MP विधानसभा में भी लागू हो सकता है लोकसभा का फॉर्मूला, प्रश्नकाल नहीं होगा!
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MP विधानसभा में भी लागू हो सकता है लोकसभा का फॉर्मूला, प्रश्नकाल नहीं होगा!
विधानसभा के सत्र से पहले बड़ी चिंता मंत्री और विधायकों के कोविड-19 (Covid 19) से संक्रमित होने की है. दरअसल प्रदेश में अब तक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) से लेकर कई मंत्री और विधायक कोराना से संक्रमित हो चुके हैं.

विधानसभा के सत्र से पहले बड़ी चिंता मंत्री और विधायकों के कोविड-19 (Covid 19) से संक्रमित होने की है. दरअसल प्रदेश में अब तक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) से लेकर कई मंत्री और विधायक कोराना से संक्रमित हो चुके हैं.

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भोपाल. मध्य प्रदेश विधानसभा (Madhya pradesh Assembly) का आगामी सत्र 21 सितंबर से शुरू हो रहा है. कोरोना संक्रमण (Corona) के डर के साये में हो रहे इस सत्र को लेकर कई सावधानियां बरतने की तैयारी है. हो सकता है लोकसभा की तर्ज पर विधानसभा सत्र में भी प्रश्नकाल न हो. विधायकों के बीच सोशल डिस्टेंस बनााए रखने के लिए बैठक व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है. बाहरी लोगों और दर्शक दीर्घा बंद रहेगी.

21 से 23 सितंबर तक चलने वाले छोटे सत्र में होने वाले बड़े हंगामे से पहले विधानसभा में प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने मंगलवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है. सुबह 10:00 बजे विधानसभा में होने वाली इस बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ,पूर्व मंत्री पीसी शर्मा शामिल होंगे. बैठक में विधानसभा सत्र के आयोजन को लेकर चर्चा की जाएगी.

प्रश्नकाल न करने पर विचार
खबर इस बात को लेकर है कि विधान सभा सचिवालय लोकसभा की तर्ज पर विधानसभा के सत्र में प्रश्नकाल नहीं करने पर विचार कर रहा है. मंगलवार को होने वाली सर्वदलीय बैठक में इस पर चर्चा हो सकती है. साथ ही छोटे सत्र में लिए जाने वाले विषयों पर भी बैठक में चर्चा होगी. इसके अलावा विधानसभा में सदन के अंदर कार्यवाही संचालन से लेकर विधायकों के बैठने की व्यवस्था भी चर्चा का मुद्दा रहेंगे. विधानसभा सचिवालय में कोविड-19 के संक्रमण के कारण अध्यक्ष दीर्घा और दर्शक दीर्घा में बाहरी लोगों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा. विधायकों के बीच दूरी बनाने के लिए कुछ विधायकों को अध्यक्ष दीर्घा और कुछ विधायकों को दर्शक दीर्घा में बिठाया जा सकता है. इस मामले पर भी सर्वदलीय बैठक में चर्चा के बाद कोई अंतिम फैसला होगा.
सत्र 21 से 23 तक


21 से 23 सितंबर तक चलने वाले विधानसभा के सत्र में सरकार कई विधेयकों को मंजूरी दिलाने की तैयारी में है. लेकिन कोविड-19 संक्रमण के कारण बने हालात के कारण सत्र के आयोजन को लेकर अभी कोई फाइनल तैयारी नहीं हुई है. विधानसभा सचिवालय ने जो शुरुआती खाका तैयार किया है उसकी जानकारी सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं को दी जाएगी. उसी के बाद सत्र की व्यवस्था के संबंध में अंतिम फैसला होगा.

'माननीयों' के संक्रमण की चिंता
विधानसभा के सत्र से पहले बड़ी चिंता मंत्री और विधायकों के कोविड-19 से संक्रमित होने की है. दरअसल प्रदेश में अब तक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से लेकर कई मंत्री और विधायक कोराना से संक्रमित हो चुके हैं. कुछ विधायक अभी भी कोरोना संक्रमण की चपेट में हैं. ऐसे में विधानसभा के सत्र को लेकर किस तरह की व्यवस्था को अपनाया जाए यह एक महत्वपूर्ण विषय हो गया है. इसी संबंध में मंगलवार को होने वाली बैठक में कोई बड़े फैसले हो सकते हैं.
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