जिस दिन भागवत एकजुटता के संदेश का पालन करने लगेंगे, लिंचिंग बंद हो जाएगी: दिग्विजय
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जिस दिन भागवत एकजुटता के संदेश का पालन करने लगेंगे, लिंचिंग बंद हो जाएगी: दिग्विजय
दिग्‍विजय सिंह ने आरएसएस प्रमुख पर साधा निशाना.

मध्‍य प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री दिग्विजय सिंह (Former Chief Minister Digvijay Singh) ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत (RSS Chief Mohan Bhagwat) के एकजुटता पर दिए एक बयान पर कटाक्ष किया है.

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भोपाल. कांग्रेस के दिग्गज नेता और मध्‍य प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री दिग्विजय सिंह (Former Chief Minister Digvijay Singh) ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत (RSS Chief Mohan Bhagwat) के नागपुर में एकजुटता पर दिए एक बयान पर कटाक्ष किया है. दशहरा (Dussehra) के मौके पर भागवत के एकजुटता वाले बयान पर दिग्‍विजय ने कहा कि जिस दिन वह इस संदेश का पालन करने लगेंगे, उस दिन देश की भीड़ हत्या एवं नफरत जैसी सारी समस्या समाप्त हो जाएंगी. साथ ही मध्‍य प्रदेश के पूर्व सीएम ने कहा, ‘जिस दिन मोहन भागवत एकजुटता का संदेश देकर उसका पालन करने लगेंगे, प्रेम एवं सदभाव तथा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का रास्ता अपना लेंगे, उस दिन सारी समस्या समाप्त हो जाएंगी. भीड़ हत्या खत्म हो जाएगी और नफरत भी समाप्त हो जाएगी, शिकायतें भी नहीं रहेंगी.'

आरएसएस ने दिया था ये संदेश
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को विजयदशमी के मौके पर नागपुर के रेशमीबाग मैदान में ‘शस्त्र पूजा’ के बाद स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा था कि ‘भीड़ हत्या’ (लिंचिंग) पश्चिमी तरीका है और देश को बदनाम करने के लिए भारत के संदर्भ में इसका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. ‘लिंचिग’ शब्द की उत्पत्ति भारतीय लोकाचार से नहीं हुई, ऐसे शब्द को भारतीयों पर ना थोपें.

कांग्रेस ने किया पलटवार
कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता आनंद शर्मा ने ट्वीट कर कहा, ‘ मेरा सरसंघचालक मोहन भागवत से सीधा सवाल है- क्या वह और उनका संगठन घृणा और हिंसा का इस्तेमाल कर निर्दोष और असहाय लोगों की हत्या का अनुमोदन करते हैं या ऐसी घटनाओं की भर्त्सना करते हैं. देश जानना चाहता है कि आपको समस्या इन घटनाओं से है या सिर्फ शब्दावली से?’



आनंद शर्मा का ट्वीट


साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘यह भारतीय और यूरोपीय भाषा का विषय नहीं है, यह मानवता और देश के नागरिकों के मौलिक अधिकारों का विषय है. क्या अफवाहों से उत्तेजित भीड़ द्वारा निर्दोष व असहाय लोगों की हत्या का आप अनुमोदन करते हैं या निंदा? राष्ट्रहित में आपका स्पष्टीकरण अनिवार्य और वांछित है.'

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