था के चलते क्राइम ब्रांच में साइबर मामलों की जांच नहीं होगी. वहीं पेंडिंग 1530 मामलों को भी क्राइम ब्रांच से साइबर क्राइम ब्रांच में ट्रांसफर कर दिया गया है

ऐसे काम कर रहा सायबर क्राइम ब्रांच?

>>अब आम जनता को भोपाल में स्थित राज्य साइबर सेल और किसी दूसरे दीगर थानों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है.
>>साइबर से जुड़ी कोई शिकायत है, तो उसके निराकरण के लिए भोपाल पुलिस कंट्रोल रूम में साइबर क्राइम ब्रांच बनाई है.
>>साइबर क्राइम ब्रांच की जिम्मेदारी एडिशनल एसपी रैंक के अफसर को सौंपी गई है.
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>>मोबाइल चोरी हो या फिर कोई भी साइबर फ्रॉड. सभी तरह के छोटे-बड़े मामलों की जांच की व्यवस्था की गई है.
>>शिकायत की जांच के बाद साइबर क्राइम ब्रांच एफआईआर भी दर्ज करेगी.
>>साइबर क्राइम ब्रांच के अधिकारी जांच में राज्य साइबर पुलिस की मदद भी ले रहे हैं.
>>अब क्राइम ब्रांच साइबर से जुड़े मामलों को छोड़कर सिर्फ गंभीर और स्पेशल टॉस्क के तौर पर दिए अपराधों की जांच ही करेगी.
>>साइबर क्राइम ब्रांच में रोजाना करीब 25 शिकायत आ रही हैं.


एक दिन में आ रही 25 शिकायतें
दो साल में क्राइम ब्रांच के पास पहुंची 1530 शिकायतों को अब साइबर क्राइम ब्रांच को सौंपा गया है. इस ब्रांच की जिम्मेदारी एएसपी संदेश जैन को दी गई. जिले में सात एएसपी रैंक के अधिकारियों के पदों में से ये भी एक पद है. एससपी संदेश जैन ने बताया कि क्राइम ब्रांच पहुंचने वाले फरियादी साइबर क्राइम ब्रांच आना शुरू हो गए हैं. एक दिन में करीब 25 शिकायतें आ रही हैं. शिकायतों की जांच के लिए अलग-अलग टीमों को जिम्मेदारी दी गई है. जांच को प्रभावी तरीके से कर निराकरण भी कम समय में किया जा रहा है. साइबर क्राइम से जुड़ी शिकायतें पूरे मध्य प्रदेश में लगातार बढ़ती जा रही हैं. ऐसे में पुलिस ने भी इस चुनौती से निपटने के लिए जमीनी स्तर पर काम करना शुरू कर दिया है. अब प्रदेश स्तर पर नहीं, बल्कि जिला स्तर पर बनाई जा रही साइबर क्राइम ब्रांच इससे जुड़े अपराधों की जांच कर रही है. इसकी शुरुआत भोपाल से की गई. आने वाले दिनों में दूसरे बड़े महानगरों में जल्द शुरू किया जाएगा.

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First published: September 18, 2019, 9:30 PM IST
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