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COVID-19: MP पुलिस का FSL कोरोना टेस्ट करने वाला देश का पहला फॉरेंसिक लैब बना

मध्यप्रदेश की राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) देश की सबसे पुरानी एवं सबसे प्रतिष्ठित फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं में से एक है. सागर स्थित मुख्य प्रयोगशाला के साथ भोपाल, इन्दौर, ग्वालियर और जबलपुर में क्षेत्रीय प्रयोगशालाएं हैं.

मध्यप्रदेश की राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) देश की सबसे पुरानी एवं सबसे प्रतिष्ठित फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं में से एक है. सागर स्थित मुख्य प्रयोगशाला के साथ भोपाल, इन्दौर, ग्वालियर और जबलपुर में क्षेत्रीय प्रयोगशालाएं हैं.

मध्यप्रदेश की राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) देश की सबसे पुरानी एवं सबसे प्रतिष्ठित फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं में से एक है. सागर स्थित मुख्य प्रयोगशाला के साथ भोपाल, इन्दौर, ग्वालियर और जबलपुर में क्षेत्रीय प्रयोगशालाएं हैं.

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भोपाल.मध्य प्रदेश (Madhya pradesh) पुलिस की एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) में भी अब कोरोना का टेस्ट होगा. इसी के साथ ये कोरोना टेस्ट करने वाली देश की पहली पुलिस फॉरेंसिक लैब बन गई है. भोपाल और सागर DNA लैब में कोरोना सैम्पल की जांच की जा रही है. कोरोना संकट से उबारने में एफएसएल के तमाम आधुनिक उपकरण और वैज्ञानिक जांच में मदद कर रहे हैं.

प्रदेश को वैश्विक महामारी कोरोना संकट से उबारने में मध्यप्रदेश की एफएसएल ( फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) भी अहम भूमिका निभा रही है. एफएसएल में उपलब्ध अत्याधुनिक उपकरण, तकनीकी कौशल और प्रशिक्षित वैज्ञानिकों की टीम कोरोना जांच में सहयोग कर रही है. मध्यप्रदेश की एफएसएल, कोरोना टेस्टिंग में सहयोग देने वाली देश की पहली फॉरेंसिक लैब बन गई है. पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी ने प्रदेश के स्वास्थ्य संचालनालय से समन्वय बनाकर कोरोना वायरस की जाँच में प्रदेश की फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं से हर संभव सहयोग देने के निर्देश दिए हैं.

DNA लैब के उपकरणों से जांच
प्रदेश के फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी निदेशक डॉ. हर्ष शर्मा ने बताया कि प्रदेश फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की भोपाल और सागर स्थित डीएनए प्रयोगशालाओं में उपलब्ध उपकरणों को कोरोना टेस्ट के उपयोग के लिए दिया गया है. साथ ही लैब के डीएनए वैज्ञानिक इन मशीनों से कोरोना टेस्ट में पूरी सहायता कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, स्वास्थ्य निदेशालय के कोविड सेल के विशेषज्ञों, सागर और भोपाल के डीएनए वैज्ञानिकों, कोरोना टेस्टिंग लैब के डॉक्टरों के बीच तकनीकी चर्चा के बाद टेस्ट की ये व्यवस्था की गयी है.कोरोना टेस्ट में सहयोग के साथ-साथ फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी वैज्ञानिक कोरोना की जल्द और सटीक जांच के लिए अपना सहयोग और सुझाव दे रहे हैं.

हाल ही में भोपाल में शुरू हुआ है DNA लैब
क्षेत्रीय फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भोपाल में हाल ही में अत्याधुनिक डीएनए प्रयोगशाला शुरू हुई है. इसके प्रभारी डा. अनिल सिंह ने बताया कि कोरोना वायरस का टेस्ट आधुनिक उपकरण आरटी पीसीआर से किया जाता है. यही उपकरण फॉरेंसिक प्रयोगशाला में डीएनए टेस्ट में उपयोग किया जाता है. उन्होंने बताया कोरोना वायरस आरएनए संरचना का होता है. उपकरण में एक दूसरी किट का उपयोग कर, इससे कोरोना वायरस का टेस्ट किया सकता है. तीन डीएनए वैज्ञानिकों की टीम मेडिकल कॉलेज जाकर लगातार कोरोना टेस्ट में मदद कर रही है. इन वैज्ञानिकों में डा. अनिल सिंह, डा. हीरक रंजन दास और डा. कमलेश कैथोलिया शामिल हैं.

सागर की डीएनए में भी जांच
सागर फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की डीएनए प्रयोगशाला के प्रभारी और विशेषज्ञ डा. पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि सागर मेडिकल कॉलेज के कोरोना टेस्ट लैब के डॉक्टर और तकनीकी स्टाफ को एफएसएल के डीएनए लैब में ट्रेनिंग दी गयी है. वो अपने दो सहयोगियों डीएनए वैज्ञानिक डा. प्रवीश भाटी और डा. डी.डी. बंसल सागर मेडिकल कॉलेज जाकर लगातार कोरोना जांच में सहयोग कर रहे हैं. मध्यप्रदेश की राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) देश की सबसे पुरानी एवं सबसे प्रतिष्ठित फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं में से एक है. सागर स्थित मुख्य प्रयोगशाला के साथ भोपाल, इन्दौर, ग्वालियर और जबलपुर में क्षेत्रीय प्रयोगशालाएं हैं.

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