MP में फिर उठी पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू करने की मांग, CM कमलनाथ से मिले IPS अफसर

Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: August 28, 2019, 10:33 AM IST
MP में फिर उठी पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू करने की मांग, CM कमलनाथ से मिले IPS अफसर
IPS ऑफिसर चाहते हैं कि पुलिस कमिश्नर सिस्टम पहले भोपाल और इंदौर में लागू हो

सीएम से मिलने के बाद आईपीएस एसोसिएशन को उम्मीद जागी है कि नयी सरकार उनकी बात सुनेगी.

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मध्य प्रदेश (MADHYA PRADESH)में नयी सरकार में नयी पुलिस व्यवस्था की मांग फिर ज़ोर पकड़ रही है. प्रदेश की IPS लॉबी चाहती है कि प्रदेश में पुलिस कमिश्नर सिस्टम हो (POLICE COMMISSIONER SYSTEM). एक प्रतिनिधिमंडल ने सीएम कमलनाथ (CM KAMALNATH) से मिलकर अपनी मांग रखी. इस बार गृह विभाग इस पर गंभीर दिख रहा है.

मध्‍यप्रदेश आईपीएस एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ से मंत्रालय में मुलाकात की थी. ये अफसर प्रदेश में पुलिस कमिश्नर सिस्टम चाहते हैं. शुरुआत भोपाल और इंदौर से हो. विशेष पुलिस महानिदेशक एसएएफ और आईपीएस एसोसिएशन के अध्‍यक्ष विजय यादव ने सीएम कमलनाथ को इंदौर और भोपाल महानगरों में पुलिस कमिश्नर सिस्टम की आवश्‍यकता के बारे में बताया.विजय यादव ने कहा इस सिस्टम से पुलिस को मजबूती मिलेगी. एसोसिएशन की मांग को सीएम कमलनाथ ने गंभीरता से लिया और पुलिस कमिश्नर सिस्टम को लेकर आश्वासन भी दिया है.
IPS अफसरों की और भी हैं मांगें
प्रदेश के IPS अफसरों की और भी कुछ मांगें हैं जो उन्होंने मुख्यमंत्री कमलानथ के सामने रखीं. प्रतिनिधिमंडल ने 1987 बैच के आईपीएस अधिकारियों को पुलिस महानिदेशक वेतनमान और 1994 बैच के अधिकारियों का अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक के पद पर प्रमोशन और मूलवेतन के प्रतिशत के अनुसार जोखिम भत्‍ता अनुदान देने की मांग रखी है.गृहमंत्री बाला बच्चन ने बताया कि पुलिस कमिश्नर सिस्टम को लेकर मंथन किया जा रहा है.सीएम कमलनाथ खुद इस मुददे पर विचार कर रहे हैं.

ऐसा होगा पुलिस कमिश्नर सिस्टम?
पुलिस मुख्यालय इससे पहले भी पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू करने के लिए कई बार गृह विभाग को प्रस्ताव भेज चुका है. पुलिस कमिश्नर सिस्टम में पिरामिड में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एडीजी स्तर के अधिकारी को पुलिस कमिश्नर बनाया जा सकता है. उसके नीचे दो ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर बनाए जा सकते हैं, जो आईजी स्तर के होंगे.पिरामिड में एडिशनल पुलिस कमिश्नर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी डीआईजी स्तर अफसरों को मिलेगी.इसी तरह डिप्टी पुलिस कमिश्नर एसपी स्तर के होंगे.
सिर्फ 6 फीसदी जनता पर लागू होगा सिस्टम
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जूनियर आईपीएस या वरिष्ठ एसपीएस अधिकारियों को असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर बनाया जा सकेगा.IPS अफसर एसोसिएशन ने जो प्रस्ताव सरकार के सामने रखा है उसमें मध्यप्रदेश की कुल आबादी में से केवल 5.6 फीसदी पर ही ये सिस्टम लागू होगा.प्रदेश की सात करोड़ 26 लाख आबादी में से भोपाल की 18.86 लाख और इंदौर की 21.93 लाख आबादी है.भोपाल की आबादी प्रदेश की कुल आबादी का 2.59 प्रतिशत है और इंदौर की आबादी 3.01 प्रतिशत है.सीएम से मिलने के बाद आईपीएस एसोसिएशन को उम्मीद जागी है कि नयी सरकार उनकी बात सुनेगी.

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First published: August 28, 2019, 10:33 AM IST
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