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पूर्व 'महाधिवक्ता' पर शिकंजा : EOW ने पुरुषेंद्र कौरव के ख़िलाफ तेज़ की जांच

Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: October 11, 2019, 5:00 PM IST
पूर्व 'महाधिवक्ता' पर शिकंजा : EOW ने पुरुषेंद्र कौरव के ख़िलाफ तेज़ की जांच
पूर्व महाधिवक्ता पर आर्थिक अनियमितता का आरोप

EOW ने मध्यप्रदेश के पूर्व महाधिवक्ता पुरुषेंद्र कौरव के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच तेज कर दी है.पुरुषेंद्र कौरव शिवराज सरकार के दौरान महाधिवक्ता थे.कांग्रेस सरकार आते ही उन्हें हटा दिया गया था.

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भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh)में शिवराज सरकार (shivraj government) के दौरान महाधिवक्ता रहे पुरुषेंद्र कौरव (pushpendra kaurav) पर कमलनाथ सरकार (kamalnath government)ने शिकंजा कस दिया है.कौरव पर कोर्ट (court)में बिना उपस्थिति के लाखों रुपए फीस वसूलने का आरोप है. EOW ने तमाम दस्तावेज़ और सबूत जुटा लिए हैं. जल्द ही कौरव के खिलाफ एफआईआर (FIR)दर्ज की जा सकती है.

मध्य प्रदेश में जब बीजेपी की सरकार थी तब EOW ने कांग्रेस के कई नेताओं पर कार्रवाई की थी. अब सरकार कांग्रेस की है और वो पुराने घोटालों की फाइल खोल रही है.कमलनाथ सरकार ने शिवराज कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार और घोटालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. सबसे पहले बीजेपी कार्यकाल में हुए ई टेंडर, सिंहस्थ और एमसीयू घोटाले में एफआईआर दर्ज की गयी थी. अब EOW ने मध्यप्रदेश के पूर्व महाधिवक्ता पुरुषेंद्र कौरव के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच तेज कर दी है.पुरुषेंद्र कौरव शिवराज सरकार के दौरान महाधिवक्ता थे.कांग्रेस सरकार आते ही उन्हें हटा दिया गया था.
ये है पूरा मामला
19 अप्रैल 2019 को कांग्रेस नेता सौरभ शर्मा ने जबलपुर EOW एसपी से पुरुषेंद्र कौरव के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत की थी.शिकायत के साथ कई दस्तावेज़ भी दिए गए थे.आरोप है कि मप्र प्रदूषण निवारण मंडल के अधिवक्ताओं की सूची में पुरुषेंद्र कौरव शामिल थे.उन्हें 2016-17 में 35.93 लाख और 2017-18 में 31.75 लाख का पैमेंट किया गया.यह भुगतान कौरव को एनजीटी, जबलपुर हाईकोर्ट और दिल्ली एनजीटी में वकील के रूप में उपस्थित होने और पूरे मामले की पैरवी के लिए किया गया था.

बिना मापदंड भुगतान
नियमानुसार वकीलों का भुगतान पूरे प्रकरण और प्रकरण में उपस्थिति के लिए दिया जाता है. लेकिन कौरव को भुगतान करने में कोई मापदण्ड तय नहीं थे.नियमों को दरकिनार किया गया.आरोप यह भी है कि कौरव ने प्रदूषण निवारण मंडल में अपनी जूनियर पारुल उपाध्याय को भी पैनल में शामिल कराया था.
एक तारीख में कई कोर्ट में पैरवी का भुगतान लिया!
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इस मामले में पूर्व महाधिवक्ता के अलावा प्रदूषण निवारण मंडल के सदस्य सचिव ए एन मिश्रा और विधि अधिकारी सुधीर श्रीवास्तव पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं.शिकायत जांच योग्य थी, इसलिए EOW ने सबूत जुटना शुरू किया था.बताया जा रहा है EOW के हाथ कई अहम सबूत लगे हैं.
EOW का दावा
EOW के मुताबिक प्रदूषण निवारण मंडल के अधिकारियों के साथ मिलकर एक ही तारीख में हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट के साथ अलग-अलग कोर्ट में अपने भुगतान के पैमेंट लिए जाने की शिकायत मिली है.इस शिकायत की जांच जबलपुर यूनिट कर रही है.संबंधित कार्यालयों से दस्तावेज़ को जांच में लिया गया है.एक ही तारीख़ में लिए गए भुगतान की जांच की जा रही है.एक से अधिक कोर्ट में भुगतान की लिस्ट बनाई जा रही है. EOW के अधिकारी सबूतों का परीक्षण कर रहे हैं.

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First published: October 11, 2019, 5:00 PM IST
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