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MP में वन विभाग की इस पहल से बचाई जा रही हैं लुप्त हो रहे पौधों की प्रजातियां

Sharad Shrivastava | News18 Madhya Pradesh
Updated: February 10, 2020, 10:09 PM IST
MP में वन विभाग की इस पहल से बचाई जा रही हैं लुप्त हो रहे पौधों की प्रजातियां
पौधों को रैंकिंग दे रहा है मध्य प्रदेश का वन विभाग

मध्य प्रदेश का वन विभाग (Forest Department) प्रदेश की नर्सरियों को उनकी क्वालिटी के हिसाब से रैकिंग दे रहा है. इस कोशिश के अच्छे नतीजे सामने आ रहे हैं.

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भोपाल. पर्यावरण (environment) के लिए लोगों को जागरूक करने और प्लांटेशन (Plantation) को बढ़ावा देने के मकसद से मध्य प्रदेश के वन विभाग ने अनोखी पहल शुरु की है. सूबे में नर्सरियों (Nurseries) को उनकी क्वालिटी के हिसाब से रैकिंग दी जा रही है. पहली बार में प्रदेश की 9 नर्सरियों को फाइव स्टार रैंकिंग मिली है. इनमें भोपाल की अहमदपुर नर्सरी भी शामिल है. इस नर्सरी में पौधों की ऐसी एक दर्जन से ज्यादा प्रजातियां सहेजी गई हैं जो लगभग लुप्त होने की कगार पर थीं. जिन लुप्त होती प्रजातियों को इन नर्सरियों में बचाया जा रहा है उनमें प्रमुख तौर पर कालाशीशम, तिन्सा, बीजा, हलदू, पाडर, अचार, भिलमा, शल्यकरणी और कारी शामिल हैं.

किस आधार पर हुई रैंकिंग ?
>> भोपाल सहित इंदौर, जबलपुर, रतलाम और रीवा की 9 नर्सरियों को 5 स्टार रैकिंग दी गई
>> इनमें भोपाल की अहमदपुर, इंदौर की मालवा डेमो, बड़गोंदा, चंद्रकेशर, जबलपुर की शहरी रोपणी, परियट, रतलाम की क्षिप्रा विहार, रीवा की रीवा और समधिन शामिल हैं

>> वन विभाग की 171 नर्सरियों में से 9 को 5 स्टार, 48 को 4 स्टार और 86 को 3 स्टार रैंकिंग मिली है
नर्सरियों की रैकिंग 9 अलग-अलग पैमानों पर की गई
>> इनमें बीज सोर्स, पौधों की क्वालिटी, पौधों की वैरायटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, जैविक खाद, रिकॉर्ड, नवाचार और शोध जैसे बिंदु शामिल हैं>> पौधों की गुणवत्ता के लिये 32, पौध विविधता 11, अधोसंरचना 17, जैविक खाद नवाचार और कौशल क्षमता के लिये 5-5, व्यवसायिक सेवा के लिये 8, अभिलेख 7 और प्रदर्शन के लिये 10 अंक निर्धारित किए गए थे.
>> उत्कृष्ट श्रेणी में 91 से 100 अंक हासिल करने वाली रोपणियों को 5 स्टार, बहुत अच्छी श्रेणी में 71 से 90 अंक हासिल करने वालों को 4 स्टार, अच्छी श्रेणी में 51 से 70 अंक प्राप्त करने वाली रोपणी को 3 स्टार दिया गया है.

युवा भी हो रहे जागरुक
पौधों की अलग-अलग वैरायटी और क्वालिटी के चलते भोपाल की अहमदपुर नर्सरी से पौधे खरीदने वालों की लंबी कतार है. खास बात ये है कि इनमें युवा ज्यादा हैं. एक ऐसी ही युवा नौकरीपेशा युवती कृतिका यादव ने बताया कि नर्सरी में न केवल अच्छे पौधे हैं बल्कि ये बाजार रेट से काफी कम पर हैं. हम अपने दोस्तों को गिफ्ट में देने के लिए यहां से पौधे लेने आए हैं. वहीं नर्सरी के प्रभारी रणछोड़दास अग्निहोत्री का कहना है कि नर्सरी में स्पेसिंग, शिफ्टिंग, ग्रेडिंग का काम लगातार जारी रहता है. हमने विलुप्त प्रजाति के पौधे तैयार किए हैं. हम पूरी तरीके से पौधे संरक्षण के लिए जैविक खाद का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसके नतीजे बेहतर आ रहे हैं.

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First published: February 10, 2020, 10:09 PM IST
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