IPS अफसर 1 महीने से घर पर रखे हैं पिता की लाश, डीजीपी ने बनायी हाईलेवल जांच कमेटी

डीजीपी वी के सिंह ने एडीजी रैंक के अधिकारियों की टीम बनायी हैमौके की स्थिति और बातचीत के बाद पुलिस मुख्यालय इस मामले में कोई फैसला लेगा.

Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: February 14, 2019, 3:15 PM IST
IPS अफसर 1 महीने से घर पर रखे हैं पिता की लाश, डीजीपी ने बनायी हाईलेवल जांच कमेटी
ADG RAJENDRA
Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: February 14, 2019, 3:15 PM IST
भोपाल में सीनियर आईपीएएस अफसर ADG राजेन्द्र कुमार मिश्रा अपने पिता की लाश एक महीने से घर में रखे हुए हैं. वो पिता को ज़िंदा करने के लिए तंत्र-मंत्र करवा रहे हैं. ये ख़बर न्यूज 18 एमपी में आने के बाद पुलिस मुख्यालय हरक़त में आ गया है. डीजीपी वी के सिंह ने हाईलेबल टीम बना दी है. ये टीम पूरे मामले की जांच करेगी.

डीजीपी वी के सिंह ने एडीजी रैंक के अधिकारियों की टीम बनायी है. ये टीम एडी़जी राजेन्द्र कुमार मिश्रा के सरकारी बंगले पर जाकर मामले की जांच करेगी. टीम एडीजी मिश्रा और उनके परिवार के लोगों से बात करेगी. मौके की स्थिति और बातचीत के बाद पुलिस मुख्यालय इस मामले में कोई फैसला लेगा.

ये है पूरा मामला
डेथ सर्टिफिकेट जारी करने के बावजूद एडीजी राजेन्द्र कुमार मिश्रा पिता की लाश को एक महीने से अपने सरकारी बंगले में रखे हुए हैं. पिता के जीवित होने की उम्मीद में वो लाश का झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र करवा रहे हैं.

राजेन्द्र मिश्रा पुलिस मुख्यालय भोपाल में एडीजी हैं. उनके पिता का इलाज करने वाले भोपाल के एक नामी निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने मौत और डेथ सर्टिफिकेट जारी करने की पुष्टि की है. न्यूज 18 पर उनके पिता की मौत की पुष्टि शहर का एक निजी अस्पताल और उसके डॉक्टर कर चुके हैं. लेकिन राजेन्द्र मिश्रा का दावा है कि पिता का अभी भी इलाज चल रहा है.



सीनियर आईपीएस अफसर राजेंद्र कुमार मिश्रा भोपाल के 74 बंगले स्थित डी-7 में रहते हैं.बताया जा रहा है कि मिश्रा अपने 84 साल के पिता कालूमनी मिश्रा को 13 जनवरी की रात आठ बजकर दस मिनट पर बंसल हॉस्पिटल इलाज के लिए ले गए थे.इलाज भी हुआ और अगले दिन 14 जनवरी की शाम पौने चार बजे डॉक्टरों ने उनके पिता को मृत घोषित कर उनका डेथ सर्टिफिकेट भी जारी किया.

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बंसल हॉस्पिटल के डॉक्टर अश्वनी मल्होत्रा ने NEWS18 पर कहा कि "अस्पताल लाने के अगले दिन 14 जनवरी को कालूमनी मिश्रा की डेथ हो गयी थी. उन्हें मल्टीपल कॉम्प्लीकेशन थे. किडनी डिसऑर्डर, लंग डिसऑर्डर और हार्ट डीसीज थी.एग्जेक्टली एक एक चीज याद नहीं है ऑन पेपर देख कर बताना पड़ेगा."
डॉ मल्होत्रा के मुताबिक "कालूमनी मिश्रा ने एक भी दिन सर्वाइव नहीं किया. 24 घंटे के अंदर उनकी डेथ हो गयी थी. वो बहुत ज्यादा स्ट्रिक्ट कंडीशन में अस्पताल लाए गए थे.वेंटिलेट किया था.वेंटिलेट करने के बाद भी चीजें मैनटेन नहीं हुई थीं..उनका कार्डिएक अरेस्ट हुआ था जो रिवाइव नहीं हो पाया था"

"इतने दिन हो गये हैं तो पॉइन्ट टू पॉइन्ट याद नहीं है...हां उनकी कन्फर्म डेथ हो गयी थी"
"मेडिकली वो काफी सिक थे..मल्टीपल मेडिकल इश्यू थे उनके. डाइड इन हॉस्पिटल..उन्हें पूरा डिक्लेयर करके ही भेजा था"

बंसल हॉस्पिटल के GM लोकेश झा ने NEWS18 को बताया कि जब ज़रूरत पड़ेगी तो रिकॉर्ड देंगे...राजेंद्र कुमार मिश्रा जी आरोप लगाएंगे तो कोर्ट जाएंगे...हमारे पास तो प्रूफ है...ये पेशेंट मेरे यहां 13 तारीख को आए थे...4 बजे उनकी डेथ हो गई जिसके बाद वो बॉडी बाहर लेकर गए हैं.

बताया जा रहा है कि राजेन्द्र मिश्रा अपने पिता की मौत पर यकीन नहीं कर रहे. वो लाश का झाड़ फूंक करवा कर उसे ज़िंदा करने की कोशिश कर रहे हैं. उनका दावा है कि उनके पिता का इलाज चल रहा है और हालत काफी गंभीर है.आयुर्वेदिक डॉक्टर भी इलाज कर रहे हैं.राजेन्द्र मिश्रा के घर से दुर्गन्ध उठ रही है. बताया जा रहा है कि बदबू की वजह से एसएएफ के दो जवान बीमार हो गए थे.
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