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बुंदेलखंड पैकेज का पैसा भी खा गए अफसर, EOW करेगा 100 से ज्यादा इंजीनियर्स की जांच
Bhopal News in Hindi

Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: January 29, 2020, 1:42 PM IST
बुंदेलखंड पैकेज का पैसा भी खा गए अफसर, EOW करेगा 100 से ज्यादा इंजीनियर्स की जांच
बुंदेलखंड पैकेज घोटाले की ईओडब्ल्यू कर रहा है जांच

EOW ने 2015-16 में मुख्य तकनीकी परीक्षक की रिपोर्ट को अपनी जांच में शामिल किया है. इसमें पीएचई (PHE) और फॉरेस्ट विभाग (FOREST) के जरिए किए गए कामों में बड़ा घोटाला पकड़ में आया था

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भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में बुंदेलखंड पैकेज (Bundelkhand Package) में हुए घोटाले में EOW ने अपनी जांच तेज कर दी है. उसने प्राथमिक जांच दर्ज कर 9 विभागों के जिम्मेदार अफसरों सहित 100 से ज्यादा इंजीनियर को रडार पर लिया है.

बुंदेलखंड पैकेज में भ्रष्टाचार की कई स्तर पर जांच की गई.लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने की वजह से इस भ्रष्टाचार पर हमेशा से सियासत होती आ रही है. सत्ता बदलने के बाद कमलनाथ सरकार ने भ्रष्टाचार और घोटालों की जांच का ऐलान किया था.ऐसे में एक बार फिर इस मामले की जांच की जा रही है.इस बार EOW ने प्राथमिक जांच दर्ज कर ली है.

तकनीकी परीक्षक की रिपोर्ट जांच में शामिल
EOW ने 2015-16 में मुख्य तकनीकी परीक्षक की रिपोर्ट को अपनी जांच में शामिल किया है. इसमें पीएचई और फॉरेस्ट विभाग के जरिए किए गए कामों में बड़ा घोटाला पकड़ में आया था. EOW ने रिपोर्ट के साथ तमाम दूसरे तथ्यों को अपनी जांच में लिया है.अब तक की जांच में पता चला है कि बुंदेलखंड पैकेज के लिए आए करोड़ों रुपए का बंदरबांट हुआ है. तमाम निर्माण कार्यों में विभागों के जिम्मेदारों से लेकर जिन एजेंसियों तक ने हर स्तर पर भ्रष्टाचार किया. EOW की रडार पर तमाम विभागों के जिम्मेदारों के साथ 100 से ज्यादा इंजीनियरों के खिलाफ सबूत जुटाए जा रहा हैं.

ऊपर से लेकर नीचे तक सब शामिल
बुंदेलखंड के विकास के लिए यूपीए सरकार ने साढ़े तीन हजार करोड़ का पैकेज दिया था. इस पैकेज के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, बांध, सिंचाई, पेयजल, परिवहन, सड़क, वन का विस्तार सहित कई विकास कार्य होने थे. EOW ने शिकायतों के आधार पर इस मामले में प्राथमिक जांच दर्ज की है. अभी तक की जांच में पता चला है कि पैकेज के तहत मिली सरकारी राशि का जमकर दुरुपयोग हुआ. सूत्रों के अनुसार पीएचई, फॉरेस्ट, पीडब्ल्यूडी सिंचाई और ग्रामीण विकास विभाग इसमें शामिल हैं. सामान खरीदने से लेकर निर्माण कार्य तक हर काम में मनमानी की गयी. EOW ऐसे तमाम अधिकारी कर्मचारियों के कनेक्शन की जांच और उनके खिलाफ सबूत जुटा रही है.

जांच की मॉनिटरिंगसागर EOW की टीम इस केस की जांच कर रही है. तमाम अधिकारी और कर्मचारियों के बयान लिए जा रहे हैं. तमाम दस्तावेज इकट्ठे किए जा रहे हैं. इस पूरे मामले में जो सबूत EOW के हाथ लगे हैं, उस पर सबसे पहले EOW के भोपाल स्थित मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों ने मंथन किया. उसके बाद प्राथमिक जांच दर्ज करने के निर्देश सागर टीम को दिए और फिर प्राथमिक जांच दर्ज की गयी. मुख्यालय हर हफ़्ते जांच से संबंधित जानकारी सागर की टीम से लेता है. पूरे मामले की पल-पल की मॉनिटरिंग की जा रही है.प्राथमिक जांच दर्ज होने के बाद किस पर FIR दर्ज की जाना है अब यह तय होना बाकी है.

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First published: January 29, 2020, 1:42 PM IST
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