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भोपाल में स्मार्ट सिटी के दफ़्तर पर EOW का छापा

News18 Madhya Pradesh
Updated: November 15, 2019, 2:38 PM IST
भोपाल में स्मार्ट सिटी के दफ़्तर पर EOW का छापा
भोपाल में स्मार्ट सिटी के दफ़्तर पर EOW का छापा

EOW के मांगने के बाद भी स्मार्ट सिटी ऑफिस ज़रूरी कागज़ात और डाटा उपलब्ध नहीं करा रहा था. EOW की ये टीम डाटा लेने ही आयी थी. दो दिन पहले भी एक टीम यहां आयी थी.

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भोपाल. भोपाल (Bhopal) में आज EOW की टीम ने स्मार्ट सिटी (smart city) के दफ्तर पर छापा (raid) मारा. टीम ने दफ़्तर सील कर दिया है. छापे की ये कार्रवाई कुछ दस्तावेज़ ज़ब्त करने के लिए की गयी. बताया जा रहा है जांच के एक मामले में बार-बार नोटिस के बावजूद स्मार्ट सिटी का स्टाफ ज़रूरी काग़ज़ात उपलब्ध नहीं करा रहा था.

भोपाल में EOW की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए स्मार्ट सिटी के दफ़्तर पर छापा मारा. EOW की दो सदस्यीय टीम यहां पहुंचीं. EOW के मांगने के बाद भी स्मार्ट सिटी ऑफिस ज़रूरी कागज़ात और डाटा उपलब्ध नहीं करा रहा था. EOW की ये टीम डाटा लेने ही आयी थी. दो दिन पहले भी एक टीम यहां आयी थी.

ये है मामला
बताया जा रहा है स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में इंटिग्रेटेड डाटा सेंटर और डिजास्टर रिकवरी सेंटर टेंडर की जांच के सिलसिले में छापा पड़ा. HPE को 299 करोड़ का टैंडर मिला था, जबकि बीएसएनएल ने 250 करोड़ का टैंडर डाला था. टैंडर की ये कार्रवाई नगरीय प्रशासन कमिश्नर विवेक अग्रवाल के कार्यकाल में 2017 में हुई थी. HPE कम्पनी में विवेक अग्रवाल के बेटे वैभव अग्रवाल सीनियर पोस्ट पर थे. ज़ाहिर है आरोप इन पर ही लगे.

इनके खिलाफ दर्ज की शिकायत

ईओडब्ल्यू ने स्मार्ट सिटी में हुए घोटाले की शिकायत रजिस्टर कर जांच शुरू की है. इस घोटाले में सीनियर आईएएस अफसर विवेक अग्रवाल और उनके बेटे पर गंभीर आरोप लगे हैं. आरोप है कि अपने बेटे को फायदा पहुंचाने के लिए एक विशेष कंपनी को 300 करोड़ का टेंडर जारी किया गया था.

EOW ने स्मार्ट सिटी घोटाला में उस मामले की जांच कर रही है जिसमें इस घोटाले की कई अहम जानकारी और सबूत हैं. शिकायत में सीधे नगर प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव रहे विवेक अग्रवाल और उनके बेटे वैभव अग्रवाल पर गंभीर आरोप हैं. सूत्रों ने बताया कि शिकायत की प्राथमिक जांच में कई अहम सबूत मिले हैं. इन सबूतों से सिद्ध हो रहा है कि स्मार्ट सिटी के तीन सौ करोड़ के टेंडर में गड़बड़ी तो हुई है. ईओडब्ल्यू टेंडर में टेंपरिंग से लेकर विभाग से तमाम दस्तावेजों को मांगा है.
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नगरीय प्रशासन के प्रमुख सचिव रहते हुए स्मार्ट सिटी के लिए डाटा सेंटर और डिजास्टर रिकवरी के सेंटर बनाने के लिए तीन सौ करोड़ का टेंडर जारी हुआ था. शिकायत में आरोप लगाए गए हैं कि अपने बेटे वैभव को आर्थिक फायदा पहुंचाने के लिए एक विशेष कंपनी को टेंडर जारी किया गया. जबकि बीएसएनएल ने सबसे कम का टेंडर भरा था.

विवेक अग्रवाल का बयान-विवेक अग्रवाल का कहना है पूरे मामले में स्मार्ट सिटी ने ही टेंडर कराए थे. इसमें डायरेक्टरेट का कोई लेना देना नहीं है. यदि कोई शिकायत मिलेगी तो उस पर अगला कदम उठाया जाएगा. अभी तक उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है. (भोपाल से रिपोर्टर जीतेन्द्र शर्मा और मनोज राठौर का इनपुट)

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First published: November 15, 2019, 2:37 PM IST
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