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EXCLUSIVE: राज्यपाल के बेटे की मौत के बाद एक चिट्ठी से गहराया राज

EXCLUSIVE: राज्यपाल के बेटे की मौत के बाद एक चिट्ठी से गहराया राज

भर्ती घोटाले में आरोपी राज्यपाल रामनरेश यादव के बेटे शैलेष यादव की मौत को लेकर रहस्य गहरा गया है। शैलेष की रहस्यमय हालात में जिस दिन मौत हुई उसी दिन एसटीएफ को एक चिट्ठी मिली है। शैलेष यादव के नाम से मिली इस चिट्ठी में खुद को मानसिक प्रताड़ना का शिकार बताया है। हालांकि, इस चिट्ठी पर किसी के हस्ताक्षर नहीं है।

भर्ती घोटाले में आरोपी राज्यपाल रामनरेश यादव के बेटे शैलेष यादव की मौत को लेकर रहस्य गहरा गया है। शैलेष की रहस्यमय हालात में जिस दिन मौत हुई उसी दिन एसटीएफ को एक चिट्ठी मिली है। शैलेष यादव के नाम से मिली इस चिट्ठी में खुद को मानसिक प्रताड़ना का शिकार बताया है। हालांकि, इस चिट्ठी पर किसी के हस्ताक्षर नहीं है।

भर्ती घोटाले में आरोपी राज्यपाल रामनरेश यादव के बेटे शैलेष यादव की मौत को लेकर रहस्य गहरा गया है। शैलेष की रहस्यमय हालात में जिस दिन मौत हुई उसी दिन एसटीएफ को एक चिट्ठी मिली है। शैलेष यादव के नाम से मिली इस चिट्ठी में खुद को मानसिक प्रताड़ना का शिकार बताया है। हालांकि, इस चिट्ठी पर किसी के हस्ताक्षर नहीं है।

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भर्ती घोटाले में आरोपी राज्यपाल रामनरेश यादव के बेटे शैलेष यादव की मौत को लेकर रहस्य गहरा गया है। शैलेष की रहस्यमय हालात में जिस दिन मौत हुई उसी दिन एसटीएफ को एक चिट्ठी मिली है। शैलेष यादव के नाम से मिली इस चिट्ठी में खुद को मानसिक प्रताड़ना का शिकार बताया है। हालांकि, इस चिट्ठी पर किसी के हस्ताक्षर नहीं है।

एसटीएफ एडीजी को संबोधित कर लिखी गई इस चिट्ठी में शैलेष यादव के हवाले से लिखा गया है, 'समाचार पत्रों के माध्यम से पता चला है कि मुझे व्यापमं प्रकरणों में लिप्त बताया गया है। समाचार पत्रों में भ्रामक जानकारी प्रकाशित की जा रही है कि मैं जांच में सहयोग नहीं कर रहा हूं। वस्तुस्थिति यह है कि मुझे आज तक एसटीएफ द्वारा जारी कोई सूचना पत्र मिला ही नहीं है। मानसिक प्रताड़ना की वजह से स्वास्थ्य खराब हो गया है और मेरा इलाज चल रहा है। चिट्ठी में भरोसा जताया गया है कि यदि उन्हें आधिकारिक सूचना मिल जाएगी तो वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे।'

यह चिट्ठी 23 मार्च को स्पीड पोस्ट के जरिए लखनऊ से भेजी गई। 24 मार्च को यह चिट्ठी एसटीएफ को मिली और 25 मार्च को एसटीएफ के अधिकारियों ने यह चिट्ठी पढ़ी। 25 मार्च की सुबह ही शैलेष यादव की मौत हुई थी। अपने पिता के लखनऊ स्थित सरकारी आवास में उनकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी।

इस चिट्ठी के बाद एसटीएफ के अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है। वहीं चिट्ठी की वैधता को लेकर भी सवाल खड़े हो गए है। ऐसा चिट्ठी पर किसी तरह के कोई हस्ताक्षर नहीं होने की वजह से है। यदि यह चिट्ठी में लिखी बातें वाकई में सही है तो इससे एसटीएफ की जांच पर भी सवाल उठेंगे।

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