लोकसभा चुनाव: इन सीटों पर डैमेज कंट्रोल में जुटी बीजेपी, नेताओं को मिली जिम्मेदारी

सुलह कराने का जिम्मा जहां विनय सहस्त्रबुद्धे को सौंपा गया है तो लोकसभा प्रभारी स्वतंत्र देव सिंह को भी नेताओं के मनमुटाव को दूर करने की जिम्मेदारी दी गई है

Sonia Rana | News18 Madhya Pradesh
Updated: March 17, 2019, 3:59 PM IST
लोकसभा चुनाव: इन सीटों पर डैमेज कंट्रोल में जुटी बीजेपी, नेताओं को मिली जिम्मेदारी
(सांकेतिक तस्वीर)
Sonia Rana
Sonia Rana | News18 Madhya Pradesh
Updated: March 17, 2019, 3:59 PM IST
लोकसभा चुनाव में बीजेपी को उम्मीदवारों के टिकट तय करने से ज्यादा नेताओं के आपसे झगड़े निपटाने में मेहनत करनी पड़ रही है. आलम ये है कि झगड़े चुनावी हार का कारण न बन जाए इसलिए बाकायदा दिग्गजों को जिम्मेदारी दी गई है. शर्त यह है कि कुछ भी हो जाए टिकट के बाद घर में घमासान नहीं होना चाहिए.

दरअसल, लोकसभा चुनाव में टिकट चयन की कवायद से पहले भाजपा टिकट को लेकर चल रही मारा-मारी और आपसी मनमुटाव को दुरुस्त करने में जुट गयी है. डैमेज को समय रहते कंट्रोल किया जाए, आइल लिए बड़े नेताओं को जवाबदारी दे दी गई है. बडे़ नेताओं के बीच सुलह कराने का जिम्मा जहां विनय सहस्त्रबुद्धे को सौंपा गया है तो लोकसभा प्रभारी स्वतंत्र देव सिंह को भी नेताओं के मनमुटाव को दूर करने की जिम्मेदारी दी गई है.

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बड़ी सीटों की बात करें जहां घमासान है उनमें

1- भिंड में सांसद भागीरथ के सामने पूर्व सांसद अशोक अर्गल बने दावेदार (संसदीय सम्मेलन के दौरान राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के सामने भागीरथ को करना पड़ा था विरोध का सामना )
2- खंड़वा सीट पर पूर्व बीजेपी अध्य़क्ष और सांसद नंदकुमार सिंह चौहान और पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस आमने-सामने
3- खरगोन सीट पर पूर्व विधायक अंतर सिंह आर्य और सासंद सुभाष पटेल में टिकट को लेकर घमासान
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4- राजगढ़ में भी टिकट को लेकर पूर्व विधायक के कारण पैदा हुआ तनाव, सासंद रोडमल नागर के सामने पूर्व विधायक हरिचरण तिवारी की दावेदारी
5- भोपाल सीट पर भी दावेदारों की भरमार, सासंद आलोक संजर के सामने पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता और पूर्व सीएम बाबूलाल गौर बने टिकट के दावेदार
6-दमोह में सांसद प्रहलाद पटेल के सामने नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने बेटे के लिए मांगा टिकट
7- इन 6 सीटों के साथ ही सीधी से सांसद रीति पाठक, टीकमगढ़ में सासंद वीरेंद्र कुमार का भी विरोध देखने में आया.

इसके अलावा पूर्व सीएम शिवराज और प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह को जिम्मा दिया गया है कि वो जहां जाएंगे वहां की खींचतान को कम करेंगे. हालांकि बीजेपी का कहना है कि ऐसी स्थिति नहीं है. आपसी शिकायतें चलती रहती हैं. उधर कांग्रेस बीजेपी को टिकट घमासान पर घेर रही है.

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