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बुंदेलखंड पैकेज घोटाले में शिकंजा कसा, EOW ने एक साथ दर्ज की 2 FIR
Bhopal News in Hindi

Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: February 14, 2020, 8:35 PM IST
बुंदेलखंड पैकेज घोटाले में शिकंजा कसा, EOW ने एक साथ दर्ज की 2 FIR
बुंदेलखंड के विकास के लिए यूपीए सरकार ने साढ़े तीन हजार करोड़ का पैकेज दिया था.

बुंदेलखंड पैकेज (Bundelkhand Package) में हुए घोटाले में ईओडब्ल्यू (EOW) ने शिकंजा कस दिया है और फॉरेस्ट व ग्रामीण यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को टारगेट पर लिया है. आपको बता दें कि बुंदेलखंड के विकास के लिए यूपीए सरकार ने साढ़े तीन हजार करोड़ का पैकेज दिया था.

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भोपाल. मध्य प्रदेश में बुंदेलखंड पैकेज (Bundelkhand Package) में हुए घोटाले में ईओडब्ल्यू (EOW) ने शिकंजा कस दिया है. ईओडब्ल्यू ने एक साथ दो अलग-अलग प्राथमिकी जांच दर्ज कर फॉरेस्ट और ग्रामीण यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को टारगेट पर लिया है. अब इन भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ सबूत जुटाए जा रहे हैं. यह पहली बार हुआ है, जब बुंदेलखंड पैकेट में किसी एजेंसी ने जांच के बाद कार्रवाई की है. इसी प्राथमिकी जांच को एफआईआर में तब्दील कर आरोपियों की धरपकड़ भी जल्द की जाएगी.

दर्ज हुईं दो प्राथमिकी जांच
ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने बताया कि बुंदेलखंड पैकेज में भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच की गई. इन शिकायतों में तमाम विभागों पर गंभीर आरोप थे. शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए ही एक साथ दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई. पहली प्राथमिकी जांच फॉरेस्ट विभाग के अज्ञात अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ, दूसरे प्राथमिकी जांच ग्रामीण यांत्रिकी विभाग के अज्ञात अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ की गई. ईओडब्ल्यू के अधिकारी प्राथमिक जांच को दर्ज कर अब आरोपी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटा रहे हैं. दोनों विभाग से तमाम दस्तावेजों को एकत्रित किया जा रहा है. आरोप है कि दोनों विभाग के अफसरों और कर्मचारियों ने प्राइवेट लोगों के साथ मिलकर बुंदेलखंड पैकेज के तहत मिली करोड़ों की राशि में भ्रष्टाचार किया है. इन विभागों के जरिए कागजों पर विकास कार्य दिखाए गए. बिना काम के बिलों से करोड़ों का भुगतान जारी किया गया.

तकनीकी परीक्षक की रिपोर्ट जांच में शामिल



न्यूज़ 18 ने 29 जनवरी को प्रकाशित की गई खास खबर में बताया था कि ईओडब्ल्यू ने 2015-16 में मुख्य तकनीकी परीक्षक की रिपोर्ट को अपनी जांच में शामिल किया है. इसमें पीएचई और फॉरेस्ट विभाग के जरिए किए गए कामों में बड़ा घोटाला पकड़ में आया था. ईओडब्ल्यू ने रिपोर्ट के साथ तमाम दूसरे तथ्यों को अपनी जांच में लिया है. अब तक की जांच में पता चला है कि बुंदेलखंड पैकेज के लिए आए करोड़ों रुपए का बंदरबांट हुआ है. तमाम निर्माण कार्यों में विभागों के जिम्मेदारों से लेकर जिन एजेंसियों तक ने हर स्तर पर भ्रष्टाचार किया. ईओडब्ल्यू की रडार पर तमाम विभागों के जिम्मेदारों के साथ 100 से ज्यादा इंजीनियरों के खिलाफ सबूत जुटाए जा रहे थे.

ऊपर से लेकर नीचे तक सब शामिल
बुंदेलखंड के विकास के लिए यूपीए सरकार ने साढ़े तीन हजार करोड़ का पैकेज दिया था. इस पैकेज के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, बांध, सिंचाई, पेयजल, परिवहन, सड़क, वन का विस्तार सहित कई विकास कार्य होने थे. ईओडब्ल्यू ने शिकायतों के आधार पर इस मामले में प्राथमिक जांच दर्ज की है. अभी तक की जांच में पता चला है कि पैकेज के तहत मिली सरकारी राशि का जमकर दुरुपयोग हुआ. सूत्रों के अनुसार पीएचई, फॉरेस्ट, पीडब्ल्यूडी सिंचाई और ग्रामीण विकास विभाग इसमें शामिल हैं. सामान खरीदने से लेकर निर्माण कार्य तक हर काम में मनमानी की गई.

 

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First published: February 14, 2020, 8:34 PM IST
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