कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों को बचाने के लिए माता-पिता को सरकार देगी ट्रेनिंग... 

तीसरी लहर में बच्चों (Children) में कोरोना संक्रमण बढ़ने की संभावना एक चिंता का विषय बन गई है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

Bhopal- कोरोना से बचाने के लिए बच्चों को भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रखना है. मास्क, सैनिटाइजर और कोरोना गाइड लाइन का पालन करना है. बच्चों को प्रोटीन वाली डाइट देनी है.

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भोपाल. कोरोना की तीसरी लहर ( Third wave) आने की आशंका है. इसमें सबसे ज्यादा खतरा बच्चों को हो सकता है. इससे निपटने के लिए मध्य प्रदेश में सरकार ने अभी से एहतियात बरतने शुरू कर दिए हैं. सरकार अब बच्चों के माता-पिता को ट्रेनिंग देगी. यह ट्रेनिंग इसलिए दी जाएगी ताकि बच्चों को कोरोना से बचाया जा सके.

चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा प्रदेश में कोरोना के केस काफी कम हो चुके हैं. ज़्यादातर जिले कोरोना मुक्त हो गए हैं. प्रदेश में कोरोनो की स्थिति अब बेहतर हो चुकी है. लगभग सभी गतिविधियां शुरू कर दी गयी हैं. कुछ ही गतिविधियां बची हैं जिन पर जल्द विचार होगा. सरकार की कोशिश है कि आर्थिक गतिविधियां हों लेकिन संक्रमण भी न बढ़े.

माता-पिता को ट्रेनिंग
विश्वास सारंग ने कहा तीसरी लहर से निपटने के लिए हम युद्ध स्तर पर तैयारी कर रहे हैं. अस्पतालों में बच्चों के इलाज के लिए अलग से वॉर्ड तैयार किए जा रहे हैं. इस तीसरी वेब में बच्चों को कोरोना का सबसे ज्यादा खतरा होने की आशंका है. इसलिए उससे बचाव के लिए अब बच्चों के माता पिता को ट्रेनिंग दी जाएगी.

माता-पिता के लिए ये है ट्रेनिंग शेड्यूल
सरकार अस्पताल से लेकर तमाम स्तर पर तैयारी कर रही है. इसी तैयारी के बीच सरकार बच्चों के माता-पिता को कोरोना से बचने के लिए ट्रेनिंग देगी. सबसे पहले सरकार ने माता पिता को वैक्सीनेशन में प्राथमिकता दी है. ताकि घर में बच्चे सुरक्षित रह सकें. ट्रेनिंग में बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए टिप्स दिए जाएंगे. उन्हें बताया जाएगा कि बच्चों को किस तरह रखना है. उन्हें भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रखना है. मास्क, सैनिटाइजर और कोरोना गाइड लाइन का पालन करना है. बच्चों को प्रोटीन वाली डाइट देनी है. किन दवाओं का इस्तेमाल करना है. कोरोना से बचना है और क्या-क्या सावधानी रखनी है. साथ ही कोरोना के लक्षण होने पर किस तरह से अस्पताल पहुंचना है. सरकार ट्रेनिंग के साथ 24 घंटे मदद के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी करेगी.

ये है बच्चों की स्थिति...
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार तीसरी लहर के आने से पहले प्रदेश के करीब 53086 हज़ार बच्चों को कोरोना संक्रमण हो चुका है. इनमें 5 साल से कम उम्र के बच्चों की संख्या 6825, 1 साल तक के बच्चों की संख्या 987 है. संक्रमित बच्चों में 31 हज़ार लड़के और 22 हज़ार लड़कियां हैं. 0 से 1 साल तक के करीब 987 बच्चे संक्रमित हुए. इनमें से 581 लड़के और 406 लड़कियां हैं. 1 से 2 साल तक के करीब 1292 बच्चे कोरोना पॉजिटिव हुए. इनमें 724 लड़के और 568 लड़कियां हैं. 2 से 5 साल तक के 4546 बच्चे संक्रमित हुए. इनमें 2508 लड़के और 2038 लड़कियां हैं. 5 से 10 साल तक के करीब 10362 बच्चे संक्रमित हुए इनमें 5867 लड़के और 4495 लड़कियां हैं. 10 से 14 साल तक के 12877 बच्चे संक्रमित हुए इनमें 7332 लड़के और 5545 लड़कियां हैं. 14 से 18 साल तक के 23022 बच्चे संक्रमित हुए. इनमें 13992 लड़के और 9030 लड़कियां हैं.

सरकार की ये है तैयारी...
कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमित होने के अलर्ट के बीच मेडिकल कॉलेजों में सर्व सुविधा युक्त ICU वार्ड तैयार किए जा रहे हैं. 360 बिस्तरों के साथ ICU वार्ड बनाया जा रहा है. भोपाल के हमीदिया अस्पताल में 50 बिस्तरों का अस्पताल बच्चों के लिए तैयार हो रहा है. उनका इलाज करने के लिए भोपाल के शिशु रोग विशेषज्ञ दूसरे विभागों के डॉक्टर्स को ट्रेनिंग देंगे. इसके लिए ट्रेनिंग मॉड्यूल तैयार किया जा रहा है.

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