दीपावली पर जुआरियों का 100 करोड़ का दांव, पुलिस के रडार पर हाईप्रोफाइल जुआरी

Manoj Rathore | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: October 13, 2017, 3:17 PM IST
दीपावली पर जुआरियों का 100 करोड़ का दांव, पुलिस के रडार पर हाईप्रोफाइल जुआरी
पुलिस मुख्यालय
Manoj Rathore | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: October 13, 2017, 3:17 PM IST
मध्यप्रदेश में दीपावली को लेकर हाईप्रोफाइल जुआरी सक्रिय हो गए हैं. जुए की फड़ ऑनलाइन खिलाने के लिए भी जुआरियों ने अच्छा खासा नेटवर्क तैयार कर लिया है. राज्य सायबर पुलिस से लेकर शहरों की क्राइम ब्रांच अलर्ट पर है और पुलिस की रडार पर हाईप्रोफाइल जुआरी हैं. जुए के खेल पर शिकंजा कसने के साथ प्रदेशभर में दीपावली की सुरक्षा में तीस हजार पुलिस जवान तैनात रहेंगे.

इस साल भी पुलिस ने प्रदेशभर में दीपावली पर जुआ खेलने और खिलाने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है.  जैसे—जैसे दीपावली नजदीक आ रही है, वैसे—वैसे हाईप्रोफाइल रसूखदारों और आपराधिक पृष्ठभूमि वालों द्वारा संचालित जुए की फडों पर रौनक बढ़ती जा रही है. पुलिस मुख्यालय के अलर्ट के बाद जिला पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें जुआरियों पर नजर रखे हुए है. पुलिस ने मुखबिरों को सर्तक करने के साथ होटल, लॉज फार्म हाउस और सूनसान इलाके में बने घरों पर नजर रखना शुरू कर दी है.

सूत्रों ने बताया कि राजधानी भोपाल में करीब पांच करोड़ का जुआ खेला जाएगा. इसके अलावा इंदौर में सबसे ज्यादा 6 करोड़, जबलपुर और ग्वालियर में चार-चार करोड़ का दांव लगेगा. प्रदेशभर में करीब सौ करोड़ का दांव लगाने वाले जुआरी पुलिस की रडार पर हैं.

प्रदेशभर में करीब तीस हजार पुलिस जवानों के साये में दीपावली मनाई जाएगी. प्रमुख बाजारों और मोहल्लों में सुरक्षा के लिहाज अतिरिक्त पुलिस फोर्स को तैनात किया गया है. बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, भीड़भाड़ वाले इलाकों, बाजारों और प्रमुख स्थानों पर डॉग और बम स्क्वॉड की मदद से चेकिंग करने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन ने आतिशबाजी के कारण होने वाले हादसों के पीड़ितों के उपचार के लिए अस्पतालों में खास इंतजाम किए हैं. पुलिस प्रशासन के साथ नगर निगम, बिजली विभाग और जिला प्रशासन ने भी अपने-अपने स्तर पर व्यवस्था की है. थाना स्तर पर पेट्रोलिंग के साथ शहर और प्रदेश की सीमाओं पर बेरीकेड्स लगाकर चेकिंग करने के निर्देश भी दिए गए हैं. प्रदेशभर में पुलिस को सतर्क रहने और संवेदनशील और अति संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने के लिए भी कहा गया है.
First published: October 13, 2017
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