वायरस का कहर: MP में मिले 832 नए केस, 232 अकेले इंदौर में, मंत्रालय के 15 कर्मचारी भी कोरोना पॉजिटिव

मध्य प्रदेश में कोरोना बेकाबू होता दिखाई दे रहा है. (File)

मध्य प्रदेश में कोरोना बेकाबू होता दिखाई दे रहा है. (File)

वायरस का कहर: मध्य प्रदेश में कोरोना (Corona) बेकाबू हो गया है. पिछले 24 घंटों में 800 से ज्यादा नए मरीज मिले हैं. हालात यह हो गए हैं कि मंत्रालय में भी कई कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं, इससे खतरा और बढ़ गया है.

  • Last Updated: March 18, 2021, 11:47 AM IST
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भोपाल. मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण (Corona Infection) का कहर बढ़ता ही जा रहा है. बीते चौबीस घंटों में इंदौर के 232, भोपाल के 196, जबलपुर के 72, ग्वालियर के 29 और खंडवा के 24 नए मामलों को मिलाकर प्रदेश में कोरोना के 832 केस सामने आए हैं. अब प्रदेश में कोरोना के 5616 एक्टिव केस हो गए हैं. साथ ही पॉजिटिविटी रेट 4.8 हो गया है.

इधर, मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या से वल्लभ भवन यानी मंत्रालय भी अछूता नहीं रहा है. बुधवार को सामने आए कोरोना मरीजों के आंकड़ों में मंत्रालय के 15 कर्मचारी एक साथ कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. जानकारी के मुताबिक वल्लभ भवन मंत्रालय में पदस्थ जो 15 कर्मचारी एक साथ कोरोना पॉजिटिव आए हैं उनमें संसदीय कार्य विभाग के 4, स्कूल शिक्षा विभाग के 2 और वित्त विभाग के 9 कर्मचारी पाज़ीटिव पाए गए. आशंका है कि इन कर्मचारियों के संपर्क में जो बाकी कर्मचारी आए होंगे वह भी कोरोना पॉजिटिव हो सकते हैं.

मामला सामने आते ही मचा हड़कंप

इस जानकारी के सामने आते ही कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया है. मंत्रालय कर्मचारी यूनियन ने भी इसको लेकर चिंता जाहिर की है. आपको बता दें कि इससे पहले जब लॉकडाउन हुआ था तब भी मंत्रालय में कई कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे और तब कर्मचारियों की उपस्थिति को सीमित कर दिया गया था. लेकिन जैसे ही मरीजों की संख्या कम हुई तो मंत्रालय में कर्मचारियों की उपस्थिति 100 फीसदी कर दी गई थी. अब इसे फिर सीमित किया जा सकता है.
सीएम से लेकर पूरी सरकार वल्लभ भवन से ही चलती है

मंत्रालय में कर्मचारियों के कोरोना पॉजिटिव होने का मामला इसलिए भी गंभीर हो जाता है क्योंकि मंत्रालय ही वह जगह है जहां से प्रदेश की पूरी सरकार चलती है. मंत्रालय की ही एनेक्सी बिल्डिंग के पंचम तल पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का ऑफिस है. मुख्यमंत्री यहीं बैठते हैं. उनके अलावा मुख्य सचिव से लेकर तमाम प्रमुख सचिव समेत कई और आला अधिकारी भी मंत्रालय वल्लभ की बिल्डिंग में ही बैठते हैं. हालांकि कोरोना को देखते हुए मंत्रालय में वक़्त वक़्त पर सैनिटाइजेशन की व्यवस्था की गई थी लेकिन कोरोना की दूसरी लहर में यह उपाय नाकाफी नजर आ रहे हैं.

एमपी में तेज कोरोना की रफ्तार



मध्य पदेश में कोरोना की दूसरी लहर तेजी से बढ़ रही है. राजधानी भोपाल में बीते 3 दिनों से लगातार 200 के करीब मरीज सामने आ रहे हैं.  इंदौर में भी मरीजों के सामने आने का आंकड़ा लगभग ऐसा ही है. इसी को देखते हुए सरकार ने कुछ एहतियाती कदम उठाए हैं. इसके तहत भोपाल और इंदौर में नाइट कर्फ्यू लागू किया गया है. इसके अलावा आठ और शहरों में रात्रि के समय प्रतिबंध लगाए गए हैं. लोगों को भी मास्क लगाने और सोशल डिस्टेंसिंग के लिए जागरूक किया जा रहा है.
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