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गहलोत-पायलट सियासी घमासान : क्या राजस्थान भेजे जाएंगे कमलनाथ, हाईकमान के बुलावे पर दिल्ली गए

Rajasthan Sankat. अशोक गहलोत ने बीते दिनों कमलनाथ को पार्टी अध्यक्ष बनने के लिए ऑफर दिया था. तब कमलनाथ ने साफ कर दिया था कि वह 2023 के चुनाव तक मध्य प्रदेश नहीं छोड़ेंगे.

Rajasthan Sankat. अशोक गहलोत ने बीते दिनों कमलनाथ को पार्टी अध्यक्ष बनने के लिए ऑफर दिया था. तब कमलनाथ ने साफ कर दिया था कि वह 2023 के चुनाव तक मध्य प्रदेश नहीं छोड़ेंगे.

Rajasthan me Siyasi Ghamasan : कमलनाथ को पार्टी राजस्थान भी भेज सकती है. इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर अशोक गहलोत ...अधिक पढ़ें

भोपाल. राजस्थान में मचे सियासी घमासान के बीच मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और कांग्रेस के सीनियर नेता कमलनाथ दिल्ली पहुंच गए हैं. पार्टी हाईकमान ने राजस्थान संकट बढ़ता देख कमलनाथ को दिल्ली बुलाया है. कांग्रेस पार्टी को उम्मीद है अशोक गहलोत के साथ कमलनाथ के अच्छे रिश्तों का फायदा पार्टी को मिल सकता है.

मध्य प्रदेश में कल मंगलवार को स्थानीय निकाय चुनाव हैं. कमलनाथ उसमें व्यस्त थे. लेकिन अचानक दिल्ली से बुलावा आने के कारण कमलनाथ दिल्ली रवाना हो गए. बताया जा रहा है कि कमलनाथ यहां पर दिल्ली के बड़े नेताओं के साथ राजस्थान में अशोक गहलोत के साथ भी संपर्क में हैं. राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच गतिरोध खत्म करने का कोई एक रास्ता निकालने की कोशिश हो रही है. इससे पहले कांग्रेस पार्टी ने सीनियर लीडर अजय माकन, मल्लिकार्जुन खड़गे को राजस्थान भेजा था. लेकिन दोनों ही नेता राजस्थान के हालात सुधारने में नाकाम साबित हुए. अब सोनिया गांधी के करीबी कमलनाथ को राजस्थान के सियासी संकट से उबारने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

क्या राजस्थान जाएंगे कमलनाथ
सूत्रों के मुताबिक कमलनाथ को पार्टी राजस्थान भी भेज सकती है. इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर अशोक गहलोत और कमलनाथ के बीच में फोन पर चर्चा हो चुकी है. कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष बनने के लिए अशोक गहलोत पर पार्टी का दबाव है. सूत्रों के मुताबिक अशोक गहलोत ने पार्टी अध्यक्ष का ऑफर कमलनाथ को दिया था. अशोक गहलोत ने बीते दिनों कमलनाथ से फोन पर चर्चा कर उन्हें पार्टी अध्यक्ष बनने के लिए मनाने की कोशिश की थी. तब कमलनाथ ने साफ कर दिया था कि वह 2023 के चुनाव तक मध्य प्रदेश नहीं छोड़ेंगे. यही वजह रही कि अशोक गहलोत का नाम पार्टी अध्यक्ष के लिए सबसे ऊपर बना रहा. लेकिन अब जिस तरीके से राजस्थान के हालात बने हैं उन हालात से उबारने के लिए कमलनाथ को बुलाया गया.

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कमलनाथ की क्या होगी भूमिका
राजस्थान में तेजी के साथ बदल रहे घटनाक्रम के बाद कमलनाथ की भूमिका क्या होगी. अभी एकदम साफ नही है. लेकिन अचानक दिल्ली रवाना होने से राजस्थान के सियासी माहौल की हवा सुधारने में कमलनाथ का अहम रोल होगा. इससे पहले भी कांग्रेस पार्टी संकट के समय कमलनाथ को अहम जिम्मेदारी सौंप चुकी है. लेकिन इस बार की जिम्मेदारी ज्यादा बड़ी है और अब कमलनाथ पार्टी हाईकमान और राजस्थान इकाई के बीच चल रहे सियासी उठापटक के बीच किस तरीके से पार्टी की नैया पार लगा दें.

संकट मोचन कमलनाथ
कांग्रेस मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कमलनाथ दिल्ली गए हैं. हमें ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि पार्टी ने उन्हें जिम्मेदारी दी है. लेकिन संकट में पार्टी उनकी मदद लेती है और यही वजह है कि राजस्थान के सियासी हालात के बीच कमलनाथ को दिल्ली बुलाया गया है.

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