अम्मा की तर्ज पर चुनावी साल में शिवराज की 'सियासी साड़ी'

आदिवासी महिलाओं को चुनाव से पहले रंगीन साड़ियां खरीदने की तैयारी है. इसके लिए टेंडर जारी हो गये है.

Anurag Shrivastava | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: February 15, 2018, 2:48 PM IST
अम्मा की तर्ज पर चुनावी साल में शिवराज की 'सियासी साड़ी'
सांकेतिक तस्वीर
Anurag Shrivastava | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: February 15, 2018, 2:48 PM IST
तमिलनाडु में पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की ओर से शुरू की गई 'अम्मा कैंटीन' की तर्ज पर मध्य प्रदेश सरकार ने पहले 'दीनदयाल रसोई योजना' की शुरुआत की और अब जयललिता की तरह ही साड़ी के जरिए शिवराज सरकार लाखों महिलाओं का दिल जीतने की कवायद में जुटी है.

चुनावी साल में आदिवासियों को लुभाने की तैयारी है राज्य सरकार करोड़ों खर्च कर तेंदुपत्ता संग्राहकों को चुनाव से पहले फीलगुड कराने की तैयारी में है. चुनाव से पहले बीजेपी सरकार ने हर वर्ग के लिए सरकारी खजाने का मुंह खोल दिया है. सरकार की नजर अब आदिवासी वोट बैंक पर है. इसके लिए सरकार चुनाव से पहले आदिवासियों को जूते-चप्पल और पानी की बोतल देने जा रही है. आदिवासी महिलाओं पर भी सरकार मेहरबान है. आदिवासी महिलाओं को चुनाव से पहले रंगीन साड़ियां खरीदने की तैयारी है. इसके लिए टेंडर जारी हो गये है.

लघु वनोपज संघ के एमडी जव्वाद हसन ने बताया,
राज्य सरकार आदिवासियों के पीने की पाने से लेकर पैरों में जूते चप्पल के साथ साड़ी देने जा रही है. इसके लिए दस लाख सिंथेटिक साड़ी खरीदी जा रही है. जूते चप्पल और पानी की बोतल भी मुहैया कराई जाएगी.


जव्वाद हसन के अनुसार, इसके लिए लघु वनोपज संघ ने करोड़ों रुपए की राशि का प्रावधान किया है. मार्च महीने में इसका वितरण शुरू हो जाएगा.

चुनावी साल में पहले अध्यापक, फिर किसान और अब सरकार की नजर आदिवासी वोट बैंक पर है और यहीं कारण है कि सरकार अब पूरी तरह से आदिवासियों को लुभाने जा रही है. ताकि चुनाव में इस योजना का फायदा लिया जा सके.
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