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सिंहस्थ घोटाले में BJP सांसद जी एस डामोर पर शिंकजा, EOW ने शुरू की जांच

Sharad Shrivastava | News18 Madhya Pradesh
Updated: December 3, 2019, 3:00 PM IST
सिंहस्थ घोटाले में BJP सांसद जी एस डामोर पर शिंकजा, EOW ने शुरू की जांच
सिंहस्थ घोटाले में EOW ने बीजेपी सांसद जी एस डामोर के खिलाफ जांच शुरू की

सिंहस्थ में 12 करोड़ की पानी की टंकी (Water tank) खरीदने के लिए तीन बार टेंडर (tender) किए गए और फिर बाज़ार की कीमत से ज़्यादा दाम पर टंकियां ख़रीदी गयीं. शिकायत की जांच की गयी तो तथ्यों की पुष्टि हुई. उसके बाद EOW ने बीजेपी सांसद जी एस डामोर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की.

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भोपाल.सिंहस्थ घोटाले (Simhastha scam) में EOW ने बीजेपी सांसद (BJP MP) और पीएचई विभाग (PHE) के तत्कालीन चीफ इंजीनियर जी एस डामोर (G S Damore) पर शिकंजा कस लिया है. सांसद पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गयी है. ये सिंहस्थ में टंकी खरीदने के नाम पर किया गया घोटाला है. इस कार्रवाई के बाद सूबे का सियासी पारा सिंहस्थ पर एक बार फिर गरमा गया है.सरकार कह रही है कि सांसद डामोर जांच में सहयोग करें.बीजेपी ने इसे राजनीतिक द्वेष से की जा रही बदले की कार्रवाई बताया.

एमपी के सियासी समर में सिंहस्थ घोटाले का जिन्न फिर निकल आया है. इस बार सिंहस्थ घोटाले की जांच की आंच बीजेपी सांसद जी एस डामोर तक पहुंची है. EOW ने सिंहस्थ के दौरान टंकी खरीदी में हुई गड़बड़ी के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है. ये गड़बड़ी उसी दौरान हुई थी जब जी एस डामोर इंदौर में पदस्थ थे और पीएचई के चीफ इंजीनियर थे. सरकार में नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्द्धन सिंह का कहना है टंकी खरीदी में घोटाले के आरोप गंभीर हैं. लिहाजा जी एस डामोर को जांच में सहयोग करना चाहिए.

तिलमिला गयी BJP
EOW के इस एक्शन के बाद बीजेपी तिलमिला गयी है. बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने EOW की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया है. उनका कहना है सिंहस्थ घोटाले में ​सरकार के मंत्री ही पहले क्लीन चिट दे चुके हैं. एमपी की सियासत में सिंहस्थ घोटाले का मुद्दा बार-बार उठाया जाता है. विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने इसे सदन से लेकर सड़क तक बड़ा मुद्दा बनाया था. बाद में जांच की कई कहानियां भी सामने आयीं लेकिन किसी बड़े रसूखदार पर शिकंजा नहीं कसा.

ऐसे बाहर आया जिन्न 
EOW को सिंहस्थ 2016 के दौरान टंकी खरीद में गड़बड़ी की शिकायत मिली थी. ये शिकायत इसी साल सितंबर में आत्मजीत सलूजा की ओर से की गई थी. इसमें तत्कालीन PHE चीफ इंजीनियर जी एस डामोर, तत्कालीन कार्यपालन यंत्री, उप और सहायक यंत्री सहित टेंडर कमेटी के पदाधिकारियों पर अनियमितता के आरोप लगे थे. 12 करोड़ की पानी की टंकी खरीदने के लिए तीन बार टेंडर किए गए और फिर बाज़ार की कीमत से ज़्यादा दाम पर टंकियां ख़रीदी गयीं. शिकायत की जांच की गयी तो तथ्यों की पुष्टि हुई. उसके बाद EOW ने बीजेपी सांसद जी एस डामोर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की.

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First published: December 3, 2019, 3:00 PM IST
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