• Home
  • »
  • News
  • »
  • madhya-pradesh
  • »
  • BHOPAL GOOD NEWS FOR TOURISTS TWO NEW TIGER CUBS SEEN IN BANDHAVGARH TIGER RESERVE MP MPNS

Good news: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में दिखे 2 नन्हें शावक, मैनेजमेंट को सता रही सुरक्षा की चिंता

मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में शावकों के आने से खुशी का माहौल छा गया है. (सांकेतिक तस्वीर)

Good news: मध्य प्रदेश का बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व. यहां गश्तीदल को 2 नए शावक दिखाई दिए. अब यहां एक वर्ष में 41 शावक हो गए हैं. 6 महीने पहले भी बाघिन ने यहां शावकों को जन्म दिया था.

  • Share this:
भोपाल. टाइगर स्टेट मध्य प्रदेश के लिए अच्छी खबर है. बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघ के दो नन्हें शावक दिखाई दिए हैं. ये दूसरी बार है जब कुछ ही महीनों के अंतराल में नए शावक दिखे हैं. रिजर्व में पहले से ही 3 और 6 महीने के 6 नए शावक मौजूद हैं. इस तरह अब यहां कुल शावकों की संख्या 8 हो गई है. इनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य-प्राणी) आलोक कुमार ने बताया कि मानपुर परिक्षेत्र के बड़खेड़ा बीट की एक गुफा में गश्ती दल ने दो नवजात शावकों को देखा. इसी तरह पनपथा कोर परिक्षेत्र के चन्सुरा और बिरुहली क्षेत्र में तकरीबन 3-3 माह के 4 शावक होने की पुष्टि हुई है.
आलोक कुमार ने बताया कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा एक वर्ष तक के बाघों के होने की जानकारी तैयार की गई है.

41 शावक होने के सबूत मिले

जानकारी के मुताबिक, ट्रेक कैमरा और प्रत्यक्ष रूप से देखने में रिजर्व में बाघों के 41 शावकों के प्रमाण मिले हैं. कल्लवाह परिक्षेत्र में 8 से 10 माह के 4 शावक, ताला परिक्षेत्र में बाघिन टी-17 के 5, पतौर परिक्षेत्र में 8 से 10 माह के 12, धमोखर परिक्षेत्र में 6 माह के 4, पनपथा बफर परिक्षेत्र में 3 माह के 2, पनपथा कोर परिक्षेत्र में 3 माह के 2, भानपुर में नवजात 2 शावक, मगधी परिक्षेत्र में 10 से 12 माह के 5 और खितौली परिक्षेत्र में 8 से 12 माह के 4 शावकों की पुष्टि परिक्षेत्र अधिकारियों ने की है.

हमारी जिम्मेदारी भी बढ़ी- अधिकारी

बता दें, पार्क का ताला क्षेत्र में बाघिन टी-17 के 4 शावक पर्यटकों को निरंतर आकर्षित कर रहे हैं. प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य-प्राणी) आलोक कुमार ने बताया कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघों का कुनबा तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में अब पार्क प्रबंधन की भी जिम्मेदारी बढ़ गई है. शावकों की सुरक्षा बेहतर तरीके से करनी है, ताकि वे टाइगर रिजर्व एरिया का लंबे समय तक हिस्सा बने रहें.