Nautapa 2021: नौतपा में MP को चार दिन झुलसाएगी गर्मी, फिर झमाझम बारिश से मौसम होगा सुहावना!

नौतपा 2018 में सबसे अधिक तपा था.

नौतपा 2018 में सबसे अधिक तपा था.

Nautapa News: मध्य प्रदेश में नौतपा 25 मई से 2 जून तक रहेगा. मौसम विभाग के मुताबिक, इस दौरान चार दिन गर्म रहेंगे, तो बाकी दिनों में बारिश की संभावना है.

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भोपाल. मध्य प्रदेश में नौतपा 25 मई से 2 जून (Nautapa 2021) तक होगा, लेकिन इस बार मौसम के हालात मिले-जुले रहेंगे. मौसम विभाग का कहना है कि नौतपे के चार दिन ही गर्म रहेंगे, तो बाकी दिनों में बारिश (Rain) होने की संभावना है. साफ है कि पिछली बार की ही तरह इस नौतपे में भी लोगों को भीषण गर्मी का सामना नहीं करना होगा.

मौसम विभाग के मुताबिक, बीते 9 सालों में सिर्फ 3 साल ही ऐसे रहे हैं जब नौतपा सबसे ज्यादा गर्म रहा है. साल 2015, 2018 और 2019 में नौतपा में औसत तापमान 43 डिग्री के पार था, तो बाकी 6 सालों में औसत तापमान 45 डिग्री तक भी नहीं पहुंच सका. साल 2013 में औसत तापमान 41.2 डिग्री था, 2016 में नौतपा सबसे कम तपा था. उस वक्त औसत तापमान 41.1 डिग्री रहा. 2018 में दिन का औसत तापमान 43.7 डिग्री था. साल 2018 देश भर में सबसे गर्म सालों में गिना जाता है. वहीं, पिछले साल यानी 2020 में तापमान 41.4 डिग्री था.

9 सालों में चार बार तापमान 45 पार पहुंचा पारा

नौतपा के 9 सालों में सिर्फ चार बार ही तापमान 45 डिग्री के पार पहुंचा है. 31 मई 2015 में 45.4 डिग्री, 27 मई और 29 मई 2018 में 45.3 डिग्री और 27 मई 2017 को तापमान 45.1 डिग्री रिकॉर्ड हुआ था.
नौतपा में साल 2018 रहा सबसे गर्म

साल 2016 में नौतपा सबसे कम तपा था और इस दौरान औसत तापमान 41.1 डिग्री रहा था. जबकि 2020 में तापमान 41.1 डिग्री था. इसके अलावा 2013 में 41.2 डिग्री और 2018 में दिन का तापमान 43.7 डिग्री था. बता दें कि साल 2018 देश भर में सबसे गर्म सालों में गिना जाता है.

इस कारण ताप अधिक बढ़ जाता है



नौतपा के दौरान सूर्य की किरणें सीधी पृथ्वी पर आती हैं जिसके चलते तापमान बढ़ता है. इस अधिक तापमान के कारण मैदानी क्षेत्रों में निम्न दबाव का क्षेत्र बनता है. सूर्य 12 राशियों और 27 नक्षत्रों में भ्रमण करता है. ज्योतिषियों के अनुसार, सूर्य कुंडली में जिस भी ग्रह के साथ बैठता है तो उसके प्रभाव का अस्त कर देता है. रोहिणी नक्षत्र का अधिपति ग्रह चंद्रमा होता है. ऐसा में जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है तो वह चंद्र की शीतलता के प्रभाव पूर्णत: समाप्त करके ताप बढ़ा देता है. यानी पृथ्वी को शीतलता प्राप्त नहीं हो पाती. इस कारण ताप अधिक बढ़ जाता है.

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