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Damoh उपचुनाव : कमलनाथ ने झूठे वादों और वोट का सौदा करने वालों से जनता को किया सावधान !!

दमोह विधानसभा सीट के लिए 17 अप्रैल को मतदान है.

दमोह विधानसभा सीट के लिए 17 अप्रैल को मतदान है.

Damaoh : कमलनाथ ने पुलिस से आव्हान किया कि वो अपनी वर्दी की इज्जत करे. प्रजातंत्र से खिलवाड़ न करे. सरकार कर्मचारियों से कहता हूं-अपनी शपथ को याद रखना. किसी के दवाब में मत आना.

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दमोह. दमोह विधानसभा सीट उप चुनाव (By election) के लिए कांग्रेस ने आज से अपना प्रचार का बिगुल फूंक दिया. पीसीसी चीफ और पूर्व सीएम कमलनाथ (Kamalnath) आज यहां पहुंचे और सभा की. उन्होंने दमोह की जनता को याद दिलाया कि उनके वोट के साथ छल हुआ है. उप चुनाव के लिए वोट डालते वक्त वो ये बात याद रखें और धोखा देने वालों को अपने वोट से सबक सिखाएं.

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज दमोह उपचुनाव के लिए पार्टी के प्रचार अभियान की शुरुआत की. यहां जिला मुख्यालय स्थित महाराणा प्रताप स्कूल परिसर में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी अजय टंडन के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया. अजय टंडन के लिए वोट मांगते हुए वो केंद्र एवं राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए नजर आए.

कमलनाथ ने किया सबको सावधान
कमलनाथ ने कहा मैं दमोह की जनता को सावधान करना चाहता हूं. भारतीय जनता पार्टी उपचुनाव जीतने के लिए वो साम दाम दंड भेद सभी तरीके अपनाएगी. धन-बल का उपयोग करेगी. पुलिस का दुरुपयोग करेगी. उन्होंने पुलिस से आव्हान किया कि वो अपनी वर्दी की इज्जत करे. प्रजातंत्र से खिलवाड़ न करे. सरकार कर्मचारियों से कहता हूं-अपनी शपथ को याद रखना. किसी के दवाब में मत आना.
केंद्र सरकार पर निशाना


कमलनाथ ने जनता को मोदी सरकार के वो वादे भी याद दिलाए जो आज तक पूरे नहीं हुए. उन्होंने कहा प्रधानमंत्री बनने के लिए मोदी जी 2 करोड़ नौजवानों को रोजगार देने की बात करते थे. 15 लाख रुपये देने का वादा था. लेकिन 2019 के चुनाव में मोदी जी ने नौजवानों की बात नहीं की. किसान की बात नहीं की. उल्टे नये कृषि कानून ले आए. काले कृषि कानून से निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा. कल कोई भी उद्योगपति आएगा उसे मंडी का दर्जा दे दिया जाएगा. कांग्रेस ने फ़ूड कॉर्पोरशन बनाया था. समर्थन मूल्य की शुरुआत कांग्रेस ने की थी. इंदिरा गांधीजी ने ये कानून बनाया था.

शिवराज से पूछना
पूर्व सीएम कमलनाथ ने जनता से कहा शिवराज यहां आएं तो घोषणाएं करेंगे. उनसे पूछ लीजिएगा कि कितने मेडिकल कॉलेजों की घोषणाएं की हैं. छतरपुर मेडिकल कॉलेज के हाल तो आप जानते ही हैं.
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