आमलोगों को जोर का झटका: मध्य प्रदेश में इस महीने से महंगा हो जाएगा बिजली का बिल

मध्य प्रदेश के उपभोक्ताओं को बिजली का ज्यादा बिल देना पड़ेगा. . (सांकेतिक तस्वीर)

मध्य प्रदेश के उपभोक्ताओं को बिजली का ज्यादा बिल देना पड़ेगा. . (सांकेतिक तस्वीर)

मध्य प्रदेश सरकार इसी महीने से बिजली की दरें बढ़ाने जा रही है. बिजली कंपनियों को अपना करोड़ों का घाटा पूरा करने के लिए प्रस्‍ताव दिया था, जिसे मान लिया गया है.

  • Last Updated: December 18, 2020, 8:02 AM IST
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भोपाल. मध्य प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को महंगाई की करंट लगने जा रहा है. बिजली कंपनियों ने घरेलू बिजली में 15 पैसा प्रति यूनिट के दर से बिल बढ़ा दिया है. दरअसल, प्रदेश के बिजली कंपनियों पर बढ़ते घाटे को पूरा करने के लिए ऐसा किया गया है. 730 करोड़ के इस घाटे को पूरा करने के लिए बिजली कंपनियों ने विद्युत नियामक आयोग से बिजली दरों को बढ़ाने की मांग की थी. प्रदेश में घरेलू बिजली की दरों में 1.98 फीसदी की वृद्धि को विद्युत नियामक आयोग ने मंजूरी दी है.

बिजली कंपनियों ने आयोग को 40,016 करोड़ रुपए के राजस्व की जरूरत का प्रस्ताव सौंपा था. कंपनियों ने बिजली की दरों में 5.73 फीसदी का प्रस्ताव दिया था. इससे कंपनियों को करीब 2169 करोड मिलते. इस पर आयोग ने 7673 करोड़ की जरूरत और 730 करोड़ रुपए के घाटे को मंजूर किया है.

ऑनलाइन, एडवांस पेमेंट पर जारी रहेगी छूट

जानकारी के मुताबिक, प्रदेश की बिजली कंपनियों ने फरवरी 2020 में 5.73 फीसद तक बिजली की दर बढ़ाने का प्रस्ताव आयोग को दिया था, लेकिन कोरोनाकाल के कारण इस प्रस्ताव पर फैसला नहीं हो सका. आयोग ने गुरुवार को नया टैरिफ जारी कर दिया. आयोग के जारी टैरिफ में अब उपभोक्ताओं से मीटर किराया नहीं लिया जाएगा, लेकिन बिजली की दर में 1.98 फीसदी की वृद्धि उपभोक्ता को भरनी होग. नई दरें 26 दिसंबर से लागू होंगी. हालांकि, यह दरें अगले 3 महीनों के लिए होंगी. बिजली कंपनियों के प्रस्ताव पर आयोग अगले वित्त वर्ष के लिए 3 महीने बाद दोबारा दरें निर्धारित करेगा. विद्युत नियामक आयोग ने ऑनलाइन, अग्रिम भुगतान और प्रीपेड मीटर पर मिल रही छूट को जारी रखने का फैसला लिया.
कांग्रेस ने बोला हमला, कमलनाथ ने किया ट्वीट

पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों के बीच बिजली महंगा करने पर कांग्रेस ने बीजेपी पर हमला बोला है. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा है कि अबकी बार महंगाई से राहत देने वाली सरकार का नारा देने वाली बीजेपी जनता को महंगाई की आग में झोंक रही है. पेट्रोल-डीजल की आसमान छूती कीमतों के बाद रसोई गैस सिलेंडरों के दामों में भारी वृद्धि और बिजली की दरों में वृद्धि की गई है. महंगाई डायन खाए जात है का नारा देने वाले कोरोनाकाल में भी जनता को महंगाई की मार के बोझ तले कुचल रहे हैं. कांग्रेस सरकार ने जनता को ₹100 में 100 यूनिट बिजली देकर राहत दी थी, लेकिन बीजेपी सरकार ने बिजली महंगी कर जनता के साथ धोखा किया है. कांग्रेस 19 दिसंबर को पेट्रोल डीजल किसान आंदोलन के समर्थन में विरोध दिवस मना रही है. उस दिन कांग्रेस बिजली की बढ़ी दरों के खिलाफ भी विरोध प्रदर्शन करेगी और जनहित में मूल्य वृद्धि को वापस लेने की मांग करेगी.

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