BJP की योजना पर भारी पड़ सकता है कमलनाथ का 'प्लान 22', पूर्व सीएम के दावे से मची खलबली

मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ.
मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ.

मध्य प्रदेश में COVID-19 के कारण पैदा हुए संकट से निपटने के लिए कांग्रेस और बीजेपी के नेता ऊपरी तौर पर भले बढ़-चढ़कर दावे कर रहे हों, लेकिन अंदरखाने लॉकडाउन (Lockdown) के बाद होने वाले उपचुनाव की रणनीति बन रही है.

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भोपाल. मध्य प्रदेश में भले ही अभी कोरोना वायरस (COVID-19) के कारण पैदा हुए संकट से निपटने के लिए बीजेपी (BJP) और कांग्रेस (Congress) जनसेवा का दावा कर रहे हों, लेकिन अंदरखाने दोनों पार्टियां 24 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव की रणनीति बनाने में जुटी हैं. ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ (Kamalnath) के उस दावे से बीजेपी के अंदर खलबली मच गई है, जिसमें उन्होंने 24 विधानसभा सीटों में से 20 से 22 सीटें जीतने का दावा किया है. पूर्व सीएम कमलनाथ ने इस बात के भी संकेत साफ दिए हैं कि कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए बागियों के रवैए को लेकर भाजपा के अंदर खासी नाराजगी है. बीजेपी के कई असंतुष्ट नेता उनके संपर्क में हैं.

कमलनाथ के प्लान से सतर्क हुई भाजपा
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और करीब 2 महीने पहले सत्ता से बाहर हुए कांग्रेस नेता कमलनाथ के इस संकेत के बाद बीजेपी नेता अलर्ट हो गए हैं. यही वजह है कि पार्टी ने सभी 24 विधानसभा सीटों वाले 15 जिलों में हर दिन मॉनिटरिंग करना तेज कर दिया है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा भाजपा दफ्तर में बैठकर हर दिन 15 जिलों के अध्यक्षों और विधानसभा क्षेत्रों के पार्टी नेताओं से चर्चा कर रहे हैं. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली चर्चा में हर दिन इन जिलों का फीडबैक लिया जा रहा है.

24 विधानसभा सीटों पर होना है उपचुनाव
दरअसल, प्रदेश में 24 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है. लॉकडाउन (Lockdown) खत्म होने के बाद उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कभी भी हो सकता है. ऐसे में पीसीसी चीफ कमलनाथ हर दिन चुनाव की रणनीति बनाने का काम कर रहे हैं. साथ ही उन जिलों में बीजेपी के असंतुष्ट नेताओं से संपर्क बनाने की भी कोशिश कर रहे हैं, जो कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल होने वाले चेहरों से खासे नाराज हैं. इसी असंतोष को अपने पक्ष में करने के लिए कमलनाथ रणनीति बनाने का काम कर रहे हैं.



इन घटनाओं से मिल रहे संकेत
बहरहाल, बीजेपी के ग्वालियर चंबल इलाके में असंतोष के स्वर उठने के बाद पार्टी ने संगठन स्तर पर उन्हें दबाने की कोशिश की है. ग्वालियर चंबल के पार्टी नेताओं को समझाइश दी जा रही है. वहीं पार्टी के पूर्व मंत्री दीपक जोशी की नाराजगी को भी बीजेपी की मुखालफत से जोड़कर देखा जा रहा है. कांग्रेस पार्टी उन तमाम चेहरों से संपर्क करने में लगी है, जो बीजेपी के लिए उपचुनाव में एंटी रोल अदा कर सकते हैं.

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