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MP में बिजली की अधिकतम मांग का टूटा रिकॉर्ड, जानिए किस इलाके के लोग सबसे ज्यादा जला रहे बिजली?

Sharad Shrivastava | News18 Madhya Pradesh
Updated: February 4, 2020, 7:38 PM IST
MP में बिजली की अधिकतम मांग का टूटा रिकॉर्ड, जानिए किस इलाके के लोग सबसे ज्यादा जला रहे बिजली?
3 फरवरी को मध्‍य प्रदेश में दर्ज हुई 14,555 मेगावाट बिजली की मांग.

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में बिजली आपूर्ति की अधिकतम मांग का अब तक का रिकॉर्ड टूट गया है. 3 फरवरी को बिजली की अधिकतम मांग 14,555 मेगावाट तक पहुंच गई है.

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भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में बिजली आपूर्ति की अधिकतम मांग का अब तक का रिकॉर्ड टूट गया है. जी हां, 3 फरवरी को बिजली की अधिकतम मांग का रिकॉर्ड बना है. सूबे में बिजली सेक्टर (Power Sector) के इतिहास में पहली बार एक दिन में अधिकतम मांग 14,555 मेगावाट तक पहुंच गई है. हालांकि 14,555 मेगावाट की अधिकतम मांग के बावजूद सभी बिजली कंपनियों की ओर से बिजली की अनकट सप्लाई की गई है. रिकॉर्ड मांग के दौरान बेहतर मैनेजमेंट के लिए मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह (Energy Minister Priyavrat Singh) ने एमपी पावर मैनेजमेंट, मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी, मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र, मध्य क्षेत्र और पश्चिम क्षेत्र की वितरण कंपनी के कर्मचारियों को बधाई दी है. दरअसल, मध्य प्रदेश में बीते एक हफ्ते से लगातार बिजली की अधिकतम मांग 14000 मेगावाट के ऊपर दर्ज हो रही है. प्रदेश में लगातार बिजली की मांग बढ़ने की वजह कृषि क्षेत्र में सिंचाई के साधनों के नए नए इस्तेमाल और शहर के साथ ग्रामीण इलाकों में आबादी का विस्तार माना जा रहा है.

कब-कितनी हुई बिजली की डिमांड ?
मध्य प्रदेश में 7 दिन से लगातार बिजली की अधिकतम मांग 14,000 मेगावाट के ऊपर दर्ज हो रही.
5 जनवरी 2019 को अधिकतम मांग 14,089 मेगावाट.

31 दिसम्बर 2019 को 14,326 मेगावाट.
27 जनवरी को 14,201 मेगावाट.
28 जनवरी को 14,415 मेगावाट.29 जनवरी को 14,373 मेगावाट.
31 जनवरी को 14,236 मेगावाट.
1 फरवरी को 14,109 मेगावाट.
2 फरवरी को 14,232 मेगावाट.
3 फरवरी को 14,555 मेगावाट से अधिक.

किस संभाग में कितनी मांग?
पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी यानी इंदौर और उज्जैन संभाग में बिजली की अधिकतम मांग 5471 मेगावाट है. जबकि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी यानी भोपाल और ग्वालियर संभाग में अधिकतम मांग 4930 मेगावाट रही है. यही नहीं, पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी यानी जबलपुर, सागर और रीवा संभाग में अधिकतम मांग 3884 मेगावाट दर्ज हुई है.

 

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First published: February 4, 2020, 7:34 PM IST
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