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सोसायटी स्कैम के आरोपी क्रिश्चियन फेडरेशन के पूर्व PRO आनंद मुंटूगल गिरफ्तार

Jitendra Sharma | News18 Madhya Pradesh
Updated: December 12, 2019, 8:46 AM IST
सोसायटी स्कैम के आरोपी क्रिश्चियन फेडरेशन के पूर्व PRO आनंद मुंटूगल गिरफ्तार
सोसायटी स्कैम के आरोपी क्रिश्चियन फेडरेशन के पूर्व PRO आनंद मुंटूगल को कोर्ट ने भेजा जेल (सांकेतिक तस्वीर)

सोसायटी स्कैम (Society scam) के आरोप में क्रिश्चियन फेडरेशन (Christian Federation) के पूर्व पीआरओ (Public Relations Officer, PRO) फादर आनंद मुंटूगल (father anand muttungal) को ईओडब्ल्यू (Economic Offences Wing, EOW) की टीम ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

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भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) में सोसायटी स्कैम (Society scam) के आरोप में क्रिश्चियन फेडरेशन (Christian Federation) के पूर्व पीआरओ (Public Relations Officer, PRO) फादर आनंद मुंटूगल (father anand muttungal) को ईओडब्ल्यू (Economic Offences Wing, EOW) की टीम ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

पूरा मामला

आनंद मुंटूगल जब मध्य प्रदेश में ईसाई महासंघ (Christian Federation) के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) थे, तब उस दौरान उन्होंने अपने 8 लोगों के साथ मिलकर फर्जी तरीके से प्रॉपर्टी के नाम पर घेटाला किया था. इस मामले में ईओडब्ल्यू ने 8 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है.

मुंटूगल पर आरोप है कि संस्था में रहते हुए उन्होंने अपने परीजनों और दोस्तों को लाभ पहुंचाया है. इनके पारिवारिक सदस्य संस्था के मेंबर भी नहीं हैं. ईओडब्ल्यू से मिली जानकारी के मुताबिक यह मुकदमा बीते 17 अक्टूबर को दर्ज किया गया था, जिसकी शिकायत वर्ष 2017 में अक्टूबर माह में हुई थी.

किसने की थी फादर आंनद मुंटूगल की शिकायत

शिकायतकर्ता जीजी जॉन (GG John) और उनके एक सहयोगी ने इस मामले में शिकायत की थी, जिन्होंने शिकायत में बताया था कि मैसर्स सेंट जूड कॉलोनाइजर नाम की एक संस्था बनाई गई, जिसके 377 सदस्य हैं. इन्हें भूमि पर प्लॉट देने का झांसा दिया गया था, जिसके बदले में उनसे रकम ली गई थी. इसके बाद इस शिकायत की जांच की गई. जांच के बाद ईसाई महासंघ के तत्कालीन PRO फादर आनंद मुंटूगल, कोषाध्यक्ष त्रिलंगा निवासी राय जॉन तट्टा, साकेत नगर निवासी आभा टोप्पो, सीआई होम्स निवासी क्लारा क्रांति, बैरागढ़ निवासी और क्राइस्ट मेमोरी स्कूल के प्रिंसीपल मैनीष के मैथ्यू, तुलसी नगर सेवा सदन में टाइपिस्ट रहे अजमल सिंह मीणा और बैरागढ़ कला निवासी नैन सिंह को आरोपी बनाया गया था.

कौन है सहयोगी संस्थामैसर्स सेंट जूड कॉलोनाइजर नाम से संस्था बनाई गई थी यह भागीदारी संस्था है जिसमें जॉर्ज चेरियन, रिचर्ड डिसल्वा और विपिन टोप्पो मुख्य थे. भोपाल नगर निगम (Bhopal Municipal Corporation) में इस संस्था का पंजीयन वर्ष 2009 में कराया गया था. संस्था के अध्यक्ष जॉन चेरियन थे. मुंटूगल को लेकर ईओडब्ल्यू अफसरों का दावा है कि उनकी नियुक्ति ईसाई महासंघ में जनसंपर्क अधिकारी के रूप में वर्ष 2005-2006 में हुई थी. उन्होंने संस्था के पार्टनर विपिन टोप्पो और कोषाध्यक्ष राय जॉन तट्टा के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा किया. भागीदारी नियम पांच के तहत उल्लंघन करने का आरोप आनंद मुंटूगल पर लगाया गया है. राय जॉन तट्टा आनंद मुंटूगल के निजी सहायक थे.

संस्था के टाइपिस्ट अजमल सिंह मीणा की मदद से उन्होंने अलग-अलग चैकों के माध्यम से रकम निकाली. यह रकम इंद्रपुरी स्थित साउ​थ इंडियन बैंक (South Indian Bank) से निकालकर शाहपुरा स्थित पंजाब नेशनल बैंक में जमा कराई गई. पंजाब नेशनल बैंक शाहपुरा में संस्था का खाता है.

बिना अनुमति के निकाला गया पैसा

वहीं मामले में संलिप्त आरोपी विपिन टोप्पो (Vipin Toppo) ने अपनी पत्नी आभा और बहन क्लारा के नाम से जमीन खरीद ली. मामले की जांच में ईओडब्ल्यू ने पाया कि विपिन ने इस बात की जानकारी सरकारी विभाग से छुपाई थी.

गिरफ्तारी के बाद कोर्ट ने आनंद मुंटूगल को भेजा जेल

EOW ने भोपाल जिला अदालत में उसे पेश किया. इससे पहले जेपी अस्पताल में मुंटूगल का मेडिकल चेकअप कराया गया. अदालत ने आरोपी आनंद मुंटूगल को जेल भेजने का आदेश देते हुए पुलिस को बाकी सदस्यों की तालाश करने को कहा है. बता दें कि इस मामले में यह पहली गिरफ्तारी है.

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First published: December 12, 2019, 8:46 AM IST
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