नाबालिग बच्चियों का अबॉर्शन करने वाला प्यारे मियां का साथी डॉक्टर गिरफ्तार
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नाबालिग बच्चियों का अबॉर्शन करने वाला प्यारे मियां का साथी डॉक्टर गिरफ्तार
स्वीटी ने कमला देवी अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. हेमंत मित्तल द्वारा अबॉर्शन करने का खुलासा किया था.

प्यारे मियां (Pyare mian) ने इस पीड़ित बच्ची का अपनी असिस्टेंट स्वीटी के जरिए शाहजहांनाबाद स्थित कमला देवी अस्पताल (Hospital) में नियम विरुद्ध अबॉर्शन कराया था. उस समय लड़की 14 साल की थी

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भोपाल.मध्य प्रदेश के बहुचर्चित नाबालिग बच्चियों (minor girls) के यौन शोषण के मामले में गिरफ्तार अखबार मालिक प्यारे मियां से जुड़े लोगों पर भी अब भोपाल पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. प्यारे मियां के इशारे पर नाबालिग बच्चियों का अबॉर्शन कराने वाला निजी अस्पताल का मालिक डॉक्टर भी गिरफ्तार (arrest) कर लिया गया है. कोहेफिजा में एक बच्ची ने डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. उसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया. पुलिस आरोपी डॉक्टर से बाकी बच्चियों के बारे में पूछताछ कर रही है.

भोपाल के शाहजहांनाबाद इलाके में स्थित कमला देवी अस्पताल में डॉक्टर हेमंत मित्तल होम्योपैथिक डॉक्टर है. वो इस अस्पताल का डायरेक्टर है. अस्पताल उसका ही बताया जा रहा है. कोहेफिजा पुलिस ने एक नाबालिक लड़की की शिकायत पर प्यारे मियां सहित उसके साथियों पर एफआईआर दर्ज की थी. जब इस मामले की जांच की गई तो पता चला कि आरोपी प्यारे मियां के इशारे पर डॉ हेमंत मित्तल ने नाबालिग लड़की का अबॉर्शन किया था. इस काम में प्यारे मियां की पर्सनल सेक्रेटरी आरोपी स्वीटी ने साथ दिया था. पुलिस ने स्वीटी से जब पूछताछ की तो इस डॉक्टर के बारे में पता चला.

ऐसे खुले राज़
डॉक्टर से जब पूछताछ की तो उसने इस तरह की किसी जानकारी से इंकार कर दिया. लेकिन जब स्वीटी से उसका आमना-सामना कराया गया तो डॉक्टर ने सभी राज खोल दिए. पुलिस के सामने आरोपी डॉ हेमंत मित्तल ने कबूल किया है कि उसने स्वीटी और प्यारे मियां के कहने पर नाबालिग लड़की का अबॉर्शन किया था. पुलिस ने डॉक्टर को भी इस मामले में आरोपी बनाया है और उससे पूछताछ की जा रही है.
अस्पताल में फैमली प्लानिंग सेंटर...


पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 2007 में इस अस्पताल में फैमिली प्लानिंग सेंटर था. यही कारण है कि सेंटर की आड़ में कई गैर कानूनी काम किए जा रहे थे. पुलिस को अभी एक मामले के सबूत मिले हैं. हालांकि पुलिस अब इस केस से जुड़े दूसरे पहलू पर भी जांच कर रही है. पुलिस इस ऐंगल पर भी जांच करेगी कि बाकी जिन दूसरी नाबालिग लड़कियों ने एफआई आर दर्ज कराई थी, क्या उनका भी अबॉर्शन कराया गया था. हेमंत मित्तल ने अप्रैल 2018 में प्यारे मियां के कहने पर एक नाबालिग बच्ची का अबॉर्शन किया था. इस नाबालिग की शिकायत पर कोहेफिजा पुलिस ने प्यारे मियां सहित उसका साथ देने वालों  पर मामला दर्ज किया था.

बयान में सामने आया अबॉर्शन
इस पूरे मामले में पुलिस के साथ चाइल्ड लाइन की टीम भी नाबालिग लड़कियों के बयान दर्ज कर रही थी. जब कोहेफिजा में दर्ज एफ आई आर की पीड़ित बच्ची से पूछताछ की गई तो उसने अबॉर्शन कराने की बात बताई. प्यारे मियां ने इस पीड़ित बच्ची का अपनी असिस्टेंट स्वीटी के जरिए शाहजहांनाबाद स्थित कमला देवी अस्पताल में नियम विरुद्ध अबॉर्शन कराया था. उस समय लड़की 14 साल की थी.  इस मामले में पुलिस ने स्वीटी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी. स्वीटी ने कमला देवी अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. हेमंत मित्तल द्वारा अबॉर्शन करने का खुलासा किया था.

ये है पूरा मामला
भोपाल के शाहपुरा थाने में 6 नाबालिग लड़कियों ने भोपाल के अखबार मालिक प्यारे मियां के खिलाफ मामला यौन शोषण और रेप का केस दर्ज करवाया था. नाबालिगों ने पुलिस को बताया था कि प्यारे मियां की नज़र 14 से 17 साल की बच्चियों पर रहती थी. वो अपने भोपाल स्थित फ्लैट और इंदौर में लड़कियों को लेकर जाता था. उसके कई रसूखदारों से संबंध थे. 18 साल की होने के बाद पीड़ित की शादी वो अपने पैसे से करवा देता था. मामले का खुलासा होने पर प्यारे मियां पुलिस से बचने के लिए कश्मीर भाग गया था. जुलाई में पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद उसे कश्मीर से गिरफ्तार किया था. अभी आरोपी जेल में बंद है.
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