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Damoh विधानसभा उप चुनाव : कांग्रेस का दावा - बीजेपी के कई असंतुष्ट नेता हमारे संपर्क में हैं

दमोह सीट पर 17 अप्रैल को उपचुनाव होना हैं.

दमोह सीट पर 17 अप्रैल को उपचुनाव होना हैं.

BHOPAL. कमलनाथ (Kamalnath) के दमोह दौरे के दौरान भाजपाइयों को कांग्रेस में शामिल करने पर पार्टी कोई फैसला कर सकती है. यह कल होने वाले कमलनाथ के दौरे के बाद तय होगा.

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 भोपाल. एमपी की दमोह (Damoh) विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव (By Election) के लिए कांग्रेस और बीजेपी दोनों कमर कसकर तैयार हैं. कमलनाथ के कल 25 मार्च को दौरे के साथ प्रचार में भी तेज़ी आ जाएगी. उनके दौरे से ऐन पहले पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रप्रभाष शेखर ने ये कहकर माहौल गर्मा दिया है कि बीजेपी के कई असंतुष्ट नेता उनके संपर्क में हैं.

कमलनाथ दमोह में पार्टी नेताओं के साथ बैठक कर उपचुनाव की रणनीति पर मंथन करेंगे. लेकिन कमलनाथ के दौरे से पहले पार्टी की ओर से बड़ा बयान आया है. पीसीसी उपाध्यक्ष चंद्रप्रभाष शेखर ने कहा है कि दमोह में बीजेपी के असंतुष्ट नेता कांग्रेस प्रभारियों के संपर्क में हैं और कल कमलनाथ के दमोह दौरे के दौरान भाजपाइयों को कांग्रेस में शामिल करने पर पार्टी कोई फैसला कर सकती है. यह कल होने वाले कमलनाथ के दौरे के बाद तय होगा.

संगठन प्रमुख तैनात
कांग्रेस ने बीजेपी के मुकाबले कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने के लिए अब प्रभारियों और विधायकों के बाद सभी संगठनों के प्रदेश अध्यक्षों को भी तैनात कर दिया है. पीसीसी के मुताबिक महिला कांग्रेस की मांडवी चौहान, यूथ कांग्रेस के विक्रांत भूरिया, एनएसयूआई के विपिन वानखेड़े और सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष रजनी सिंह को दमोह सीट की जिम्मेदारी सौंपी गई है. ताकि वह दमोह पहुंचकर पार्टी के पक्ष में माहौल बना सकें.
नाराज़गी दूर करने का प्रयास


25 मार्च को कमलनाथ के दौरे के बाद सभी संगठन के नेता और पदाधिकारी सिलसिलेवार दमोह पहुंचकर पार्टी की बैठक और प्रचार करेंगे.दमोह में कांग्रेस ने संगठन के तौर पर नाराजगी दूर करने के लिए पहले ही जिला अध्यक्ष के रूप में मनु मिश्रा को नियुक्त कर दिया है. मनु मिश्रा दमोह सीट पर टिकट के प्रबल दावेदार थे. लेकिन पार्टी ने अजय टंडन को टिकट दे दिया. उनकी जगह संगठन की जिम्मेदारी मनु मिश्रा को सौंपी गई है.

दोनों तरफ दिग्गज
2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर राहुल लोधी जीतकर विधानसभा पहुंचे थे. लेकिन वो दल बदल कर बीजेपी में शामिल हो गए और अब भाजपा के टिकट पर उम्मीदवार हैं. ऐसे में 2018 में बीजेपी को हराने वाली कांग्रेस पार्टी अब 2021 के उपचुनाव में अजय टंडन के चेहरे के साथ जीत को जारी रखना चाहती है. लेकिन दमोह सीट पर बीजेपी के दिग्गज नेता गोपाल भार्गव और भूपेंद्र सिंह की तैनाती के बाद कांग्रेस पार्टी ने भी रणनीति बदलते हुए पार्टी के बड़े नेताओं को दमोह चुनाव की जिम्मेदारी सौंप दी है.

बीजेपी का तंज
दमोह सीट के लिए कांग्रेस की रणनीति पर बीजेपी ने निशाना साधा है. पार्टी के मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर ने कहा कांग्रेस प्रयोगशाला वाली पार्टी बन गई है. हर बार चुनाव में पार्टी नए प्रयोग करती है, लेकिन नतीजा वही हार होता है. दमोह सीट पर भी कांग्रेस साफ हो जाएगी.
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