किसान आत्महत्या: CM शिवराज का पलटवार- कमलनाथ जी आपको ओछी राजनीति से बचना चाहिए
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किसान आत्महत्या: CM शिवराज का पलटवार- कमलनाथ जी आपको ओछी राजनीति से बचना चाहिए
सीएम शिवराज ने पूर्व सीएम कमलानाथ से सवाल किए हैं. फाइल फोटो.

मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) के गृह जिले सीहोर में एक किसान के आत्महत्या (Farmer Suicide) करने के मामले में कमलनाथ (Kamal Nath) ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए आरोप लगाए थे.

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भोपाल. मध्य प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद अब विधानसभा (Assembly) की 27 सीटों पर उपचुनाव (By-Election) होने हैं. उपचुनाव में जीत के लिए बीजेपी (BJP) और कांग्रेस (Congress) दोनों ही दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. राजनीतिक दलों की अपनी रणनीति भी तैयार है. ऐसे में नेता एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने से भी नहीं बच रहे हैं. ताजा मामला एक किसान के आत्महत्या का है. इस मामले में सीएम शिवराज सिंह चौहान और पूर्व सीएम व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ आमने-सामने हैं. दोनों ने ट्वीट कर एक दूसरे पर निशाना साधा है.

सीएम के गृह जिले सीहोर में एक किसान के आत्महत्या करने के मामले में कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाए थे. इस आरोप के जवाब में सीएम शिवराज ने कई ट्वीट किए. एक ट्वीट में वीडियो शेयर करते हुए सीएम शिवराज ने लिखा- कमलनाथ जी, आप कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष है, पूर्व मुख्यमंत्री हैं, नेता प्रतिपक्ष है! आपको ऐसी ओछी राजनीति करने से बचना चाहिए. कम से कम अपने पद की गरिमा का ध्यान तो रखिये.


किसान आत्महत्या पर दिया ये जवाब
एक अन्य ट्वीट में सीएम शिवराज ने पूर्व सीएम कमलनाथ को जवाब देते हुए लिखा- क्या ‘झूठ और भ्रम’ ही कांग्रेस की ‘राजनीति’ है? लंबे समय से बीमार किसान बाबूलाल के कई ऑपरेशन हुए और उनका मानसिक संतुलन भी ठीक नहीं था. उनकी परिस्थिति में ना कोई कर्ज था ना फसल ख़राब हुई थी. उनकी मृत्यु पर आपकी यह संवेदनहीन राजनीति क्या आपको शोभा देती है?



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कमलनाथ ने लगाए थे ये आरोप
सिहोर के किसान बाबूलाल के आत्महत्या के बाद पूर्व सीएम कमलनाथ ने निशाना साधा था. एक ट्वीट में उन्होंने लिखा- मुख्यमंत्री के गृह ज़िले सीहोर में एक किसान ने फ़सल ख़राब होने पर आत्महत्या कर ली. प्रदेश के बड़े हिस्से में पूर्व में ही सोयाबीन की फ़सल ख़राब हो चुकी है और अब अतिवर्षा व बाढ़ से भी क़रीब 15 लाख हेक्टेयर फ़सल प्रदेश के बाढ़ प्रभावित विभिन्न जिलो में ख़राब हुई है.
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