डरो नहीं महामारी से लड़ो : 90 साल की बुजुर्ग महिला ने 13 दिन में कोरोना को हराया... 

दिलीप कौर का कहना है कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में हिम्मत से काम लेना होगा.

दिलीप कौर का कहना है कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में हिम्मत से काम लेना होगा.

Bhopal-दिलीप कौर ने इतने कम समय में कोरोना को हराने के बाद संदेश दिया है कि सकारात्मक विचार से इस पर आसानी से विजय हासिल की जा सकती है. कोरोना होने पर तनाव और डर नहीं होना चाहिए.

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भोपाल. राजधानी भोपाल में 90 साल की एक बुजुर्ग महिला ने कोरोना (Corona) को मात दे दी. वो ठीक होकर अस्पताल से घर लौट चुकी हैं और अब घर में स्वास्थ्य लाभ ले रही हैं. कोरोना से उनके संघर्ष की ये कहानी 13 दिन चली.

भोपाल में रहने वाली दिलीप कौर को कोरोना हो गया था. वो 90 साल की हैं. उन्हें 12 अप्रैल को भोपाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उनकी कोरोना रिपोर्ट अब निगेटिव आ गयी है. 13 दिन के इलाज के बाद अस्पताल से उन्हें छुट्टी मिल गई है. दिलीप कौर ने इतने कम समय में कोरोना को हराने के बाद संदेश दिया है कि सकारात्मक विचार से इस पर आसानी से विजय हासिल की जा सकती है. कोरोना होने पर तनाव और डर नहीं होना चाहिए.

ऑक्सीजन लेवल था कम...

दिलीप कौर ने महज 13 दिन में कोरोना से जंग जीत ली है. उनके परिवार ने अस्वस्थ और ऑक्सीजन लेवल कम होने पर उन्हें भानपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया था. अस्पताल में भर्ती होने के दौरान जब उनका इलाज शुरू हुआ तब उनका ऑक्सीजन लेवल काफी कम था. डॉक्टरों ने लगातार उनका इलाज किया और उसी का नतीजा रहा कि 13 दिन में 90 साल की बुजुर्ग महिला ने कोरोना को हरा दिया.


कोरोना से थम नहीं रहा मौत का सिलसिला...

भोपाल में कोरोना से मौत का सिलसिला नहीं थम रहा है. रविवार को 117 लोगों की कोरोना से मौत हुई. ये गैर सरकारी आंकड़ा है. सभी शवों का कोविड प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार किया गया. भदभदा विश्राम घाट में 67, सुभाषनगर विश्राम घाट में 38 शवों को अंतिम संस्कार किया गया. झदा कब्रिस्तान में 12 शवों को दफनाया गया. सरकारी आंकड़ों में 3 लोगों की मौत बताई गई है. शनिवार को 155 शवों का कोरोना प्रोटोकॉल से  अंतिम संस्कार किया गया था.
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