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Digvijay Singh VS Jyotiraditya Scindia: 'गद्दार कौन' विवाद में दिग्विजय सिंह के पिता की एंट्री!

Digvijay Singh VS Jyotiraditya Scindia: 'गद्दार कौन' विवाद में दिग्विजय सिंह के पिता की एंट्री!

Bhopal.  कभी दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया साथ साथ थे. अब सियासी विरोधी हो गए.

Bhopal. कभी दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया साथ साथ थे. अब सियासी विरोधी हो गए.

Digvijay Singh VS Jyotiraditya Scindia : पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच 'गद्दार' कौन पर विवाद बढ़ता जा रहा है. दिग्विजय सिंह ने सिंधिया परिवार पर गद्दारी का आरोप लगाया तो अब बचाव में सिंधिया समर्थक बीजेपी नेता सामने आ गए हैं. उन्होंने एक पुराने कथित पत्र का हवाला देकर दिग्विजय सिंह के पिता बलभद्र सिंह पर अंग्रेज भक्त होने का आरोप मढ़ दिया है.

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भोपाल. मध्य प्रदेश के दो दिग्गज नेताओं के बीच गद्दारी पर विवाद बढ़ता जा रहा है. पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) के सिंधिया परिवार को गद्दार कहने के बाद अब केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) समर्थन में बीजेपी उन पर हमलावर हो गयी है.  सिंधिया के साथ बीजेपी में गए एक नेता ने पुराने कथित पत्र का हवाला देकर दिग्विजय सिंह के पिता पर ही गद्दार होने का आरोप लगा दिया.

दिग्विजय सिंह के बयान के बाद आज बीजेपी ने मोर्चा संभाला. सिंधिया के साथ दलबदल कर बीजेपी में गए पंकज चतुर्वेदी ने दिग्विजय के पिता बलभद्र सिंह पर अंग्रेज भक्ति का आरोप लगा दिया. उन्होंने एक कथित पत्र का हवाला देते कहा- ‘दिग्विजय सिंह को अपने वंश पर बड़ा घमंड है. जब देश भक्त अंग्रेजों की गोलियां खाकर शहीद हो रहे थे, तब दिग्विजय सिंह के पिता बलभद्र सिंह जी अपने पूर्वजों की ओर से की गई अंग्रेजों की सेवाओं की दुहाई देकर अपने और अपने परिवार के लिए सुविधाओं की मांग कर रहे थे.’

वफादारी का हवाला
पंकज चतुर्वेदी दावा करते हैं कि बलभद्र सिंह जी ने अपने वंश और अंग्रेज भक्ति का वर्णन करते हुए एक पत्र 16 सितंबर 1939 को लिखा था.उन्होंने कहा कि इसमें लिखा था, “मेरे पूर्वजों ने 1779 से ब्रिटिश सरकार को भरपूर सेवाएं प्रदान की हैं. मेरे पिताजी ने भी आपको अपनी निजी सेवा प्रदान की है. पिछले युद्ध के समय भी ब्रिटिश सरकार को राघोगढ़ ने अपनी भरपूर सेवा प्रदान की है. अब मैं आपको अपनी वफादारी से भरी सेवा प्रदान करना अपना धर्म समझता हूं.’

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2002 में भोपाल में लगी थी प्रदर्शनी
बताया जा रहा है दिग्विजय सिंह के पिता बलभद्र सिंह का अंग्रेजों को लिखा ये कथित पत्र सन 2002 में भोपाल में राजकीय अभिलेखागार और पुरातत्व विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में रखा गया था. उस वक्त दिग्विजय सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री थे.

इतिहास का हवाला
बीजेपी ने कहा, ‘इतिहासकार राजा रघुवीर सिंह के अनुसार दिग्विजय सिंह के पूर्वजों  को मुगलों की वफादारी के बदले में राघोगढ़ मिला. जबकि पानीपत की तीसरी लड़ाई में राघोगढ़ के तत्कालीन राजा ने मराठा साम्राज्य के सेनापति सदाशिवराव भाऊ को कोई सहयोग देने से इनकार कर दिया था और मुगलों का साथ दिया था.’

दिग्विजय सिंह ने सिंधिया को कहा था गद्दार
इन दिनों ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह के बीच गद्दारी के मसले पर विवाद चल रहा है. दिग्विजय सिंह ने शनिवार को गुना जिले के मधुसूदनगढ़ के रघुनाथ गांव और विदिशा जिले के मुंडेला गांव में सभाओं को संबोधित करते हुए कहा था, ‘मध्यप्रदेश में (वर्ष 2018 में हुए चुनाव में) कांग्रेस की सरकार तो बन गयी थी. सिंधिया जी चले गए छोड़कर और एक एक विधायक का 25-25 करोड़ रुपये ले गए. कांग्रेस के साथ गद्दारी कर गए. इसका मैं क्या करूं. किसने सोचा था. जनता ने तो कांग्रेस की सरकार बनवा दी थी.’ उन्होंने आगे कहा, ‘इतिहास इस बात का साक्षी है. एक व्यक्ति गद्दारी करता है, तो उसकी पीढ़ी दर पीढ़ी गद्दारी पे गद्दारी करती है.’ (यह पत्र बीजेपी नेताओं की ओर से जारी किया गया है. News 18 इस दावे की पुष्टि नहीं करता.)

Tags: BJP MP politics, Digvijay singh, Jyotiraditya Scindia, Madhya Pradesh Congress, Madhya pradesh latest news, Madhya Pradesh Politics

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