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2 अरब 35 करोड़ साल बाद नष्ट हो जाएगी पृथ्वी!! ये है ज्योतिषियों का दावा

Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: January 14, 2020, 11:19 AM IST
2 अरब 35 करोड़ साल बाद नष्ट हो जाएगी पृथ्वी!! ये है ज्योतिषियों का दावा
2 अरब 35 करोड़ साल बाद नष्ट हो जाएगी पृथ्वी!!

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भोपाल.ज्योतिष शास्त्रियों (Astrologers) ने दावा किया है कि पृथ्वी (earth) 2 अरब 35 करोड़ साल बाद नष्ट हो जाएगी. ये दावा ज्योतिषियों ने किया. भोपाल (bhopal) में चल रही अखिल भारतीय शास्त्रार्थ सभा में शामिल होने देशभर से ज्योतिष शास्त्री आए हैं.

उज्जैन के महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय ने राज्यभवन में अखिल भारतीय शास्त्रार्थ सभा का आयोजन किया.इस सभा में प्रदेश के साथ जम्मू कश्मीर सहित दूसरे राज्यों के शास्त्री, ज्योतिष और आचार्य शामिल हुए.सभा में व्याकरण शास्त्र के शब्दनित्यत्वविमर्श, ज्योतिषशास्त्र के कालतत्व विमर्श, न्यायशास्त्र के परमाणुवाद और साहित्यशास्त्र के मम्मटाभिमतकाव्यलक्ष्मण विषय पर चर्चा हुई.इस शास्त्रार्थ सभा का उदेश्य शास्त्रों के ज्ञान को आगे बढ़ाना है.

पृथ्वी की उम्र 4 अरब 32 लाख साल
इस सभा में ज्योतिषशास्त्र के कालतत्व विमर्श पर हुई चर्चा रोचक रही.चर्चा में पक्ष और विपक्ष में शास्त्रियों ने अपनी-अपनी बात रखी.इस चर्चा के बाद इसके पीठाध्यक्ष प्रोफेसर हंसधर झा आचार्य राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान भोपाल ने कालतत्व की व्याख्या की.उन्होंने दावा किया कि पृथ्वी को लेकर तरह-तरह की भविष्यवाणी की जा रही है.कई लोग समय-समय पर भविष्यवाणी कर पृथ्वी को नष्ट करने का दावा करते हैं, लेकिन एक समय के बाद यह भविष्यवाणी गलत साबित होती है.आचार्य हंसधर झा ने कहा सृष्टि का बहुत बड़ा काल है.लोग भविष्यवाणी करते हैं कि संसार में यह पृथ्वी नष्ट हो, खत्म हो जाएगी.कितनी बार भविष्यवाणी हुई, पृथ्वी नष्ट हुई क्या? उन्होंने ज्योतिष शास्त्र के आधार पर दावा किया कि दुनिया में पृथ्वी की आयु 4 अरब 32 लाख तक की है.जिसमें 1 अरब 97 करोड़ वर्ष ही बीते हैं और अभी पृथ्वी की आयु 2 अरब 35 करोड़ वर्ष की बची है.

राज्यपाल ने जाहिर की चिंता
सभी विषयों पर चर्चा से निकले निष्कर्षों पर किताब छापी जाएगी.इस अखिल भारतीय शास्त्रार्थ सभा में राज्यपाल लालजी टंडन भी मौजूद थे. उन्होंने कहा जो संस्कृतियां खत्म हो गयी हैं और आज जो जीवित हैं उनमें अंतर है.आज भारत एक नए रूप में सामने आ रहा है.शास्त्रों के रूप में हमारे पास हज़ारों साल पुरानी धरोहर है.हमारे पूर्वजों ने जो सम्पत्ति दी है, वह इसलिए दी है ताकि हम अपनी आने वाली पीढ़ी को अपनी विशेषता और पहचान के बारे में बता सकें. आज देश को सबसे ज्यादा आवश्यकता सामाजिक और वैचारिक परिवर्तन की है. यही देश ऐसा है, जिसने बिना युद्ध, बिना शस्त्र, बिना विद्वेष के बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान किया है.हजारों साल से वो धरोहर हमारे पास शास्त्रर्थ के रूप में है.राज्यपाल ने चिंता ज़हिर करते हुए कहा अभी छोटी-छोटी बातों पर तलवारें चल रही हैं, पत्थर चल रहे है.आज देश को सबसे बड़ी आवश्यकता पुरानी परंपराओं को देखकर आगे बढ़ने की है.

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First published: January 14, 2020, 11:04 AM IST
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