बेटी ने रिटायर्ड डिप्टी डायरेक्टर काे बनाया था बंधक, बेटे की शिकायत पर पिता की मिली मुक्ति

भोपाल में एक बेटी द्वारा पिता को बंधक बनाकर रखने का मामला सामने आया है. बेटे की शिकायत पर जिला विधिक प्राधिकरण ने टीम बनाकर बीमार बुजुर्ग का रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती कराया है.

News18 Madhya Pradesh
Updated: August 11, 2019, 8:35 AM IST
बेटी ने रिटायर्ड डिप्टी डायरेक्टर काे बनाया था बंधक, बेटे की शिकायत पर पिता की मिली मुक्ति
बेटी ने रिटायर्ड डिप्टी डायरेक्टर काे बनाया था बंधक, बेटे की शिकायत पर पिता की मिली मुक्ति (सांकेतिक तस्वीर)
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Updated: August 11, 2019, 8:35 AM IST
मध्य प्रदेश की राजधानी भाेपाल में एक बेटे ने जिला विधिक प्राधिकरण से अपने बुजुर्ग पिता से मिलने की गुहार लगाई थी. बेटे का आरोप था कि उसकी बहन ने पिता को बंधक बनाकर अपने घर में रखा है. इस चलते वह पिता से मिलने भी नहीं देती है.

जब टीम पहुंची तो बुजुर्ग का स्वास्थ्य ठीक नहीं था

इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राधिकरण द्वारा गठित टीम जब शनिवार को गुलमोहर निवासी बुजुर्ग के यहां पहुंची तो देखा उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं था. इसके बाद टीम ने आनन फानन में बुजुर्ग का रेस्क्यू कर उन्हें हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया.

दरअसल, समाज कल्याण विभाग के सेवानिवृत्त डिप्टी डायरेक्टर महेश कुमार तिवारी गुलमोहर में अपनी बेटी पूर्णिमा उर्फ मेहा तिवारी के साथ रहते हैं.

क्राइम रिपोर्ट-crime report
जब टीम पहुंची तो बुजुर्ग का स्वास्थ्य ठीक नहीं था (सांकेतिक तस्वीर)


बेटे ने लगाया था बंधक बनाकर रखने का आरोप 

वहीं मामले में प्राधिकरण के सचिव आशुतोष मिश्रा ने बताया कि बुजुर्ग के बेटे राजेश तिवारी ने आवेदन दिया था कि उनकी बहन ने पिता काे बंधक बनाकर रखा हुआ है. वे बीमार हैं और उनकी जान काे खतरा है. आरोप है कि उनकी बहन पूर्णिमा उर्फ मेहा तिवारी पिता से उन्हें मिलने नहीं देती. मेहा ने भाई काे न ताे पिता से मिलने दिया और ना ही उन्हें प्राधिकरण में पेश किया.
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टीम में इन लोगों को किया गया था शामिल

लिहाजा, इस पर सचिव आशुतोष मिश्रा ने एक कमेटी का गठन किया था. इसमें डाॅक्टर याेगेंद्र मिश्रा, जिला विधिक सहायता अधिकारी बीएम सिंह, पीएलवी आशीष तिवारी, एडवाेकेट संजू मिश्रा और शाहपुरा थाना प्रभारी आशीष भट्टाचार्य काे शामिल किया था.

बुजुर्ग की मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी

इस दौरान टीम ने मौके पर जाकर पिता से मुलाकत की. तब उनकी खराब हालत काे देखते हुए उन्हें रेस्क्यू कर हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया है. प्राधिकरण के सचिव ने बताया कि उनकी मेडिकल रिपाेर्ट देखने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा कि उन्हें कहां रखना है.

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First published: August 11, 2019, 8:32 AM IST
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