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आग से खेल रहे हैं भोपाल के 190 अस्पताल, यहां नहीं है फायर सेफ्टी इंतजाम

जबलपुर अग्निकांड के बाद फायर ब्रिगेड ने जांच की. उसकी रिपोर्ट के अनुसार शहर के 190 अस्पतालों में फायर सेफ्टी से जुड़े नियम और प्रावधानों को पूरा नहीं किया गया.

जबलपुर अग्निकांड के बाद फायर ब्रिगेड ने जांच की. उसकी रिपोर्ट के अनुसार शहर के 190 अस्पतालों में फायर सेफ्टी से जुड़े नियम और प्रावधानों को पूरा नहीं किया गया.

bhopal hospital. राजधानी भोपाल के 190 अस्पतालों के फायर सिस्टम में कमी पाई गई है. ऐसे में इन अस्पतालों में अग्निकांड का ...अधिक पढ़ें

भोपाल. राजधानी भोपाल के अस्पताल मरीजों और स्टाफ की जान से खेल रहे हैं. यहां एक या दो नहीं बल्कि पूरे 190 ऐसे अस्पताल हैं जहां आग से निपटने में भारी लापरवाही की जा रही है. यहां आग से निपटने के माकूल इंतजाम नहीं हैं. फायर बिग्रेड ने शहर के अस्पतालों की फायर सेफ्टी की जांच की तो अभी भी, करीब आधे ऐसे अस्पताल हैं जहां पर फायर सेफ्टी में लापरवाही मिली. ऐसे 190 लापरवाह अस्पतालों की सूची फायर ब्रिगेड ने सीएमएचओ को अग्रिम कार्रवाई के लिए भेजी है.

भोपाल के इन अस्पतालों में स्टाफ ही नहीं बल्कि मरीज और उनके परिजन भी सुरक्षित नहीं हैं. ऐसी लापरवाही किसी बड़ी घटना को न्यौता दे सकती है. भोपाल में एक बार फिर अस्पतालों में अग्निकांड का खतरा मंडरा रहा है. फायर सेफ्टी को लेकर अभी बिना पुख्ता इंतजाम नहीं है. फायर की अलग-अलग चार टीमों ने शहर के सभी छोटे बड़े अस्पतालों में जाकर निरीक्षण किया. वहां पर अभी भी फायर सेफ्टी को लेकर लापरवाही मिली. जांच में सामने आया कि अभी भी शहर के 190 ऐसे अस्पताल हैं जहां पर फायर सेफ्टी के मापदंड को पूरा नहीं किया गया. फायर सेफ्टी सिस्टम अस्पतालों में लगा हुआ था, लेकिन उस सिस्टम में कई छोटी-छोटी लापरवाही मिली. यही छोटी-छोटी लापरवाही किसी अग्निकांड जैसे बड़े हादसों को दावत दे सकती हैं.

शहर के 190 अस्पतालों में फायर सेफ्टी सिस्टम में कमी
फायर ब्रिगेड की जांच रिपोर्ट के अनुसार शहर के 190 अस्पतालों में फायर सेफ्टी से जुड़े नियम और प्रावधानों को पूरा नहीं किया गया. अस्पतालों में फायर सेफ्टी सिस्टम में कमी पाई गई. इन अस्पतालों में एग्जिट और वायरिंग की ज्यादातर खराबी मिली. सिस्टम में पानी सप्लाई के उपकरण भी ठीक नहीं मिले जबकि अधिकांश अग्निकांड की घटना में शॉर्ट सर्किट की वजह से ही आग लगने का खुलासा होता है. ऐसे में फायर सेफ्टी के सिस्टम की वायरिंग खराब होना सबसे बड़ी लापरवाही है.

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अस्पतालों की सूची सीएमएचओ को भेजी
एक डाटा के अनुसार भोपाल शहर में छोटे-बड़े कुल 450 अस्पताल हैं. इनमें 190 अस्पतालों में फायर सेफ्टी सिस्टम में लापरवाही पाई गई. नगर निगम अपर आयुक्त कमलेंद्र सिंह परिहार ने कहा फायर बिग्रेड टीम ने शहर के अस्पतालों की जांच की और उनकी सूची सीएमएचओ को भेजी है. उन्होंने कहा फायर ब्रिगेड की अलग-अलग टीम लगातार अस्पतालों और महत्वपूर्ण बिल्डिंग का निरीक्षण कर फायर सेफ्टी के मानकों को देखती हैं. एनओसी जारी करने से पहले भी निरीक्षण किया जाता है.

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