जामताड़ा की तर्ज पर MP में सक्रिय है जालसाज़ों का 'शिवपुरी-गुना' मॉड्यूल, जाली सिम के ज़रिए बैंकिंग फ्रॉड
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जामताड़ा की तर्ज पर MP में सक्रिय है जालसाज़ों का 'शिवपुरी-गुना' मॉड्यूल, जाली सिम के ज़रिए बैंकिंग फ्रॉड
बाकायदा कॉल सेंटर की तर्ज पर काम करते हुए ये गिरोह लोगों को कॉल कर उन्हें झांसा देता है

गिरोह (Gang) के सरगना ने छह साल पहले हरियाणा में इस जालसाजी की ट्रेनिंग (Training) ली थी. फिर उसने खुद ट्रेनर बनकर 25 गिरोह तैयार कर दिए. यही गिरोह शिवपुरी, ग्वालियर संभाग में सक्रिय थे.

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भोपाल.मध्य प्रदेश की स्टेट सायबर क्राइम पुलिस (State Cyber Crime Police) ने देश के सबसे बड़े जामबाड़ा की तर्ज पर एमपी में सक्रिय हुए शिवपुरी-गुना मॉड्यूल का खुलासा किया है. यह मॉड्यूल भी झारखंड के जामताड़ा की तर्ज पर बैंकिंग फ्रॉड (Banking fraud) कर रहा था. इसका नेटवर्क देश भर में फैला हुआ है. सायबर पुलिस ने शिवपुरी जिले से चार डिस्ट्रीब्यूटर रिटेलर को गिरफ्तार किया है. इन आरोपियों ने बैंकिंग फ्रॉड के लिए देशभर में फर्जी तरीके से मोबाइल सिम जारी किए थे.

स्टेट सायबर सेल के एसपी गुरकरन सिंह ने बताया कि देशभर में हो रहे वित्तीय अपराधों जैसे ओटीपी, यूपीआई, क्रेडिट कार्ड, ओएलएक्स आदि में उपयोग की जा रही सिम को आरोपियों ने फर्जी तरीके से इशू किया था. गिरोह फर्जी आधार कार्ड बनाकर भी सिम जारी कर रहा था. दिल्ली और उत्तर प्रदेश से सटे मध्यप्रदेश के जिलों से यह मॉड्यूल चलाया जा रहा था. सायबर सेल को शिकायत मिली थी कि झारखंड का जामताड़ा मॉड्यूल अब मप्र के श्योपुर, शिवपुरी और ग्वालियर में भी अपनाया जा रहा है. इन क्षेत्रों में बैठकर जालसाज कभी बैंक अफसर बनकर तो कभी यूपीआई लिंक भेजकर लोगों के बैंक खातों में सेंध लगा रहे हैं.

सरगना ने हरियाणा में ली जालसाज़ी की ट्रेनिंग
भोपाल सायबर क्राइम पुलिस को हर महीने इस तरह की करीब 300 शिकायतें मिलती हैं. इनमें से 8 से 10 फीसदी जालसाजी इन्हीं तीन जिलों से हो रही है. राज्य सायबर पुलिस के मुताबिक ये गैंग प्रदेश के लोगों के खातों से हर महीने 50 से 70 लाख रुपए ठग रहा था. ये खुलासा दो महीने पहले श्योपुर से पकड़े गए छह सदस्यीय गिरोह ने किया था. गिरोह के सरगना ने छह साल पहले हरियाणा में इस जालसाजी की ट्रेनिंग ली थी. फिर उसने खुद ट्रेनर बनकर 25 गिरोह तैयार कर दिए. यही गिरोह शिवपुरी, ग्वालियर संभाग में सक्रिय थे.
जामताड़ा की तर्ज पर सक्रिय था गिरोह


एसपी गुरुकरन सिंह ने जामताड़ा की तर्ज पर शिवपुरी और गुना मॉड्यूल ने पिछले 6 महीने में सभी कंपनियों की लगभग 2000 से ज्यादा फर्जी सिम निकालीं. सायबर पुलिस ने फर्जी तरीके से सिम उपलब्ध कराने वाले चार डिस्ट्रीब्यूटर, रिटेलर को शिवपुरी जिले से गिरफ्तार किया है. ये फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिम निकाल रहे थे. ये सिम इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपी सतीश दुबे जो पहले से ही भोपाल जेल में अन्य मामले में बंद है को उपलब्ध कराया जा रहा था. इसका संपर्क दिल्ली और उत्तर प्रदेश के ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले गिरोह से है.  इस मामले में देशभर के ठग गिरोह को सिम मुहैया करने वाला सबसे बड़ा डिस्ट्रीब्यूटर पंकज जोशी रामनगर करेरा का रहने वाला है. इसके अलावा डिस्ट्रीब्यूटर रिटेलर मनीष नामदेव, इंद्रपाल और पंकज गुप्ता को भी गिरफ्तार किया गया.फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है.जल्द ही देश के दूसरे हिस्सों से अन्य आरोपियों गिरफ्तारी हो सकती है.

ऐसे काम करता है जामताड़ा गैंग
शिवपुरी गुना मॉड्यूल जामताड़ा गैंग की तर्ज पर काम करता है. इस मॉड्यूल से जुड़े गैंग के सदस्य फर्जी तरीके से बैंकिंग शार्ट से जुड़ी गेम को फर्जी सिम मुहैया कराते हैं. एक बहुत बड़ा नेटवर्क है जो देश भर में फैला हुआ है.पुलिस से बचने के लिए झारखंड के तीनों जिलों में जालसाजों के ज्यादातर ठिकाने घने जंगल के बीच बनाए गए थे. महज 10वीं या 12वीं पास बेरोजगार युवकों को तनख्वाह पर रखकर उनसे देशभर में जालसाजी करवाई जाती है. बाकायदा कॉल सेंटर की तर्ज पर काम करते हुए ये गिरोह लोगों को कॉल कर उन्हें झांसा देता है और लोग पैसे के लालच में इनके चक्कर में पड़कर अपना पैसा खो बैठते हैं.
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