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BJP विधायक की वजह से डॉक्‍टर्स के फूले हाथ-पैर, जानिए पूरी कहानी...

News18 Madhya Pradesh
Updated: November 22, 2019, 12:00 AM IST
BJP विधायक की वजह से डॉक्‍टर्स के फूले हाथ-पैर, जानिए पूरी कहानी...
विधायक सीताराम आदिवासी की हठ ये अस्‍पताल प्रबंधन में मचा हड़कंप.

बीजेपी विधायक सीताराम आदिवासी (MLA Sitaram Adivasi) की बेटी के नवजात की हालत गंभीर है और जिला अस्पताल प्रबंधन (District Hospital Management) अपनी जिम्‍मेदारी से बचने के लिए उसे ग्वालियर (Gwalior) रेफर करना चाह रहा है.

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श्योपुर. बीजेपी विधायक सीताराम आदिवासी (MLA Sitaram Adivasi) की बेटी के प्रसव को लेकर शुरू हुए विवाद में अब नया मोड़ आ गया है. विधायक की बेटी के नवजात की हालत गंभीर है और अन्य मरीजों की तरह विधायक की नातिन को भी जिला अस्पताल प्रबंधन (District Hospital Management) अपनी जिम्‍मेदारी से बचने के लिए ग्वालियर (Gwalior) रेफर करना चाह रहा है, लेकिन विधायक व उनके परिजन नवजात को रेफर नहीं कराना चाहते. ऐसे में अस्पताल प्रबंधन के हाथ-पैर फूले हुए हैं.

नवजात की हालत है नाजुक
मामला विजयपुर के बीजेपी विधायक सीताराम आदिवासी की बेटी धोड़ा बाई के नवजात शिशु का है, जिसकी हालत प्रसव में देरी होने की वजह से नाजुक बनी हुई है. जिसे श्योपुर के जिला असप्ताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती करवाया गया है. नवजात का दो दिन से इलाज चल रहा है, लेकिन हालत में सुधार नहीं हो रहा है. इसी वजह से जिला अस्पताल प्रबंधन के हाथ-पैर फूल रहे हैं और जिला अस्पताल के सिविल सर्जन को डर है कि कहीं नवजात के साथ कोई अनहोनी हुई तो सारा मामला उनके सिर पर आएगा. इसी बात को लेकर उन्होंने गुरुवार को हेल्थ बुलेटिन जारी करने के नाम पर मीडिया को प्रेसनोट जारी कर मामले की जानकारी दी है. उन्‍होंने प्रेसनोट में लिखा है कि विधायक सीताराम आदिवासी की बेटी के नवजात को प्रसव के बाद जिला अस्पताल के एसएनसीयू में गंभीर हालत में भर्ती करवाया गया था. उसकी स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है. डॉक्टर शिशु का लगातार सुपरविजन करते हुए उपचार कर रहे हैं, लेकिन शिशु को एडवांस केयर की आवश्यकता है जिसकी सुविधा मेडीकल कॉलेज ग्वालियर में है. शिशु को ग्वालियर के लिए रेफर करने की सलाह दी गई है, लेकिन परिजन उसे रेफर नहीं करवा रहे है.

न्‍यूज़ 18 की खबर का दिखा असर

बीजेपी के विजयपुर विधायक सीताराम आदिवासी की बेटी धोड़ा बाई को बीते सोमवार को प्रसव के लिए जिला अस्पताल लाया गया था, लेकिन अस्पताल के डॉक्टरों ने प्रसव ऑपरेशन से होने की बात कही और एनएथीसिया का डॉक्टर नहीं होने की वजह से विधायक की बेटी का 12 घंटे के बाद प्रसव नहीं हो सका था. इसके बाद देर रात करीब 11 बजे विधायक की बेटी को जिला अस्पताल से प्राइवेट अस्पताल लाया गया तो एक घंटे के भीतर उसका नॉर्मल प्रसव हो गया. मामला न्यूज1 18 ने प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद जिला प्रशासन से लेकर जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों में हडकंप मच गया. मामले की जांच भी जिला प्रशासन ने बुधवार को शुरु की और अस्पताल को क्लीनचिट दे दी. अब विधायक की नातिन की तबियत में सुधार नहीं होने की वजह से उनके हाथ-पैर फिर से फूल रहे हैं.

जिला अस्‍पातल ने कही ये बात
जब इस मामले को लेकर न्‍यूज़ 18 ने जिला अस्पताल के सिविल सर्जन से बात की तो उन्‍होंने कहा कि हमारे यहां अच्छा इलाज किया जा रहा है, लेकिन उसे रेफर करवाने की जरुरत है.
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बहरहाल, सिविल सर्जन द्वारा जारी किए गए हेल्थ बुलेटिन के प्रेसनोट ने जिला अस्पताल के डॉक्टरों की मरीजों को रैफर करने की पुरानी आदत को एक बार फिर से सामने ला दिया है.

(रिपोर्ट-दीपक दंडौतिया)

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First published: November 21, 2019, 11:40 PM IST
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